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Chandauli News: सोशल मीडिया विश्वसनीय नहीं, अखबार हमारे ज्ञान को बढ़ाते हैं
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पीडीडीयू नगर स्थित रामकृष्ण महिला विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित संवाद कार्यक्रम में उपस्
पीडीडीयू नगर। आज सोशल मीडिया ने हमारे सामने सूचनाओं का समंदर खोल दिया है। इस समंदर से अखबार सटीक जानकारी के मोती चुनकर हम तक पहुंचाते हैं। अखबार पढ़ने की आदत न सिर्फ हमें सही सूचनाओं से अवगत रहने में मदद करती है बल्कि हमारे व्यक्तित्व का विकास भी करती है। शुक्रवार को नगर के रामकृष्ण महिला विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में आयोजित अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में ये बातें शिक्षकों ने कहीं।
शिक्षकों ने कहा कि आज के समय में सूचनाओं की विश्वसनीयता सबसे बड़ा संकट है। सोशल मीडिया पर सूचनाओं की भरमार है। उसमें हम खो जाते हैं और असली जानकारी हमसे दूर रह जाती है। प्रधानाध्यापिका माधुरी देवी ने कहा कि इंटरनेट ने पूरी दुनिया हमारी मुट्ठी में कर दी है लेकिन हमको हमसे छीन रहा है। वहीं, अखबार हमारे ज्ञान को बढ़ाते हैं। सुधीर भाष्कर पांडेय ने कहा कि आज जिसके पास जितनी अधिक सूचनाएं है, वह उतना आगे है। हहर सूचना हम एआई से चाहते हैं लेकिन इसका दुष्प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर दिख रहा है।
शिल्पी राय ने कहा कि प्रिंट मीडिया ने कठिन शब्दों को समझने लायक बनाकर हमारे सामने पेश किया। आज भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पत्र-पत्रिकाएं कारगर होती है। पुष्पा कुमारी ने कहा कि सोशल मीडिया के दुष्परिणाम को देखते हुए कई देशों में 15 साल के बच्चों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस मौके पर मंजीषा यादव, गायत्री सिंह, शशि यादव, अपर्णा मालवीय, प्रिया सिंह, प्रमिला मिश्र आदि ने विचार व्यक्त किए।
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शिक्षकों ने कहा कि आज के समय में सूचनाओं की विश्वसनीयता सबसे बड़ा संकट है। सोशल मीडिया पर सूचनाओं की भरमार है। उसमें हम खो जाते हैं और असली जानकारी हमसे दूर रह जाती है। प्रधानाध्यापिका माधुरी देवी ने कहा कि इंटरनेट ने पूरी दुनिया हमारी मुट्ठी में कर दी है लेकिन हमको हमसे छीन रहा है। वहीं, अखबार हमारे ज्ञान को बढ़ाते हैं। सुधीर भाष्कर पांडेय ने कहा कि आज जिसके पास जितनी अधिक सूचनाएं है, वह उतना आगे है। हहर सूचना हम एआई से चाहते हैं लेकिन इसका दुष्प्रभाव हमारे मस्तिष्क पर दिख रहा है।
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शिल्पी राय ने कहा कि प्रिंट मीडिया ने कठिन शब्दों को समझने लायक बनाकर हमारे सामने पेश किया। आज भी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पत्र-पत्रिकाएं कारगर होती है। पुष्पा कुमारी ने कहा कि सोशल मीडिया के दुष्परिणाम को देखते हुए कई देशों में 15 साल के बच्चों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस मौके पर मंजीषा यादव, गायत्री सिंह, शशि यादव, अपर्णा मालवीय, प्रिया सिंह, प्रमिला मिश्र आदि ने विचार व्यक्त किए।
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