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गेहूं बेचने के लिए बीस मार्च से शुरू होगा किसानों का पंजीकरण
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चंदौली। जिले में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद होगी। इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण बीस मार्च से शुरू होगा। धान की तरह गेहूं बेचने वालों को भी खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। वहीं मार्केटिंग के नौ केंद्र बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। इसे बाद में बढ़ाया जाएगा।
जिले में इस बार लगभग 1.15 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है। जिले में पचास हजार से अधिक किसान हैं। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्वींटल चालीस रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। इस वर्ष गेहूं 2015 रुपये प्रति क्वींटल की दर से खरीद होगी। किसानों को गेहूं बेचने में सहुलियत हो, इसके लिए इस बार फिर ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। सूत्रों के अनुसार बीस मार्च से इसकी शुरूआत हो जाएगी। तहसील प्रशासन की ओर से किसानों के आनलाइन पंजीकरण का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद सत्यापित कापी के आधार पर किसान क्रय केंद्रों पर नंबर लगाकर निर्धारित तिथि पर अपनी उपज बेच सकते हैं। गेहूं खरीद के लिए जिला खाद्य व विपणन अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से नौ क्रय केंद्रों को खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पंजीकरण शुरू होने के बाद तैयारी तेज होगी। क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि होली के बाद एफसीआइ, पीसीएफ व अन्य एजेंसियों का क्रय केंद्र तय होगा। गेहूं उत्पादन का आंकलन करके क्रय केंद्रों की संख्या घटाई-बढ़ाई जा सकती है। एडीएम वित्त एवं राजस्व उमेश मिश्र को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनकी ओर से समिति बनाई जाएगी। इस संबंध में डीएम संजीव सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद की तैयारी शुरू कर दी गई। विपणन के नौ केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। एक अप्रैल से खरीद प्रारंभ करा दी जाएगी।
इनसेट-ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खरीद में हो सकती है दिक्कत
पीडीडीयू नगर। धान खरीद में भी प्रशासन की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण के बाद टोकन की व्यवसथा की गई थी। इससे किसानों को परेशानी हुई थी। साफ्टवेयर की धीमी गति की वजह से किसानों को धान बेचने में दिक्कत हुई। इसके बाद आनन फानन प्रशासन की ओर से आफलाइन टोकन के साथ खरीद की शुरूआत की गई। किसानों ने ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था के साथ ऑफलाइन खरीद की भी मांग की है।
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जिले में इस बार लगभग 1.15 लाख हेक्टेयर में गेहूं की खेती हुई है। जिले में पचास हजार से अधिक किसान हैं। अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में प्रति क्वींटल चालीस रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है। इस वर्ष गेहूं 2015 रुपये प्रति क्वींटल की दर से खरीद होगी। किसानों को गेहूं बेचने में सहुलियत हो, इसके लिए इस बार फिर ऑनलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। सूत्रों के अनुसार बीस मार्च से इसकी शुरूआत हो जाएगी। तहसील प्रशासन की ओर से किसानों के आनलाइन पंजीकरण का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद सत्यापित कापी के आधार पर किसान क्रय केंद्रों पर नंबर लगाकर निर्धारित तिथि पर अपनी उपज बेच सकते हैं। गेहूं खरीद के लिए जिला खाद्य व विपणन अधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से नौ क्रय केंद्रों को खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पंजीकरण शुरू होने के बाद तैयारी तेज होगी। क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। माना जा रहा है कि होली के बाद एफसीआइ, पीसीएफ व अन्य एजेंसियों का क्रय केंद्र तय होगा। गेहूं उत्पादन का आंकलन करके क्रय केंद्रों की संख्या घटाई-बढ़ाई जा सकती है। एडीएम वित्त एवं राजस्व उमेश मिश्र को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनकी ओर से समिति बनाई जाएगी। इस संबंध में डीएम संजीव सिंह ने बताया कि गेहूं खरीद की तैयारी शुरू कर दी गई। विपणन के नौ केंद्रों का अनुमोदन किया गया है। एक अप्रैल से खरीद प्रारंभ करा दी जाएगी।
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इनसेट-ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खरीद में हो सकती है दिक्कत
पीडीडीयू नगर। धान खरीद में भी प्रशासन की ओर से ऑनलाइन पंजीकरण के बाद टोकन की व्यवसथा की गई थी। इससे किसानों को परेशानी हुई थी। साफ्टवेयर की धीमी गति की वजह से किसानों को धान बेचने में दिक्कत हुई। इसके बाद आनन फानन प्रशासन की ओर से आफलाइन टोकन के साथ खरीद की शुरूआत की गई। किसानों ने ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था के साथ ऑफलाइन खरीद की भी मांग की है।
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