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जनपद को टीबी मुक्त करने की दिशा में चल रहा अभियान
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जनपद को टीबी मुक्त करने की दिशा में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 31 अक्तूबर तक एक्टिव केस फाइंडिंग (एसीएफ़) व निक्षय पोषण योजना (डीबीटी) अभियान चलाया जा रहा है। चार चरणों में चल रहे अभियान में अनाथालय, नारी निकेतन, बाल संरक्षण गृह, कारागार, वृद्धाश्रम, मदरसा, सब्जी मंडी, फल मंडी, लेबर मार्केट, निर्माणाधीन प्रोजेक्ट, ईंट-भट्ठा और साप्ताहिक बाजार में लोगों की स्क्रीनिंग व जांच की जा रही है। यह जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. डीएन मिश्रा ने दी है।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 376 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। इसमें 31 लोगों की जांच हुई जिसमें तीन मरीज मिले। दूसरे चरण में 88 व्यक्तियों की जांच हुई जिसमें नौ मरीज मिले। तीसरे चरण में 4021 लोगों की स्कीनिंग की गई जिसमें 55 टीबी के लक्षण वालों में नौ लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा अभियान के तहत अब तक 21 मरीजों का इलाज चल रहा है। जिला कार्यक्रम समन्वयक पूजा राय ने बताया कि जनपद में एक जनवरी 2021 से अब तक 1988 टीबी मरीज चिह्नित किए गए हैं। इसमें 1306 मरीजों का इलाज चल रहा है। निक्षय पोषण योजना के तहत अब तक 23 लाख से अधिक रुपये मरीजों को डीबीटी का भुगतान किया जा चुका है। बताया कि दो माह तक चलने वाले एसीएफ अभियान का चतुर्थ चरण े 31 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं जनपद के निजी चिकित्सकों से संपर्क कर प्राईवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज खोजे जा रहे हैं। निक्षय पोषण योजना के अन्तर्गत पंजीकृत समस्त क्षय रोगियों का डीबीटी कराया जाएगा। सभी नौ ब्लॉकों के प्रधानों को टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम पर एक दिवसीय परिचयात्मक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में टीबी के लक्षणों के अलावा सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता के बारे में भी बताया जा रहा है। प्रधानों से से टीबी के मरीजों की खोजने में मदद करने की अपील की गई है।
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उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में 376 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की गई है। इसमें 31 लोगों की जांच हुई जिसमें तीन मरीज मिले। दूसरे चरण में 88 व्यक्तियों की जांच हुई जिसमें नौ मरीज मिले। तीसरे चरण में 4021 लोगों की स्कीनिंग की गई जिसमें 55 टीबी के लक्षण वालों में नौ लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है। इसके अलावा अभियान के तहत अब तक 21 मरीजों का इलाज चल रहा है। जिला कार्यक्रम समन्वयक पूजा राय ने बताया कि जनपद में एक जनवरी 2021 से अब तक 1988 टीबी मरीज चिह्नित किए गए हैं। इसमें 1306 मरीजों का इलाज चल रहा है। निक्षय पोषण योजना के तहत अब तक 23 लाख से अधिक रुपये मरीजों को डीबीटी का भुगतान किया जा चुका है। बताया कि दो माह तक चलने वाले एसीएफ अभियान का चतुर्थ चरण े 31 अक्टूबर तक चलेगा। वहीं जनपद के निजी चिकित्सकों से संपर्क कर प्राईवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे मरीज खोजे जा रहे हैं। निक्षय पोषण योजना के अन्तर्गत पंजीकृत समस्त क्षय रोगियों का डीबीटी कराया जाएगा। सभी नौ ब्लॉकों के प्रधानों को टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम पर एक दिवसीय परिचयात्मक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में टीबी के लक्षणों के अलावा सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता के बारे में भी बताया जा रहा है। प्रधानों से से टीबी के मरीजों की खोजने में मदद करने की अपील की गई है।
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