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पंचायत के बाद छात्रसंघ और कालेज प्रशासन का विवाद खत्म
अमर उजाला ब्यूरो मुग़लसराय।
Updated Sat, 30 Jan 2016 01:07 AM IST
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स्थानीय लाल बहादुर शास्त्री पीजी कॉलेज में संस्थापक की मूर्ति लगने के बाद छात्रसंघ उपाध्यक्ष और महाविद्यालय प्रशासन के बीच चल रहा विवाद शुक्रवार को एसडीएम और सीओ सदर के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। निर्णय हुआ की 13 फ़रवरी को कालेज प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में छात्रसंघ उपाध्यक्ष की उनकी नेक सोच के लिए सम्मानित किया जायेगा।
लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कालेज के संस्थापक पंडित पारसनाथ तिवारी की प्रतिमा लगाने के बाद उस पर लगे शिलापट्ट को लेकर छात्रसंघ उपाघ्यक्ष क्षितिश कुमार व कालेज प्रशासन के बीच रार फंस गई। गुरुवार को मूर्ति के नीचे लगे शिलापट्ट को हटाने के विरोध में छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया। कोतवाली प्रभारी के समझाने पर छात्र माने व सीओ और एसडीएम को पत्रक देने पर रजामंद हुए। शुक्रवार की शाम एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा और सीओ सदर प्रमोद यादव विवाद को समाप्त करने के लिए कॉलेज पहुंचे। यहां प्रबंधक राजेश तिवारी और छात्र नेताओं से वार्ता कर पूरे मामले को समझा। इसके बाद कॉलेज प्रशासन व छात्रसंघ उपाध्यक्ष को इस बात पर राजी किया कि प्रतिमा पर लगने वाले शिलापट्ट पर केवल संस्थापक का नाम, उनके जीवनकाल का विवरण उल्लेखित होगा। 13 फ़रवरी को संस्थापक के जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में छात्रसंघ उपाध्यक्ष क्षितिश कुमार के इस नेक सोच के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जायेगा। इस दिन महाविद्यालय प्रशासन मूर्ति का अनावरण भी करेगी। इस संबंध में एसडीएम सदर ने बताया की विवाद को हल कर लिया गया है। इस पर दोनों पक्षों ने अपनी अपनी सहमती जता दी है।
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लाल बहादुर शास्त्री स्नातकोत्तर महाविद्यालय में कालेज के संस्थापक पंडित पारसनाथ तिवारी की प्रतिमा लगाने के बाद उस पर लगे शिलापट्ट को लेकर छात्रसंघ उपाघ्यक्ष क्षितिश कुमार व कालेज प्रशासन के बीच रार फंस गई। गुरुवार को मूर्ति के नीचे लगे शिलापट्ट को हटाने के विरोध में छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया। कोतवाली प्रभारी के समझाने पर छात्र माने व सीओ और एसडीएम को पत्रक देने पर रजामंद हुए। शुक्रवार की शाम एसडीएम सदर गिरीश कुमार शर्मा और सीओ सदर प्रमोद यादव विवाद को समाप्त करने के लिए कॉलेज पहुंचे। यहां प्रबंधक राजेश तिवारी और छात्र नेताओं से वार्ता कर पूरे मामले को समझा। इसके बाद कॉलेज प्रशासन व छात्रसंघ उपाध्यक्ष को इस बात पर राजी किया कि प्रतिमा पर लगने वाले शिलापट्ट पर केवल संस्थापक का नाम, उनके जीवनकाल का विवरण उल्लेखित होगा। 13 फ़रवरी को संस्थापक के जयंती पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में छात्रसंघ उपाध्यक्ष क्षितिश कुमार के इस नेक सोच के लिए उन्हें सम्मानित भी किया जायेगा। इस दिन महाविद्यालय प्रशासन मूर्ति का अनावरण भी करेगी। इस संबंध में एसडीएम सदर ने बताया की विवाद को हल कर लिया गया है। इस पर दोनों पक्षों ने अपनी अपनी सहमती जता दी है।
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