फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Slow pace of work, pole-wires of only four villages changed in a month

काम की धीमी रफ्तार, माहभर में बदले महज चार गांवों के पोल-तार

Sun, 18 Jul 2021 12:39 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:39 AM IST
विज्ञापन
Slow pace of work, pole-wires of only four villages changed in a month
पीडीडीयू नगर । बिजली विभाग की ओर से अक्तूबर तक जिले के 566 गांवों में जर्जर खंभे और तार का बदलने की योजना है। कार्य शुरू भी हो गया है, लेकिन इसकी रफ्तार इतनी धीमी है कि शायद ही काम नियत समय पर पूरा हो सके। जून से अक्तूबर तक पांच महीने में 566 गांवों के तार और खंभे बदले जाने हैं। यानी कि एक महीने में कम से कम 100 गांवों में काम पूरा हो जाना चाहिए, मगर काम शुरू होने के एक महीने बाद भी केवल चार गांवों के ही तार और खंभे बदले जा सके हैं।
विज्ञापन

जिले में जर्जर पोल और तार लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। गत दिनों पीडीडीयू नगर के चतुर्भुजपुर में तार गिरने से चार गायों की मौत हो गई थी। वहीं दो दिन पूर्व चांदीतारा गांव में चापाकल पर स्नान कर रहे वृद्ध पर जर्जर तार गिर गया और उनकी मौत हो गई। धानापुर में भी हाइटेंशन तार गिरने से गायों की मौत हो चुकी है। आरोप है कि विभाग की लापरवाही से कई वर्षों से बिजली के जर्जर तार और खंभे नहीं बदले जा सके हैं। जर्जर तार जानलेवा साबित हो रहे हैं। विभाग की ओर से जर्जर एलटी (लो-टेंशन) तारों और खंभों को बदलने का कार्य बरहनी ब्लॉक से करीब तीन सप्ताह पूर्व शुरू किया जाना था।
विज्ञापन

बावजूद इसके अब तक बरहनी ब्लॉक के महुजी, जेवरियाबाद, चारी और जलीलपुर गांव में 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है। गांवों में करीब 100 नए खंभे लगाने के साथ 1200 मीटर तारों को बदला जा चुका है। पड़ाव क्षेत्र के जलीलपुर गांव में भी जर्जर तारों को बदलने का कार्य शुरू कर दिया गया है। लेकिन, लक्ष्य के मुकाबले काम की गति काफी धीमी है। जबकि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि सभी नौ ब्लॉकों के जिन गांवों की आबादी एक हजार या उससे अधिक है, उनमें भी तारों और खंभों को बदलने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। खुले तारों की जगह एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) तार लगाए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

योजना के पहले चरण के लिए जिले के 566 ऐसे गांवों और मजरों को चिह्नित किया गया है, जिनकी आबादी एक हजार या उससे अधिक है। सभी गांवों और मजरों में जर्जर हो चुके खंभों और तारों को अक्तूबर तक बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके बाद जिले के अन्य शहरों, कस्बों और गांवों में जर्जर खंभों और तार बदले जाएंगे।
चारी और महुजी में बिजली विभाग ने जर्जर तारों और खंभों को बदलने का कार्य शुरू कर दिया है, मगर कार्यदायी संस्था काफी धीमी गति से काम करा रही है। महुजी में तो कुछ खंभों के तार बदल कर नई केबल लगा दी गई है, लेकिन अधिसंख्य खंभों पर लटके जर्जर तार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। वहीं बरहनी, असना, महुंजी और कंजेहरा में जर्जर तार लकड़ी के खंभों और बांस-बल्ली के सहारे दौड़ाए गए हैं।
बौरी, नियामताबाद, चंदाइत, पचोखर, भरछा, सरने आदि गांवों के तार और खंभे जर्जर हो चुके हैं, जिन्हें बदलने की जरूरत है। वहीं 11 हजार वोल्ट के मेनलाइन के रामपुर से पचोखर ताल तक दो किलोमीटर तार भी जर्जर हो चुका है। इससे आए दिन ये टूटते रहते हैं। वहीं सकलडीहा-भोजापुर मार्ग पर हाईटेंशन वोल्ट के जर्जर पांच खंभों और करीब 15 सौ मीटर तार को बदल दिया गया है। पड़ाव के जलीलपुर गांव में भी जर्जर तारों की जगह एबीसी तार लगाए जा रहे हैं।

अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार पाठक ने बताया कि मुख्यालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद जर्जर तारों और खंभों को बदला जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने 566 गांवों और मजरों में सर्वे के बाद जर्जर तारों और खंभों को बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। इस वर्ष के अक्तूबर तक सभी जर्जर खंभों और तारों को बदल दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed