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प्रीकाशन डोज के लिए कोविन एप पर कराना होगा रजिस्ट्रेशन
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चंदौली।कोरोना संक्रमण से निबटने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने अच्छी पहल की है। जनपद में निजी अस्पतालों में 18 साल की उम्र से अधिक के लोग भी सतर्कता ( प्रीकाशन) डोज लगवा सकेंगे। इसके लिए उन्हें निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा। जनपद में स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों को लक्ष्य देकर सतर्कता डोज के लिए जल्द अभियान शुरू कराएगा, ताकि कोरोना वायरस से लोगों को बचाया जा सके। वहीं प्रीकाशन डोज के लिए कोविन एप पर लोगों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
सरकारी अस्पतालों में फ्रंट लाइन वर्करों व 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को नि:शुल्क सतर्कता डोज लगाई जा रही। इसके लिए विभाग के पास 97 हजार 410 डोज उपलब्ध है। अब तक 12235 से अधिक लोगों को यह डोज दी जा चुकी है। सतर्कता डोज दूसरी डोज लगने के नौ माह बाद ही लगवा सकेंगे। इसे एहतियाती खुराक भी माना जा रहा। यह खुराक लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में असरकारक सिद्ध होती है। मानव स्वास्थ्य संक्रमण से सुरक्षित रहेगा। कोरोना वायरस के अब तक कई वैरिएंट आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना कि कोविड संक्रमण का खतरा टला नहीं है।इससे निबटने के लिए वैक्सीन की एक समय अंतराल के बाद दो खुराकें लोगों को लगाई जा रही हैं। समय के हिसाब से लोगों की रोग प्रतिरोध क्षमता कम होने लगती है। इसलिए तीसरी खुराक इम्युनिटी बूस्टर( सतर्कता डोज) देना जरूरी हो जाती है। तीसरी लहर में वैक्सीनेशन ने गंभीर बीमारी, अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों और मौतों की संख्या को कम किया है। देश में चौथी लहर के अंदेशा को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा को अलर्ट जारी कर दिया गया।
चंदौली। सतर्कता डोज लेने वाले कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से किसी एक वैक्सीन की दोनों खुराक ले रखी है तो पहले दी गई वैक्सीन की ही बूस्टर डोज लगाई जाएगी। कोविन एप पर पहले से रजिस्ट्रेशन है तो पात्र लोगों को इसी एप से डोज के लिए संदेश आएगा। कोविन एप पर जाकर अपना स्लाट बुक करा सकेंगे। इसमें सबसे पहले अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें। इसके बाद ओटीपी आएगी। इसके तुरंत बाद पता चल जाएगा कि आप बूस्टर के लिए पात्र हैं या नहीं। मतलब दूसरी डोज लिए हुए नौ माह का समय हो चुका होगा, तभी रजिस्ट्रेशन होगा।
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जनपद में अभियान के तहत सभी निजी अस्पतालों में प्रीकाशन डोज लगाई जाएगी। इसके लिए एप पर पंजीकरण कराना होगा। अस्पताल प्रतिरक्षित लोगों की रिपोर्ट विभाग को देंगे।
-डा. वाईके राय, मुख्य चिकित्साधिकारी
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सरकारी अस्पतालों में फ्रंट लाइन वर्करों व 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को नि:शुल्क सतर्कता डोज लगाई जा रही। इसके लिए विभाग के पास 97 हजार 410 डोज उपलब्ध है। अब तक 12235 से अधिक लोगों को यह डोज दी जा चुकी है। सतर्कता डोज दूसरी डोज लगने के नौ माह बाद ही लगवा सकेंगे। इसे एहतियाती खुराक भी माना जा रहा। यह खुराक लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ बनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में असरकारक सिद्ध होती है। मानव स्वास्थ्य संक्रमण से सुरक्षित रहेगा। कोरोना वायरस के अब तक कई वैरिएंट आ चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना कि कोविड संक्रमण का खतरा टला नहीं है।इससे निबटने के लिए वैक्सीन की एक समय अंतराल के बाद दो खुराकें लोगों को लगाई जा रही हैं। समय के हिसाब से लोगों की रोग प्रतिरोध क्षमता कम होने लगती है। इसलिए तीसरी खुराक इम्युनिटी बूस्टर( सतर्कता डोज) देना जरूरी हो जाती है। तीसरी लहर में वैक्सीनेशन ने गंभीर बीमारी, अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों और मौतों की संख्या को कम किया है। देश में चौथी लहर के अंदेशा को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा को अलर्ट जारी कर दिया गया।
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चंदौली। सतर्कता डोज लेने वाले कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से किसी एक वैक्सीन की दोनों खुराक ले रखी है तो पहले दी गई वैक्सीन की ही बूस्टर डोज लगाई जाएगी। कोविन एप पर पहले से रजिस्ट्रेशन है तो पात्र लोगों को इसी एप से डोज के लिए संदेश आएगा। कोविन एप पर जाकर अपना स्लाट बुक करा सकेंगे। इसमें सबसे पहले अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डालें। इसके बाद ओटीपी आएगी। इसके तुरंत बाद पता चल जाएगा कि आप बूस्टर के लिए पात्र हैं या नहीं। मतलब दूसरी डोज लिए हुए नौ माह का समय हो चुका होगा, तभी रजिस्ट्रेशन होगा।
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जनपद में अभियान के तहत सभी निजी अस्पतालों में प्रीकाशन डोज लगाई जाएगी। इसके लिए एप पर पंजीकरण कराना होगा। अस्पताल प्रतिरक्षित लोगों की रिपोर्ट विभाग को देंगे।
-डा. वाईके राय, मुख्य चिकित्साधिकारी