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Chandauli News: आफत बनकर आई आंधी, पीपापुल का अप्रोच मार्ग ध्वस्त
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पीडीडीयू नगर। बृहस्पतिवार की दोपहर में आधे घंटे चली आंधी आफत बनकर आई। धानापुर स्थित नगवा-चोचकपुर पीपा पुल का अप्रोच ध्वस्त हो गया। इससे आवागमन ठप हो गया। चहनिया में पेड़ गिरने से मकान ध्वस्त हो गया। कमालपुर में भी मिट्टी का घर गिर गया। नगर के पथरा में दीवार गिरने से दबकर पांच भेड़ें मर गईं। तीन जगह बिजली के खंभे गिर गए। आंधी के दौरान दोपहर में करीब 20 मिनट तक रात जैसा अंधेरा छाया रहा। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में तीन-तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
जिले में बृहस्पतिवार को दिन में करीब 12 बजे अचानक धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। आधे घंटे तक दिन में रात के समान अंधेरा छाया रहा। आंधी-पानी के कारण जिले के कई क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई, जो देर शाम तक बहाल नहीं हुई।
मौसम में अचानक हुए परिवर्तन से गेहूं की मड़ाई का काम बाधित हो गया, वहीं आम की फसल 50 फीसदी से ज्यादा बर्बाद हो गई है। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान बुधवार के 40 डिग्री से तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 37 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से घटकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद मौसम सामान्य हो गया और धूप भी निकल आई।
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उधर, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने कहा कि बारिश और आंधी के कारण जिन किसानाें की फसलों को क्षति पहुंची है और अपनी फसल का बीमा कराया है, वे टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के अंदर फोन कर फसल की क्षति होने की सूचना दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो तो तत्काल जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से अवगत करा दें, ताकि नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके। उधर, नगवा-चोचकपुर पीपा पुल का अप्रोच तेज आंधी-पानी से ध्वस्त हो गया। इससे पुल पर आवागमन बंद हो गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि पुल चालू होने में 24 घंटे लग जाएंगे। महाकुंभ के कारण लगभग चार माह से पीपा पुल बंद था, क्योंकि महाकुंभ के लिए पुल पर लगे लोहे की प्लेट प्रयागराज भेज दिए गए थे। वहां से वापस आने के बाद एक सप्ताह पहले पुल से आवागमन शुरू हुआ था। इस बीच आंधी और बारिश के कारण पीपा पुल का अप्रोच ध्वस्त होने से फिर आवागमन ठप हो गया है। पीडब्ल्यूडी के जेई आरके चौहान ने बताया कि शुक्रवार को शाम तक अप्रोच को जोड़ दिया जाएगा।
उधर, नगर पालिका के वार्ड नंबर आठ पथरा में आंधी-पानी के दौरान दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर पांच भेड़ मर गईं और 10 घायल हो गईं। वार्ड के रामधनी पाल व महेंद्र पाल भेड़ चरा रहे थे। उसी समय आई आंधी से पास की दीवार गिर गई। उसके नीचे भेड़ें दब गईं। वहीं भेड़ चरा रहे पशुपालक महेंद्र के पैर में भी चोट आ गई है। सूचना पर पहुंचे लेखपाल सलमान खान ने मौका मुआयना किया। उधर, धानापुर विकासखंड के प्रहलादपुर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान पहलवान मौर्य के घर की कच्ची दीवार गिर गई। विकास बिंद के करकट से बने घर पर बिजली गिरने से करकट की छत फट गई। संयोग था कि परिवार का कोई सदस्य उस दौरान घर में नहीं था। इसके अलावा कमालपुर कस्बा में मदन मोहन रस्तोगी की दुकान पर रखी कुर्सी उड़कर 11 हजार वोल्ट के तार पर अटक गई। उधर, बृहस्पतिवार को दोपहर में तेज हवा और गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दोपहर बाद हुई तेज बारिश के चलते किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। तेज