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Chandauli News: जनकपुर की गलियों में भ्रमण पर निकले राम-लक्ष्मण, बरसे फूल
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कंदवा के अरंगी में फुलवारी प्रसंग का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : 1
अरंगी गांव में रामलीला के तीसरे दिन सोमवार की रात जनकपुर दर्शन, अष्ट सखी संवाद और फुलवारी प्रसंग का मंचन किया गया।
लक्ष्मण और भगवान राम महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा लेकर जनकपुर की गलियों में निकल जाते हैं। जब राम और लक्ष्मण जनकपुर की गलियों से गुजरे तो उनकी सुंदरता और मोहनी छवि हर किसी को मोहित कर जाती है। चारों तरफ से फूलों की वर्षा होने लगती है और दोनों राजकुमारों को देखने के लिए जनकपुर वासियों ने पलके बिछा दीं। इसके बाद फुलवारी का मंचन होता है। राम और लक्ष्मण गुरु की पूजा के लिए फूल लेने के लिए बाग में जाते हैं। उसी समय सीता भी सखियों के साथ वाटिका में पहुंचती हैं। जनक दुलारी सीता और राम का आमना- सामना होता है और सीता संकुचा कर आगे बढ़ जाती हैं। इस दौरान लीलाधर सिंह, धन्वंतरि पांडेय, अजय सिंह, विजय शंकर गुप्ता, गुलाब सिंह, संतोष शर्मा, विकास सिंह आदि लीला प्रेमी मौजूद रहे। समिति के संरक्षक लीलाधर सिंह ने इस वर्ष दिवंगत हुए रामलीला के पात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जयंत नेत्र भंग का मंचन ने भाव विभोर हुए दर्शक : कमालपुर। स्थानीय रामलीला परिसर में सोमवार की रात जयंत नेत्र भंग प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष हरिवंश उपाध्याय, संजीवन मिश्रा, रविंद्र नाथ दुबे, गणेश अग्रहरि, संजय मिश्रा, संजय रस्तोगी, शिवम मौजूद रहे।
रामगढ़ की रामलीला में प्रभु श्रीराम ने तोड़ा शिवधनुष : चहनिया। रामगढ़ में श्रीरामलीला समिति की ओर से सोमवार की रात धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर, शिवधनुष भंग और भगवान परशुराम-लक्ष्मण के बीच तीखे संवादों का कलाकारों ने सजीव मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर अनुज यादव, नरेंद्र बहादुर सिंह, अशोक सिंह माैजूद रहे।
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लक्ष्मण और भगवान राम महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा लेकर जनकपुर की गलियों में निकल जाते हैं। जब राम और लक्ष्मण जनकपुर की गलियों से गुजरे तो उनकी सुंदरता और मोहनी छवि हर किसी को मोहित कर जाती है। चारों तरफ से फूलों की वर्षा होने लगती है और दोनों राजकुमारों को देखने के लिए जनकपुर वासियों ने पलके बिछा दीं। इसके बाद फुलवारी का मंचन होता है। राम और लक्ष्मण गुरु की पूजा के लिए फूल लेने के लिए बाग में जाते हैं। उसी समय सीता भी सखियों के साथ वाटिका में पहुंचती हैं। जनक दुलारी सीता और राम का आमना- सामना होता है और सीता संकुचा कर आगे बढ़ जाती हैं। इस दौरान लीलाधर सिंह, धन्वंतरि पांडेय, अजय सिंह, विजय शंकर गुप्ता, गुलाब सिंह, संतोष शर्मा, विकास सिंह आदि लीला प्रेमी मौजूद रहे। समिति के संरक्षक लीलाधर सिंह ने इस वर्ष दिवंगत हुए रामलीला के पात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जयंत नेत्र भंग का मंचन ने भाव विभोर हुए दर्शक : कमालपुर। स्थानीय रामलीला परिसर में सोमवार की रात जयंत नेत्र भंग प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस मौके पर समिति के अध्यक्ष हरिवंश उपाध्याय, संजीवन मिश्रा, रविंद्र नाथ दुबे, गणेश अग्रहरि, संजय मिश्रा, संजय रस्तोगी, शिवम मौजूद रहे।
रामगढ़ की रामलीला में प्रभु श्रीराम ने तोड़ा शिवधनुष : चहनिया। रामगढ़ में श्रीरामलीला समिति की ओर से सोमवार की रात धनुष यज्ञ लीला का मंचन किया गया। सीता स्वयंवर, शिवधनुष भंग और भगवान परशुराम-लक्ष्मण के बीच तीखे संवादों का कलाकारों ने सजीव मंचन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस मौके पर अनुज यादव, नरेंद्र बहादुर सिंह, अशोक सिंह माैजूद रहे।
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