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शव यात्रा निकाल कर जताया विरोध
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:20 AM IST
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परियोजना की शवयात्रा निकालते किसान।
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रेलवे के फ्रेट कॉरीडोर परियोजना से प्रभावित किसानों ने आंदोलन के सौ दिन पूरे होने पर शुक्रवार को छितो गांव स्थित धरनास्थल से परियोजना की शव यात्रा निकाली। इस दौरान नाराज किसानों ने पूरे नगर का भ्रमण किया और सावजी के पोखरे पर पहुंचकर मुंडन कराने के बाद दाह संस्कार किया। यहां पर किसानों ने सपा, भाजपा और जिला प्रशासन को निशाने पर रखा।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि किसान जबरन अधिग्रहीत की गई भूमि के बदले उचित मुआवजा और एडीएम कोर्ट के आदेश को लागू करने की मांग को लेकर सौ दिनों से धरनारत हैं। बावजूद इसके जिला प्रशासन व शासन मौन है। अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण किसानों की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। कई बार जिला प्रशासन को लिखित रूप से अपनी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान जब किसानों ने विरोध किया था और अधिकारियों से गुहार लगाई, तब एडीएम कोर्ट द्वारा यह आदेश जारी किया गया था कि प्रभावित किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी और बाजार रेट से मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। इस मौके पर किस्मत यादव, शशिकांत, विजयी, कृष्णा, चंद्रमा, राजेश्वर आदि उपस्थित रहे।
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इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि किसान जबरन अधिग्रहीत की गई भूमि के बदले उचित मुआवजा और एडीएम कोर्ट के आदेश को लागू करने की मांग को लेकर सौ दिनों से धरनारत हैं। बावजूद इसके जिला प्रशासन व शासन मौन है। अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण किसानों की समस्या दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। कई बार जिला प्रशासन को लिखित रूप से अपनी समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन आज तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।
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उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के दौरान जब किसानों ने विरोध किया था और अधिकारियों से गुहार लगाई, तब एडीएम कोर्ट द्वारा यह आदेश जारी किया गया था कि प्रभावित किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएगी और बाजार रेट से मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन यह पूरा नहीं हुआ। इस मौके पर किस्मत यादव, शशिकांत, विजयी, कृष्णा, चंद्रमा, राजेश्वर आदि उपस्थित रहे।
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