हवा व बारिश से जहां गेहूं की खड़ी फसल की कटाई में देर होगी, वहीं जो फसल कट चुकी है, उसकी मड़ाई में भी देर होगी। किसानों ने बताया कि अभी सिर्फ 10 से 15 फीसदी गेहूं की कटाई हो पाई है। बाकी फसल खेतों में पड़ी है। आम की फसल को भी करीब 50 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। आम के टिकोरे तेज हवा से गिरकर बर्बाद हो गए हैं। उधर, बृहस्पतिवार को आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। चंदासी उपकेंद्र से जुड़े नगर के 25 वार्डों और पराहुपुर, कूड़े खुर्द, लखमीपुर, ओड़वार, भोगवार, छेमिया सहित 10 गांवों की आपूर्ति मौसम को देखते हुए बंद कर दी गई थी। मौसम सामान्य होने के बाद दिन मेंे एक बजे के करीब आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन दो बजे फिर आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र से निकले फीडर संख्या दो के जेई मुकेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद साहूपुरी उपकेंद्र से चंदासी उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार की लाइन में गड़बड़ी पैदा हो गई है। महमूदपुर में हाईमास्ट का पोल टूटकर बिजली के तारों पर गिर गया। इससे करीब 100 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सूचना पर पहुंचे विभाग के कर्मियों ने पोल हटाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। छह बजे के करीब आपूर्ति बहाल हुई। उधर, नियामताबाद विकास खंड के बिलारीडीह और बरहुली बिजली उपकेंद्र से जुड़े करीब 72 गांवों की बिजली आपूर्ति बुधवार को करीब छह घंटे तक ठप रही। शाम लगभग सात बजे अचानक तेज हवा के झोंके के कारण 33 हजार वोल्ट का एक खंभा बरहुली नहर के पास झुक गया। जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इससे क्षेत्रीय ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही एसडीओ जीवनाथपुर अमर सिंह पटेल, जेई मुहम्मद शाहिद और लाइनमैन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रात में नया खंभा लगाया। तब जाकर रात करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा के कारण खंभे के झुकने की घटना अप्रत्याशित थी। त्वरित कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और रखरखाव पर जोर देने की बात कही।
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जिले में बृहस्पतिवार को दिन में करीब 12 बजे अचानक धूल भरी तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद जिले के अधिकांश हिस्सों में बारिश हुई। आधे घंटे तक दिन में रात के समान अंधेरा छाया रहा। आंधी-पानी के कारण जिले के कई क्षेत्रों की बत्ती गुल हो गई, जो देर शाम तक बहाल नहीं हुई।
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मौसम में अचानक हुए परिवर्तन से गेहूं की मड़ाई का काम बाधित हो गया, वहीं आम की फसल 50 फीसदी से ज्यादा बर्बाद हो गई है। मौसम में आए बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। अधिकतम तापमान बुधवार के 40 डिग्री से तीन डिग्री सेल्सियस गिरकर 37 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से घटकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। हालांकि दोपहर बाद मौसम सामान्य हो गया और धूप भी निकल आई।
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उधर, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने कहा कि बारिश और आंधी के कारण जिन किसानाें की फसलों को क्षति पहुंची है और अपनी फसल का बीमा कराया है, वे टोल फ्री नंबर 14447 पर 72 घंटे के अंदर फोन कर फसल की क्षति होने की सूचना दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नंबर पर सूचना देने में किसी प्रकार की कठिनाई हो तो तत्काल जिला कृषि अधिकारी या उप कृषि निदेशक कार्यालय में लिखित रूप से अवगत करा दें, ताकि नियमानुसार फसल बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति दिलाई जा