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Chandauli News: पानी के गणित में सात स्कूल फेल, कहीं नल की टोटियां टूटीं, कहीं हैंडपंप खराब
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धीना के सिकठा प्राथमिक विद्यालय में पेयजल नल से गायब टोटी। संवाद
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पीडीडीयू नगर/धीना। जिले के परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प के दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन कई स्कूलों में नौनिहालों को पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। शनिवार को बरहनी और धानापुर ब्लॉक के सात विद्यालयों की पड़ताल की गई तो सरकारी दावों की पोल खुल गई। कहीं हैंडपंप महीनों से खराब है तो नल की टोटियां टूटी हैं। सबमर्सिबल पंप की मोटर जलने से भी पानी का संकट बरकरार है। शौचालय होने के बावजूद पानी के अभाव में बच्चे इनका इस्तेमाल नहीं कर पाते।
हमारी टीम ने प्राथमिक विद्यालय कुशहा, नूरी, तम्मागढ़, सिकठा, भैंसा कला और कंपोजिट विद्यालय डैना व कंपोजिट विद्यालय चिलबिली की पड़ताल की तो पेयजल संकट की बात सामने आई। कई स्कूलों में बच्चों को पानी लेने के लिए आधा से एक किलोमीटर तक जाना पड़ता है। कई जगह सड़क पार कर पानी लाना पड़ता है।
ऐसे में छोटे बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उमस और गर्मी के बीच बच्चों को बार-बार पानी की जरूरत पड़ती है। विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय होने के बावजूद पानी के अभाव में बच्चे इनका इस्तेमाल नहीं कर पाते। शौच के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है।
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कुशहा में खराब हैंडपंप, पंप की मोटर जली
कुशहा प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय का हैंडपंप कई साल से खराब है और सबमर्सिबल पंप की मोटल जल कई है। ऐसे में बच्चों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। पानी के लिए उन्हें विद्यालय से बाहर निर्भर रहना पड़ता है। इससे बच्चों को पीने के पानी के साथ शौचालय के इस्तेमाल में भी परेशानी होती है।
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नूरी प्राथमिक विद्यालय में भी हैंडपंप खराब
नूरी प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों को पेयजल नहीं मिल रहा है। यहां भी लंबे समय से हैंडपंप खराब है, जिस कारण बच्चों को घर से पानी की बोतल लानी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को तत्काल पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। गर्मी और उमस के दौरान यह समस्या छोटे बच्चों के लिए मुश्किल पैदा कर रही है।
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तम्मागढ़ में टंकी है लेकिन नल की टोटियां नहीं लगीं
तम्मागढ़ प्राथमिक विद्यालय में भी पेयजल संकट का सामना बच्चों को करना पड़ रहा है। यहां टंकी तो लगी है लेकिन नल की टोटियां नहीं लगाई गईं। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को अपनी बोतल भरने के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने के साथ सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।
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सिकठा पांच टोटियां टूटीं, एक से नहीं आता पानी
सिकठा प्राथमिक विद्यालय में भी पेयजल व्यवस्था बदहाल है। यहां नल की छह टोटियां लगी हैं, जिनमें से पांच टूट गई हैं। एक टोटी सलामत है लेकिन उसमें पानी नहीं आ रहा। नल का बेस भी उखड़ गया है। ऐसे में बच्चों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी स्वच्छ पेयजल है, लेकिन स्कूल में यह सुविधा नहीं है।
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डैना कंपोजिट विद्यालय हैंडपंप खराब
डैना गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में भी बच्चों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब है। इसके अलावा विद्यालय की दो कक्षाओं की छत भी जर्जर है। ऐसे में पेयजल व्यवस्था के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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भैंसा कला हैंडपंप और चहारदीवारी टूटी
भैंसा खुर्द प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों के लिए पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां लगा हैंडपंप टूटा पड़ा है। गांव के अमर देव उपाध्याय के अनुसार आंधी में विद्यालय की चहारदीवारी गिर गई थी। इसके बाद ग्रामीणों के अंधाधुंध इस्तेमाल से स्कूल का हैंडपंप भी टूट गया। तब से बच्चों को पेयजल समस्या से परेशान होना पड़ रहा है।
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कुशहा प्राथमिक विद्यालय का हैंडपंप कई साल से खराब है और सबमर्सिबल पंप भी जल गया है। ऐसे में बच्चों को पेयजल के साथ शौचालय के इस्तेमाल में भी परेशानी होती है। - नन्हें खां, कुशहा
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डैना के कंपोजिट विद्यालय में बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। विद्यालय की दो कक्षाओं की छत भी जर्जर हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।-- दरोगा राय, डैना
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चिलबिली प्राथमिक विद्यालय में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गांव के कुछ लोगों ने वायरिंग तोड़ दी, जिससे विद्यालय में पानी की व्यवस्था प्रभावित है। -जयप्रकाश उपाध्याय, चिलबिली
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आंधी में विद्यालय की बाउंड्री गिर गई थी और छह महीने से हैंडपंप भी टूटा पड़ा है। ऐसे में गर्मी और उमस के बीच बच्चों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। - अमर देव उपाध्याय, भैंसा खुर्द
