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नहीं बन पायी एमआरएफ सेंटर की चहारदीवारी, अधर में लटकी 34 लाख की योजना
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पीडीडीयू नगर। कूड़ा डंप करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन मिले डेढ़ वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। वहां अब तक न तो चहारदीवारी का निर्माण हो सका है और न ही वहां एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर नहीं बन पाया है। हालांकि अधिकारी दिसंबर के अंत तक चहारदीवारी का कार्य पूरा कराने समेत एमआरएफ सेंटर को शुरू करने का दावा कर रहे हैं।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर से हर रोज 35 टन कचरा निकलता है। कचरे के निस्तारण के लिए पालिका के पास जमीन नहीं होने कारण कूड़े को सड़क किनारे फेंका जाता था। काफी प्रयास के बाद जिला प्रशासन की ओर से सकलडीहा तहसील क्षेत्र के सलेमपुर में डेढ़ हेक्टेयर भूमि मार्च 2020 में नगर पालिका को उपलब्ध कराई गयी। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका की ओर से वहां एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी) सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 54 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया। जिसके तहत बीस लाख रुपये चहारदीवारी व 34 लाख रुपये एमआरएफ सेंटर के निर्माण पर खर्च किये जाने थे। डेढ़ वर्ष बाद भी अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो पाया है। वहीं एमआरएफ सेंटर भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में पालिका वहां कूड़ा डंप तो कर रही है लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कई बार पालिका की ओर से अब भी कूड़े को ग्रामीण क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। इससे वहां उठने वाली दुर्गंध से लोगों को काफी परेशानी होती है।
चहारदीवारी निर्माण के लिए जिस फर्म को टेंडर दिया गया था उसमें आपत्ति आनेे के कारण उसकी जांच चल रही थी। अब दूसरी फर्म को कार्य देकर दिसंबर तक चहारदीवारी के निर्माण को पूरा करा लिया जाएगा। साथ ही एमआरएफ सेंटर को शुरू करा दिया जाएगा। कृष्णंचद्र, ईओ, नगर पालिका पीडीडीयू नगर
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पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर से हर रोज 35 टन कचरा निकलता है। कचरे के निस्तारण के लिए पालिका के पास जमीन नहीं होने कारण कूड़े को सड़क किनारे फेंका जाता था। काफी प्रयास के बाद जिला प्रशासन की ओर से सकलडीहा तहसील क्षेत्र के सलेमपुर में डेढ़ हेक्टेयर भूमि मार्च 2020 में नगर पालिका को उपलब्ध कराई गयी। इसके बाद स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका की ओर से वहां एमआरएफ (मेटेरियल रिकवरी फेसिलिटी) सेंटर बनाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए 54 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया। जिसके तहत बीस लाख रुपये चहारदीवारी व 34 लाख रुपये एमआरएफ सेंटर के निर्माण पर खर्च किये जाने थे। डेढ़ वर्ष बाद भी अब तक चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो पाया है। वहीं एमआरएफ सेंटर भी शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में पालिका वहां कूड़ा डंप तो कर रही है लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। कई बार पालिका की ओर से अब भी कूड़े को ग्रामीण क्षेत्रों में फेंक दिया जाता है। इससे वहां उठने वाली दुर्गंध से लोगों को काफी परेशानी होती है।
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चहारदीवारी निर्माण के लिए जिस फर्म को टेंडर दिया गया था उसमें आपत्ति आनेे के कारण उसकी जांच चल रही थी। अब दूसरी फर्म को कार्य देकर दिसंबर तक चहारदीवारी के निर्माण को पूरा करा लिया जाएगा। साथ ही एमआरएफ सेंटर को शुरू करा दिया जाएगा। कृष्णंचद्र, ईओ, नगर पालिका पीडीडीयू नगर
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