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रेलकर्मियों ने पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग की
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ईस्ट सेंट्रल रेलवे इंप्लाई यूनियन के द्विवार्षिक अधिवेशन में नेताओं ने पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू कराने की मांग की।सोमवार को पीडीडीयू नगर के लोको मैदान पर आयोजित अधिवेशन में पुरानी रेलवे में ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने और निजीकरण रोकने की मांग उठाई। चेताया कि रेलवे ने रेलकर्मियों की समस्याएं नहीं सुनीं तो आंदोलन होगा।
अधिवेशन में अमरीक सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन रेलकर्मचारियों का हक है और इसे हम लेकर रहेंगे। एक्टू के केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कमल उसरी ने कहा कि रेलवे देश की जीवन रेखा कही जाती है। इसके निजीकरण से देश को नुकसान होगा। देश बचाने के लिए रेल का निजीकरण रोकना होगा। क्षेत्रीय महासचिव एके राउत ने कहा कि रेलकर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। इसे हर हाल में रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे का निजीकरण कर उसे उद्योगपतियों के हाथ में सौंपने, एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू करने, तीस वर्ष कार्य अथवा 55 वर्ष की आयु में पहुंच कर रेलकर्मियों को जबरन रिटायर करने, गलत परफामेंस रिपोर्ट तैयार कर छंटनी करने, रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती न करने, श्रम कानूनों को बदल कर उसे पूंजीपतियों के अनुरूप बनाने, कोरोना के नाम पर महंगाई भत्ता फ्रीज करने के विरोध में रेल कर्मी आंदोलन करेंगे।
इसके पूर्व ईसीआरईयू के महासचिव एसपी साहू ने यूनियन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मौके पर रवि सेन, बीआर सिंह, श्रवण गुप्त, राजेन्द्र पाल, राजेश कुमार, जितेन्द्र यादव, एके पंकज, एमके बनर्जी, आशुतोष कुमार, त्रिभुवन सिंह, एसके सिंह, प्रवीण कुमार, राजेश कुमार, मृत्युंजय कुमार, प्रमोद कुमार, सुनील साव, कैलाश पासवान, एसएस हांडा, संजीव मिश्र, घनश्याम पासवान, चंदन राय, संदीप पासवान, हरिनरायन, वासुदेव महतो रहे। अध्यक्षता रत्नेश वर्मा ने, संचालन अवधेश गुप्ता ने किया। अतिथियों का स्वागत वसूल हक ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन इसीआरईयू के मंडल सचिव संतोष पासवान ने किया।
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अधिवेशन में अमरीक सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन रेलकर्मचारियों का हक है और इसे हम लेकर रहेंगे। एक्टू के केंद्रीय उपाध्यक्ष डॉ. कमल उसरी ने कहा कि रेलवे देश की जीवन रेखा कही जाती है। इसके निजीकरण से देश को नुकसान होगा। देश बचाने के लिए रेल का निजीकरण रोकना होगा। क्षेत्रीय महासचिव एके राउत ने कहा कि रेलकर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। इसे हर हाल में रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे का निजीकरण कर उसे उद्योगपतियों के हाथ में सौंपने, एनपीएस समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू करने, तीस वर्ष कार्य अथवा 55 वर्ष की आयु में पहुंच कर रेलकर्मियों को जबरन रिटायर करने, गलत परफामेंस रिपोर्ट तैयार कर छंटनी करने, रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती न करने, श्रम कानूनों को बदल कर उसे पूंजीपतियों के अनुरूप बनाने, कोरोना के नाम पर महंगाई भत्ता फ्रीज करने के विरोध में रेल कर्मी आंदोलन करेंगे।
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इसके पूर्व ईसीआरईयू के महासचिव एसपी साहू ने यूनियन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस मौके पर रवि सेन, बीआर सिंह, श्रवण गुप्त, राजेन्द्र पाल, राजेश कुमार, जितेन्द्र यादव, एके पंकज, एमके बनर्जी, आशुतोष कुमार, त्रिभुवन सिंह, एसके सिंह, प्रवीण कुमार, राजेश कुमार, मृत्युंजय कुमार, प्रमोद कुमार, सुनील साव, कैलाश पासवान, एसएस हांडा, संजीव मिश्र, घनश्याम पासवान, चंदन राय, संदीप पासवान, हरिनरायन, वासुदेव महतो रहे। अध्यक्षता रत्नेश वर्मा ने, संचालन अवधेश गुप्ता ने किया। अतिथियों का स्वागत वसूल हक ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन इसीआरईयू के मंडल सचिव संतोष पासवान ने किया।
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