चंदौली। सरदार सेना के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को विकास भवन के पास यूजीसी के नए कानून के समर्थन में प्रदर्शन किया। एसडीएम राजीव सक्सेना को ज्ञापन सौंपकर कानून के पक्ष में अपनी मांगें रखीं।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह कानून ओबीसी व दलित वर्ग के छात्रों को संरक्षण प्रदान करेगा, क्योंकि विश्वविद्यालय कैंपसों में जातीय भेदभाव की घटनाएं बढ़ रही हैं। जिला कोषाध्यक्ष दीपक पाल ने बताया कि वर्षों से पिछड़े, दलित व दिव्यांग छात्रों के साथ कैंपसों में अत्याचार होता रहा है, इसकी वजह से कई छात्र आत्महत्या करने को विवश हुए हैं। 2019 से अब तक जातीय भेदभाव के मामले 115 प्रतिशत बढ़कर 378 तक पहुंच गए हैं। उन्होंने सवर्ण संगठनों के नए कानून के विरोध पर भी सवाल उठाए। कहा कि विरोध करने वाले वही लोग हैं, जो पहले दलित और ओबीसी छात्रों को प्रताड़ित किया करते थे। नए कानून के लागू होने से उन्हें अपनी तानाशाही खत्म होने का डर सता रहा है। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा चुनाव के दौरान वादा की गई जातीय जनगणना अब तक लंबित है, जिससे सामाजिक न्याय से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रश्न अनसुलझे हैं। इस दौरान जिला प्रभारी आनंद पटेल, अनिल शर्मा, अनिल सिंह, जीत नारायण यादव, अभिषेक कुमार, आशीष पटेल, अभय पटेल, चंदन सिंह पटेल सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।