{"_id":"ea94b98f94ee709f833b79c2dad989b6","slug":"rain-falling-with-hail-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश के साथ गिरे ओले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश के साथ गिरे ओले
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Wed, 15 Apr 2015 02:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंगलवार की सुबह तेज हवा चलने व सायंकाल पांच बजते-बजते एक घंटे की बारिश व कहीं कहीं ओले गिरने से एक बार फिर किसान बेचैन हो गए।
बीच-बीच में बारिश की गति तेज भी हुई। बिन मौसम बरसात से सबसे अधिक गेहूं की फसल को नुकसान होने का डर है।
बरसात से तापमान गिरा और रात में लोगों को हल्की ठंड भी महसूस हुई।
दो दिनों से रुक-रुक कर हुई बारिश से ग्रामीण इलाकों सहित नगरीय क्षेत्र में सड़कों पर कीचड़ व फिसलन के कारण राहगीर परेशान रहे। मुख्यालय पर सर्विस रोडों के दोनों तरफ पानी भर जाने से लोगों को दिक्कत हुई। विगत दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
तेज हवा और बारिश से सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। गेहूं संग दलहनी और तिलहनी फसलों को भारी नुकसान होने की सूचना है।
मंगलवार को हुई बारिश ने किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। आंधी के चलते खेतों में गिरी फसल पूरी तरफ से बर्बाद हो जाएगी। चकिया संवाददाता के अनुसार बारिश ने गेहूं व आम की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। बौर में लगे फल बारिश और तेज हवा से गिर गए।
इससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा।
उधर बरहनी ब्लाक के भैसउर गांव निवासी श्रीराम उपाध्याय, पारसनाथ शुक्ला, सिकठां के रतन कुमार सिंह, कम्हरिया के महेंद्र प्रताप सिंह, सकलहीडा ब्लाक के कटसिल गांव के दयाशंकर पाठक ने बताया कि इस बारिश व ओले ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
चहनियां संवाददाता के अनुसार बारिश संग ओले भी गिरे, जिससे गेहूं और आम की फसल को काफी क्षति हुई। कंदवा संवाददाता के अनुसार बारिश से फसलाें को तो अुनसान हुआ ही, जमानियां सैयदराजा मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। मार्ग पर स्थित गड्ढों में पानी भरने के कारण वाहनों के पहिए जहां-तहां रुक गए।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार बारिश ने किसानों पर जमकर कहर ढाया। गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। जिन किसानों की फसल खलिहानों में आ चुकी है, उनके लिए तो कुछ राहत भरी खबर है लेकिन खेत में खड़ी फसल काफी बर्बाद हो गई।
विज्ञापन
बीच-बीच में बारिश की गति तेज भी हुई। बिन मौसम बरसात से सबसे अधिक गेहूं की फसल को नुकसान होने का डर है।
बरसात से तापमान गिरा और रात में लोगों को हल्की ठंड भी महसूस हुई।
दो दिनों से रुक-रुक कर हुई बारिश से ग्रामीण इलाकों सहित नगरीय क्षेत्र में सड़कों पर कीचड़ व फिसलन के कारण राहगीर परेशान रहे। मुख्यालय पर सर्विस रोडों के दोनों तरफ पानी भर जाने से लोगों को दिक्कत हुई। विगत दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
तेज हवा और बारिश से सबसे अधिक नुकसान किसानों को उठाना पड़ रहा है। गेहूं संग दलहनी और तिलहनी फसलों को भारी नुकसान होने की सूचना है।
मंगलवार को हुई बारिश ने किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया। आंधी के चलते खेतों में गिरी फसल पूरी तरफ से बर्बाद हो जाएगी। चकिया संवाददाता के अनुसार बारिश ने गेहूं व आम की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। बौर में लगे फल बारिश और तेज हवा से गिर गए।
इससे किसानों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ेगा।
उधर बरहनी ब्लाक के भैसउर गांव निवासी श्रीराम उपाध्याय, पारसनाथ शुक्ला, सिकठां के रतन कुमार सिंह, कम्हरिया के महेंद्र प्रताप सिंह, सकलहीडा ब्लाक के कटसिल गांव के दयाशंकर पाठक ने बताया कि इस बारिश व ओले ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
चहनियां संवाददाता के अनुसार बारिश संग ओले भी गिरे, जिससे गेहूं और आम की फसल को काफी क्षति हुई। कंदवा संवाददाता के अनुसार बारिश से फसलाें को तो अुनसान हुआ ही, जमानियां सैयदराजा मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित रहा। मार्ग पर स्थित गड्ढों में पानी भरने के कारण वाहनों के पहिए जहां-तहां रुक गए।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार बारिश ने किसानों पर जमकर कहर ढाया। गेहूं की कटाई और मड़ाई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया। जिन किसानों की फसल खलिहानों में आ चुकी है, उनके लिए तो कुछ राहत भरी खबर है लेकिन खेत में खड़ी फसल काफी बर्बाद हो गई।