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सड़क-नाली की व्यवस्था बदहाल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 21 Aug 2015 02:00 AM IST
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155 एकड़ में फैले चंदौली औद्योगिक क्षेत्र फेज टू मेें बुनियादी सुविधाओं
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के अभाव में यहां के उद्यमियों को काफी परेशानी हो रही है।
यहां न तो सड़क ही ठीक है और न ही नालियों की समुचित व्यवस्था।
जलभराव के चलते नाली व सड़क का अंतर समझना मुश्किल है। बिजली और पानी के लिए भी उद्यमियों को झेलना पड़ रहा है।
जिससे यहां उद्योग विकसित नहीं हो पा रहे हैं।
जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से समय-समय पर उद्यमियों द्वारा समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी सुविधाएं सुलभ नहीं हो पा रही हैं।
इस लापरवाही से उद्यमियों में निराशा है। साथ ही सरकार के उद्योगों के विकसित करने की मंशा पर पानी फिर रहा है।
नेशनल हाइवे के उत्तरी छोर पर बसाए गए औद्योगिक इलाके को फेज टू का नाम दिया गया। जिसे रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के विकास के रूप में जाना जाता है ।
यहां औद्योगिक प्रतिष्ठानों के स्थापित होने की गति धीमी है।
उद्यमी यहां की व्यवस्था को लेकर काफ ी खिन्न हैं।
यहां की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है।
नाली का निर्माण न होने से बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं हो पा हो पाती है और सड़क पर जल भराव हो जाता है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
वाहनों के आवागमन में व्यापारियों को दिक्कत होती है।
बरसात ही नहीं सामान्य दिनों में भी सड़क के गड्ढे परेशानी पैदा करते हैं।
बिजली और पानी की भी अच्छी व्यवस्था नहीं हैं। भला ऐसे में कौन यहां उद्योग लगाना पसंद करेगा।
यहां न तो सड़क ही ठीक है और न ही नालियों की समुचित व्यवस्था।
जलभराव के चलते नाली व सड़क का अंतर समझना मुश्किल है। बिजली और पानी के लिए भी उद्यमियों को झेलना पड़ रहा है।
जिससे यहां उद्योग विकसित नहीं हो पा रहे हैं।
जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से समय-समय पर उद्यमियों द्वारा समस्याओं से अवगत कराने के बाद भी सुविधाएं सुलभ नहीं हो पा रही हैं।
इस लापरवाही से उद्यमियों में निराशा है। साथ ही सरकार के उद्योगों के विकसित करने की मंशा पर पानी फिर रहा है।
नेशनल हाइवे के उत्तरी छोर पर बसाए गए औद्योगिक इलाके को फेज टू का नाम दिया गया। जिसे रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के विकास के रूप में जाना जाता है ।
यहां औद्योगिक प्रतिष्ठानों के स्थापित होने की गति धीमी है।
उद्यमी यहां की व्यवस्था को लेकर काफ ी खिन्न हैं।
यहां की सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है।
नाली का निर्माण न होने से बारिश के बाद पानी की निकासी नहीं हो पा हो पाती है और सड़क पर जल भराव हो जाता है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं।
वाहनों के आवागमन में व्यापारियों को दिक्कत होती है।
बरसात ही नहीं सामान्य दिनों में भी सड़क के गड्ढे परेशानी पैदा करते हैं।
बिजली और पानी की भी अच्छी व्यवस्था नहीं हैं। भला ऐसे में कौन यहां उद्योग लगाना पसंद करेगा।