सके। उधर, नगवा-चोचकपुर पीपा पुल का अप्रोच तेज आंधी-पानी से ध्वस्त हो गया। इससे पुल पर आवागमन बंद हो गया है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि पुल चालू होने में 24 घंटे लग जाएंगे। महाकुंभ के कारण लगभग चार माह से पीपा पुल बंद था, क्योंकि महाकुंभ के लिए पुल पर लगे लोहे की प्लेट प्रयागराज भेज दिए गए थे। वहां से वापस आने के बाद एक सप्ताह पहले पुल से आवागमन शुरू हुआ था। इस बीच आंधी और बारिश के कारण पीपा पुल का अप्रोच ध्वस्त होने से फिर आवागमन ठप हो गया है। पीडब्ल्यूडी के जेई आरके चौहान ने बताया कि शुक्रवार को शाम तक अप्रोच को जोड़ दिया जाएगा।
उधर, नगर पालिका के वार्ड नंबर आठ पथरा में आंधी-पानी के दौरान दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर पांच भेड़ मर गईं और 10 घायल हो गईं। वार्ड के रामधनी पाल व महेंद्र पाल भेड़ चरा रहे थे। उसी समय आई आंधी से पास की दीवार गिर गई। उसके नीचे भेड़ें दब गईं। वहीं भेड़ चरा रहे पशुपालक महेंद्र के पैर में भी चोट आ गई है। सूचना पर पहुंचे लेखपाल सलमान खान ने मौका मुआयना किया। उधर, धानापुर विकासखंड के प्रहलादपुर गांव में तेज आंधी और बारिश के दौरान पहलवान मौर्य के घर की कच्ची दीवार गिर गई। विकास बिंद के करकट से बने घर पर बिजली गिरने से करकट की छत फट गई। संयोग था कि परिवार का कोई सदस्य उस दौरान घर में नहीं था। इसके अलावा कमालपुर कस्बा में मदन मोहन रस्तोगी की दुकान पर रखी कुर्सी उड़कर 11 हजार वोल्ट के तार पर अटक गई। उधर, बृहस्पतिवार को दोपहर में तेज हवा और गरज-चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। दोपहर बाद हुई तेज बारिश के चलते किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ेगी। तेज हवा व बारिश से जहां गेहूं की खड़ी फसल की कटाई में देर होगी, वहीं जो फसल कट चुकी है, उसकी मड़ाई में भी देर होगी। किसानों ने बताया कि अभी सिर्फ 10 से 15 फीसदी गेहूं की कटाई हो पाई है। बाकी फसल खेतों में पड़ी है। आम की फसल को भी करीब 50 फीसदी तक नुकसान पहुंचा है। आम के टिकोरे तेज हवा से गिरकर बर्बाद हो गए हैं। उधर, बृहस्पतिवार को आंधी-पानी से बिजली व्यवस्था चरमरा गई। चंदासी उपकेंद्र से जुड़े नगर के 25 वार्डों और पराहुपुर, कूड़े खुर्द, लखमीपुर, ओड़वार, भोगवार, छेमिया सहित 10 गांवों की आपूर्ति मौसम को देखते हुए बंद कर दी गई थी। मौसम सामान्य होने के बाद दिन मेंे एक बजे के करीब आपूर्ति बहाल की गई, लेकिन दो बजे फिर आपूर्ति ठप हो गई। उपकेंद्र से निकले फीडर संख्या दो के जेई मुकेश कुमार ने बताया कि बारिश के बाद साहूपुरी उपकेंद्र से चंदासी उपकेंद्र को आने वाली 33 हजार की लाइन में गड़बड़ी पैदा हो गई है। महमूदपुर में हाईमास्ट का पोल टूटकर बिजली के तारों पर गिर गया। इससे करीब 100 घरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सूचना पर पहुंचे विभाग के कर्मियों ने पोल हटाकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। छह बजे के करीब आपूर्ति बहाल हुई। उधर, नियामताबाद विकास खंड के बिलारीडीह और बरहुली बिजली उपकेंद्र से जुड़े करीब 72 गांवों की बिजली आपूर्ति बुधवार को करीब छह घंटे तक ठप रही। शाम लगभग सात बजे अचानक तेज हवा के झोंके के कारण 33 हजार वोल्ट का एक खंभा बरहुली नहर के पास झुक गया। जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इससे क्षेत्रीय ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही एसडीओ जीवनाथपुर अमर सिंह पटेल, जेई मुहम्मद शाहिद और लाइनमैन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद रात में नया खंभा लगाया। तब जाकर रात करीब एक बजे बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। अधिकारियों ने बताया कि तेज हवा के कारण खंभे के झुकने की घटना अप्रत्याशित थी। त्वरित कदम उठाकर स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नियमित निरीक्षण और रखरखाव पर जोर देने की बात कही।