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कोट--
विद्यालय में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी है। मामले की जांच कराई जाएगी और जहां समस्या मिलेगी, वहां पानी के इंतजाम दुरुस्त कराए जाएंगे। -अजीत पाल, खंड शिक्षा अधिकारी, बरहनी
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जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था की गई है। अगर कहीं समस्या है तो उसको जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा। - सचिन कुमार, बीएसए, चंदौली
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हमारी टीम ने प्राथमिक विद्यालय कुशहा, नूरी, तम्मागढ़, सिकठा, भैंसा कला और कंपोजिट विद्यालय डैना व कंपोजिट विद्यालय चिलबिली की पड़ताल की तो पेयजल संकट की बात सामने आई। कई स्कूलों में बच्चों को पानी लेने के लिए आधा से एक किलोमीटर तक जाना पड़ता है। कई जगह सड़क पार कर पानी लाना पड़ता है।
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ऐसे में छोटे बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। उमस और गर्मी के बीच बच्चों को बार-बार पानी की जरूरत पड़ती है। विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है। शौचालय होने के बावजूद पानी के अभाव में बच्चे इनका इस्तेमाल नहीं कर पाते। शौच के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है।
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कुशहा में खराब हैंडपंप, पंप की मोटर जली
कुशहा प्राथमिक विद्यालय में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय का हैंडपंप कई साल से खराब है और सबमर्सिबल पंप की मोटल जल कई है। ऐसे में बच्चों को पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। पानी के लिए उन्हें विद्यालय से बाहर निर्भर रहना पड़ता है। इससे बच्चों को पीने के पानी के साथ शौचालय के इस्तेमाल में भी परेशानी होती है।
नूरी प्राथमिक विद्यालय में भी हैंडपंप खराब
नूरी प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों को पेयजल नहीं मिल रहा है। यहां भी लंबे समय से हैंडपंप खराब है, जिस कारण बच्चों को घर से पानी की बोतल लानी पड़ती है। जरूरत पड़ने पर बच्चों को तत्काल पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। गर्मी और उमस के दौरान यह समस्या छोटे बच्चों के लिए मुश्किल पैदा कर रही है।
तम्मागढ़ में टंकी है लेकिन नल की टोटियां नहीं लगीं
तम्मागढ़ प्राथमिक विद्यालय में भी पेयजल संकट का सामना बच्चों को करना पड़ रहा है। यहां टंकी तो लगी है लेकिन नल की टोटियां नहीं लगाई गईं। ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को अपनी बोतल भरने के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होने के साथ सुरक्षा का खतरा भी बना रहता है।
सिकठा पांच टोटियां टूटीं, एक से नहीं आता पानी
सिकठा प्राथमिक विद्यालय में भी पेयजल व्यवस्था बदहाल है। यहां नल की छह टोटियां लगी हैं, जिनमें से पांच टूट गई हैं। एक टोटी सलामत है लेकिन उसमें पानी नहीं आ रहा। नल का बेस भी उखड़ गया है। ऐसे में बच्चों को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों के लिए पढ़ाई जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी स्वच्छ पेयजल है, लेकिन स्कूल में यह सुविधा नहीं है।
डैना कंपोजिट विद्यालय हैंडपंप खराब
डैना गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय में भी बच्चों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। यहां लगा हैंडपंप लंबे समय से खराब है। इसके अलावा विद्यालय की दो कक्षाओं की छत भी जर्जर है। ऐसे में पेयजल व्यवस्था के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
भैंसा कला हैंडपंप और चहारदीवारी टूटी
भैंसा खुर्द प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों के लिए पेयजल की समस्या बनी हुई है। यहां लगा हैंडपंप टूटा पड़ा है। गांव के अमर देव उपाध्याय के अनुसार आंधी में विद्यालय की चहारदीवारी गिर गई थी। इसके बाद ग्रामीणों के अंधाधुंध इस्तेमाल से स्कूल का हैंडपंप भी टूट गया। तब से बच्चों को पेयजल समस्या से परेशान होना पड़ रहा है।
कुशहा प्राथमिक विद्यालय का हैंडपंप कई साल से खराब है और सबमर्सिबल पंप भी जल गया है। ऐसे में बच्चों को पेयजल के साथ शौचालय के इस्तेमाल में भी परेशानी होती है। - नन्हें खां, कुशहा
डैना के कंपोजिट विद्यालय में बच्चों के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। विद्यालय की दो कक्षाओं की छत भी जर्जर हैं, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
चिलबिली प्राथमिक विद्यालय में पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गांव के कुछ लोगों ने वायरिंग तोड़ दी, जिससे विद्यालय में पानी की व्यवस्था प्रभावित है। -जयप्रकाश उपाध्याय, चिलबिली
आंधी में विद्यालय की बाउंड्री गिर गई थी और छह महीने से हैंडपंप भी टूटा पड़ा है। ऐसे में गर्मी और उमस के बीच बच्चों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ता है। - अमर देव उपाध्याय, भैंसा खुर्द
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विद्यालय में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रधानाध्यापक की जिम्मेदारी है। मामले की जांच कराई जाएगी और जहां समस्या मिलेगी, वहां पानी के इंतजाम दुरुस्त कराए जाएंगे। -अजीत पाल, खंड शिक्षा अधिकारी, बरहनी
जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था की गई है। अगर कहीं समस्या है तो उसको जल्द ही दुरुस्त करा दिया जाएगा। - सचिन कुमार, बीएसए, चंदौली

धीना के सिकठा प्राथमिक विद्यालय में पेयजल नल से गायब टोटी। संवाद