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Chandauli News: आयुर्वेदिक चिकित्सालय में दवाओं की कमी
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शहाबगंज। आयुर्वेदिक चिकित्सालय शहाबगंज एवं बसाढ़ी में इन दिनों आवश्यक दवाओं की कमी है। स्थिति यह है कि पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित रूप से दवाओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण मरीजों को परेशानी हो रही है। शासन का निर्देश है कि सभी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय पर 51 प्रकार की जड़ी बूटी से युक्त दवाएं उपलब्ध हों, जिनमें मुख्य रूप से अभयारिष्ट, अमृतारिष्ट, अणु तैल, अशोकारिष्ट, आयुष क्वाथ, हिंग्ववंष्टक, दशमूलारिष्ट, सितोपलादी चुर्ण, त्रिफला जैसे महत्वपूर्ण दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार सस्ता और प्रभावी होने के कारण लोग इस पर अधिक भरोसा करते हैं, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव के निवासी अरविन्द ने बताया कि आयुर्वेदिक दवाओं के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं, लेकिन दवा न मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
मनोज का कहना है कि सरकार ने सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का नाम बदलकर ‘आरोग्य मंदिर’ तो कर दिया, लेकिन सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
वहीं रामभरोश ने कहा कि नाम बदलने से नहीं, बल्कि दवा और संसाधनों की उपलब्धता से व्यवस्था सुधरेगी। अगर समय से दवाएं मिलें तो मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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कोट-- -
दवाओं की आपूर्ति उच्च स्तर से की जाती है। पिछले कुछ समय से आवश्यक दवाएं नियमित रूप से नहीं मिल पा रही हैं, जिसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है।- डॉ. मोनिका मोहनानी, प्रभारी चिकित्साधिकारी।
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ग्रामीणों का कहना है कि आयुर्वेदिक उपचार सस्ता और प्रभावी होने के कारण लोग इस पर अधिक भरोसा करते हैं, लेकिन दवा उपलब्ध न होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांव के निवासी अरविन्द ने बताया कि आयुर्वेदिक दवाओं के लिए दूर-दूर से लोग यहां आते हैं, लेकिन दवा न मिलने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
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मनोज का कहना है कि सरकार ने सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों का नाम बदलकर ‘आरोग्य मंदिर’ तो कर दिया, लेकिन सुविधाओं में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
वहीं रामभरोश ने कहा कि नाम बदलने से नहीं, बल्कि दवा और संसाधनों की उपलब्धता से व्यवस्था सुधरेगी। अगर समय से दवाएं मिलें तो मरीजों को काफी राहत मिलेगी।
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कोट
दवाओं की आपूर्ति उच्च स्तर से की जाती है। पिछले कुछ समय से आवश्यक दवाएं नियमित रूप से नहीं मिल पा रही हैं, जिसकी जानकारी विभाग को दे दी गई है।- डॉ. मोनिका मोहनानी, प्रभारी चिकित्साधिकारी।