पीडीडीयू नगर। चकिया क्षेत्र के मुजफ्फर बीयर से निकली 60 साल पुराने राइट पथरहवा नहर की जल्द दशा सुधरेगी। सिंचाई विभाग ने एक करोड़ 40 लाख की कार्य योजना बनाकर शासन को प्रेषित की थी जिसे हरी झंडी मिल गई है। नहर का पुनरुद्धार हो जाने से चकिया विकासखंड के कई गांव के किसानों को फायदा होगा। क्षेत्र में खेतों तक प्रचुर मात्रा में पानी पहुंचाने के लिए वर्ष 1962 में मुजफ्फरपुर बीयर का निर्माण कराया गया था। इस बीयर में चंद्रप्रभा डैम से पानी पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। बीयर से निकले चंद्रावती नाले के पानी को बांधकर इसमें से राइट पथरहवा व लेफ्ट पथरहवा नहरें निकाली गईं हैं। इनमें राइट पथरहवा नहर की हालत देखभाल के अभाव में काफी खराब हो गई है। करीब छह किलोमीटर लंबी इस नहर के तटबंध, कुलावा व झाल जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और पूरी नहर झाड़-झंखाड़ से पट गई है। किसानों का कहना है कि कई वर्षों से इस नहर से खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। नहर की हालत सुधारने के लिए किसानों ने कई बार धरना-प्रदर्शन भी किया पर कोई हल नहीं निकला। अब सिंचाई विभाग ने इसकी दशा सुधारने का जिम्मा उठाया है। नहर का पुनरुद्धार हो जाने से किसानों को काफी राहत मिलेगी। शासन द्वारा धन अवमुक्त होने के बाद नहर की लाइनिंग का कार्य कराया जाएगा। इसके तहत क्षतिग्रस्त तटबंधों की आरसीसी पद्धति से ढलाई कराई जाएगी। साथ ही क्षतिग्रस्त कुलावों व झालों को भी बनवाया जाएगा। इसके अलावा नहर की साफ-सफाई भी कराई जाएगी। नहर का पुनरुद्धार कार्य हो जाने से चकिया विकासखंड के गरला, दूबेपुर, पुरानी चकिया, मोहम्मदाबाद, डूही-सूही, लालपुर, बोदराकला सहित करीब एक दर्जन गांव के किसानों के करीब 150 हेक्टेयर खेत आसानी से सिंचित होने लगेंगे। अभी इन किसानों को सिंचाई के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। चंद्रप्रभा प्रखंड के एक्सईएन सर्वेशचंद्र सिन्हा ने कहा कि राइट पथरहवा नहर की मरम्मत कराए जाने की किसान काफी दिनों से मांग कर रहे थे। नहर के पुनरुद्धार के लिए एक करोड़ 40 लाख रुपये की कार्ययोजना शासन को प्रेषित की गई थी। कार्ययोजना को शासन से हरी झंडी मिल गई है। शीघ्र ही टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर कार्य आरंभ करा दिया जाएगा।