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Chandauli News: अस्पतालों में बनाए गए लू के लिए स्पेशल वार्ड
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पीडीडीयू नगर के राजकीय महिला चिकित्सालय में बने हिट वेब रूम में बच्चा को देखते चिकित्सक। संवाद
पीडीडीयू नगर।
लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तापमान में हो रही वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला प्रशासन के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्पेशल लू वार्ड बनाए गए हैं। यहां लू लगने से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. के. चतुर्वेदी ने बताया कि लू लगने के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। डॉ. के. चतुर्वेदी ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ने लगता है। इससे तेज बुखार, उल्टी, चक्कर, बेहोशी और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि यदि शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाए और व्यक्ति को लगातार उल्टी, तेज सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी महसूस हो, तो यह लू लगने के संकेत हैं। ऐसे में घरेलू उपचार के भरोसे न रहें। तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
बच्चों को नियमित अंतराल पर पिलाएं नींबू पानी
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों को बच्चों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि बहुत आवश्यक न हो तो बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने दें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो उन्हें हल्के रंग के सूती और पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनाएं। सिर को टोपी, गमछे या कपड़े से ढककर रखें। उन्होंने बताया कि बच्चे जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं, इसलिए उन्हें नियमित अंतराल पर पानी, नींबू पानी, ओआरएस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ देते रहें।
धूप से बचने के खास इंतजाम
दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक धूप से बचें
बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करें
अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन जरूरी
नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस का घोल पीएं
कैफीन युक्त पेय पदार्थ और अत्यधिक मीठे कोल्ड ड्रिंक के सेवन से बचें
बासी और खुले खाद्य पदार्थों से करें परहेज इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है
घर का ताजा और हल्का भोजन करना ज्यादा सुरक्षित है
स्पेशल वार्ड में हैं ये विशेष इंतजाम
मरीजों के लिए एसी और कूलिंग सिस्टम
आईवी फ्लूड, ओआरएस, आवश्यक दवाएं
प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ की व्यवस्था
निशुल्क ओआरएस पाउडर उपलब्ध है
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लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और तापमान में हो रही वृद्धि को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला प्रशासन के निर्देश पर सरकारी अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्पेशल लू वार्ड बनाए गए हैं। यहां लू लगने से पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. के. चतुर्वेदी ने बताया कि लू लगने के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लें। डॉ. के. चतुर्वेदी ने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान शरीर का तापमान असामान्य रूप से बढ़ने लगता है। इससे तेज बुखार, उल्टी, चक्कर, बेहोशी और डिहाइड्रेशन जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है। उन्होंने कहा कि यदि शरीर का तापमान 104 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जाए और व्यक्ति को लगातार उल्टी, तेज सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी महसूस हो, तो यह लू लगने के संकेत हैं। ऐसे में घरेलू उपचार के भरोसे न रहें। तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचें। इलाज में देरी जानलेवा साबित हो सकती है।
बच्चों को नियमित अंतराल पर पिलाएं नींबू पानी
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों को बच्चों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि बहुत आवश्यक न हो तो बच्चों को दोपहर के समय घर से बाहर न निकलने दें। यदि बाहर जाना जरूरी हो तो उन्हें हल्के रंग के सूती और पूरी आस्तीन वाले कपड़े पहनाएं। सिर को टोपी, गमछे या कपड़े से ढककर रखें। उन्होंने बताया कि बच्चे जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं, इसलिए उन्हें नियमित अंतराल पर पानी, नींबू पानी, ओआरएस, नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थ देते रहें।
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धूप से बचने के खास इंतजाम
दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक धूप से बचें
बाहर जाना जरूरी हो तो छाता, टोपी या गमछे का उपयोग करें
अधिक पानी और तरल पदार्थ का सेवन जरूरी
नींबू पानी, छाछ, लस्सी, नारियल पानी और ओआरएस का घोल पीएं
कैफीन युक्त पेय पदार्थ और अत्यधिक मीठे कोल्ड ड्रिंक के सेवन से बचें
बासी और खुले खाद्य पदार्थों से करें परहेज इससे फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ जाता है
घर का ताजा और हल्का भोजन करना ज्यादा सुरक्षित है
स्पेशल वार्ड में हैं ये विशेष इंतजाम
मरीजों के लिए एसी और कूलिंग सिस्टम
आईवी फ्लूड, ओआरएस, आवश्यक दवाएं
प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ की व्यवस्था
निशुल्क ओआरएस पाउडर उपलब्ध है