UP: मंत्री के बयान पर सपा का पलटवार, बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी की मांग; रवींद्र जायसवाल का विरोध
Chandauli News: राज्य मंत्री रवीन्द्र जायसवाल के बयान पर समाजवादी पार्टी ने कड़ा पलटवार किया है। पूर्व विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव और राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने बयान की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ बताया। सपा नेताओं ने मंत्री की बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी की मांग की तथा भाजपा पर राजनीतिक भाषा की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया।
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उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल के हालिया बयान पर समाजवादी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। चंदौली से लेकर लखनऊ तक पार्टी नेताओं ने मंत्री की टिप्पणी को लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए उनकी बर्खास्तगी और सार्वजनिक माफी की मांग की है।
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे मंत्री द्वारा राष्ट्रीय स्तर के नेता के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मामलों में श्रद्धालुओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। उनका कहना था कि जब इन मुद्दों को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो भाजपा नेताओं में बेचैनी साफ दिखाई दे रही है।
वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने भी मंत्री के बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने जारी बयान में कहा कि चंदौली की धरती पर आकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी करना भाजपा की राजनीतिक सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
मनोज सिंह काका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री से मांग की कि यदि राजनीतिक नैतिकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान है तो ऐसे बयान देने वाले मंत्री को तत्काल पद से हटाया जाए। साथ ही उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मंगाई जाए, ताकि लोकतांत्रिक परंपराओं की गरिमा बनी रहे।
उन्होंने कहा कि यदि सत्ता पक्ष विपक्षी नेताओं के प्रति इसी तरह की भाषा और रवैया अपनाता रहा तो जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी। मंत्री के बयान को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।