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Chandauli News: ठंड बढ़ी, नहीं जल रहे अलाव
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ीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर खुले आसमान के नीचे सोने को विवश यात्री
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। ठंड पड़ने लगी है। रात में सर्द हवाओं के चलते गलन हो रही है। दूसरी तरफ प्रशासन कंबल ओढ़ कर सोया है। यही कारण है कि अब तक जिले में कभी भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे लोग ठंड में ठिठुरने को मजबूर हैं। सबसे अधिक परेशानी रात में बाहर निकलने वाले राहगीरों को हो रही है।
जिले में ठंड का प्रभाव बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम 26 और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं रात में 8.6 किमी रफ्तार से हवा चलती रही। इससे गलन बढ़ गई है। बावजूद इसके अब तक कही अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जिले के पांचों तहसीलों में प्रतिवर्ष दिसंबर माह में अलाव जलने की शुरूआत हो जाती रही है। इसके लिए तहसील स्तर पर लकड़ी खरीदने के लिए पैसा जारी होता है और लेखपाल की देख रेख में चट्टी चौराहों पर अलाव जलती है। इस वर्ष निकाय चुनाव में प्रशासन व्यस्त है। वहीं जनप्रतिनिधि भी लोगों की भलाई छोड़ चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में अलाव देखने वाला कोई नहीं रहा गया है। जिले के सबसे बड़े नगर में चालीस से अधिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती है लेकिन यहां भी पालिका प्रशासन अभी तक सिर्फ टेंडर प्रक्रिया में ही उलझा हुआ है।
चेयरमैन संतोष खरवार ने बताया कि लकड़ी के लिए टेंडर किया जा रहा है। दो चार दिन में अलाव जलाने की व्यवस्था की जाएगी। जिले के एक मात्र नगर पालिका पीडीडीयू नगर में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के साथ विभिन्न चट्टी चौराहों पर लोग देर रात तक जुटे रहते हैं। वहीं आटो, रिक्शा चालक भी पूरी रात खुले में बिताते हैं। ऐसे में अलाव न जलने से लोग लकड़ी, पॉलिथीन, कागज आदि बटोर कर जलाकर अलाव तापने को विवश हैं। यही हाल, चंदौली, चकिया और सैयदराजा नगर पंचायतों का भी है। पडा़व संवाददाता के अनुसार दो जिलों को जोड़ने वाले स्थानीय चौराहे पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने कहा कि अलाव के लिए धन जारी हो चुका है। जल्द ही चट्टी चौराहों पर अलाव जलेगा।
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जिले में ठंड का प्रभाव बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम 26 और न्यूनतम नौ डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। वहीं रात में 8.6 किमी रफ्तार से हवा चलती रही। इससे गलन बढ़ गई है। बावजूद इसके अब तक कही अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जिले के पांचों तहसीलों में प्रतिवर्ष दिसंबर माह में अलाव जलने की शुरूआत हो जाती रही है। इसके लिए तहसील स्तर पर लकड़ी खरीदने के लिए पैसा जारी होता है और लेखपाल की देख रेख में चट्टी चौराहों पर अलाव जलती है। इस वर्ष निकाय चुनाव में प्रशासन व्यस्त है। वहीं जनप्रतिनिधि भी लोगों की भलाई छोड़ चुनाव की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में अलाव देखने वाला कोई नहीं रहा गया है। जिले के सबसे बड़े नगर में चालीस से अधिक स्थानों पर अलाव की व्यवस्था की जाती है लेकिन यहां भी पालिका प्रशासन अभी तक सिर्फ टेंडर प्रक्रिया में ही उलझा हुआ है।
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चेयरमैन संतोष खरवार ने बताया कि लकड़ी के लिए टेंडर किया जा रहा है। दो चार दिन में अलाव जलाने की व्यवस्था की जाएगी। जिले के एक मात्र नगर पालिका पीडीडीयू नगर में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के साथ विभिन्न चट्टी चौराहों पर लोग देर रात तक जुटे रहते हैं। वहीं आटो, रिक्शा चालक भी पूरी रात खुले में बिताते हैं। ऐसे में अलाव न जलने से लोग लकड़ी, पॉलिथीन, कागज आदि बटोर कर जलाकर अलाव तापने को विवश हैं। यही हाल, चंदौली, चकिया और सैयदराजा नगर पंचायतों का भी है। पडा़व संवाददाता के अनुसार दो जिलों को जोड़ने वाले स्थानीय चौराहे पर अभी तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी होती है। इस संबंध में अपर जिलाधिकारी उमेश मिश्र ने कहा कि अलाव के लिए धन जारी हो चुका है। जल्द ही चट्टी चौराहों पर अलाव जलेगा।
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