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मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Tue, 17 Nov 2015 01:45 AM IST
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नियामताबाद गांव से गंगेहरा गांव की बड़ी नहर तक पीडब्लूडी की ओर से बनाये
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जा रहे साढ़े चार किलोमीटर लंबे मार्ग की मरम्मत मानक के अनुरूप न होने से
नाराज होकर लाखापुर गांव के लोगों ने सोमवार की दोपहर में विभाग के खिलाफ
प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
साथ ही चेतावनी दी कि काम मानक के अनुरूप नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
नियामताबाद से गंगेहरा गांव के बड़ी नहर तक बनी सड़क पिछले कई वर्षों से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। लोगों की मांग पर एक सप्ताह पूर्व 35 लाख रुपये की लागत से सड़क की मरम्मत शुरू हुई। कुछ सड़क बन भी गई है।
वर्तमान में लाखापुर गांव में सड़क का निर्माण हो रहा है।
सोमवार को दोपहर में ग्रामीण सड़क मरम्मत के कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सड़क पर पहुंचे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से खराब सड़क की मरम्मत के लिए धन आया और मरम्मत शुरू की गई, लेकिन संबंधित ठेकेदार मानक के अनुरूप काम नहीं करा रहा है।
गड्ढों में घटिया किस्म की गिट्टी डाल कर पूरी कुटाई किए बगैर ही छोटी गिट्टी बिछा दी जा रही है।
इससे सड़क बनने के साथ ही खराब भी होने लगी है। ग्रामीणों ने सड़क की खुदाई कर पूरी तरह फिर से मरम्मत कराने की मांग की। कहा सड़क अच्छी बननी चाहिए। जब धन मिला है तो उसका प्रयोग सही होना चाहिए।
यह धन जनता का है और उसी के हक में होना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में पीडब्लूडी के जेई राकेश झा ने कहा कि सड़क मरम्मत के लिए धन आया है और उसी के अनुरूप मरम्मत कराई जा रही है।
कहा कि ग्रामीण सड़क फिर से निर्माण की मांग कर रहे हैं, उसे पूरा कर पाना संभव नहीं है। इस अवसर पर कैलाश तिवारी, मेधु बिंद, श्यामबिहारी बिंद, चंद्रभूषण दुबे, पारस दुबे, सुनील तिवारी, सच्चिदानंद, संजय आदि रहे।
साथ ही चेतावनी दी कि काम मानक के अनुरूप नहीं हुआ तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करेंगे।
नियामताबाद से गंगेहरा गांव के बड़ी नहर तक बनी सड़क पिछले कई वर्षों से पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। लोगों की मांग पर एक सप्ताह पूर्व 35 लाख रुपये की लागत से सड़क की मरम्मत शुरू हुई। कुछ सड़क बन भी गई है।
वर्तमान में लाखापुर गांव में सड़क का निर्माण हो रहा है।
सोमवार को दोपहर में ग्रामीण सड़क मरम्मत के कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए सड़क पर पहुंचे और विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वर्षों से खराब सड़क की मरम्मत के लिए धन आया और मरम्मत शुरू की गई, लेकिन संबंधित ठेकेदार मानक के अनुरूप काम नहीं करा रहा है।
गड्ढों में घटिया किस्म की गिट्टी डाल कर पूरी कुटाई किए बगैर ही छोटी गिट्टी बिछा दी जा रही है।
इससे सड़क बनने के साथ ही खराब भी होने लगी है। ग्रामीणों ने सड़क की खुदाई कर पूरी तरह फिर से मरम्मत कराने की मांग की। कहा सड़क अच्छी बननी चाहिए। जब धन मिला है तो उसका प्रयोग सही होना चाहिए।
यह धन जनता का है और उसी के हक में होना चाहिए। साथ ही चेतावनी दी कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में पीडब्लूडी के जेई राकेश झा ने कहा कि सड़क मरम्मत के लिए धन आया है और उसी के अनुरूप मरम्मत कराई जा रही है।
कहा कि ग्रामीण सड़क फिर से निर्माण की मांग कर रहे हैं, उसे पूरा कर पाना संभव नहीं है। इस अवसर पर कैलाश तिवारी, मेधु बिंद, श्यामबिहारी बिंद, चंद्रभूषण दुबे, पारस दुबे, सुनील तिवारी, सच्चिदानंद, संजय आदि रहे।