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जर्जर भवन
ब्यूरो अमर उजाला चंदौली
Updated Thu, 30 Apr 2015 01:24 AM IST
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नगर सहित जनपद में कई ऐसे भवन हैं, जिन्हें प्रशासन द्वारा जर्जर घोषित कर
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दिया गया है। बावजूद इसके लोग ऐसे आवासों में रहने को लोग मजबूर हैं।
गत शनिवार और रविवार को आए भूकंप के कारण देश में कई भवन और मकान धराशाई हो गए। लेकिन प्रशासन अभी तक नहीं चेता। नगर संवाददाता के अनुसार रेलवे कालोनियों में लगभग पांच सौ क्वाटरों को रेल प्रशासन द्वारा जर्जर घोषित कर दिया गया है।
लेकिन रेल आवासों की कमी के चलते कर्मचारी इन आवासों में रहने को विवश हैं।
पिछले दिनों आए भूकंप की तीव्रता यदि और ज्यादा होती तो निश्चित ही कई आवास जमींदोज हो गए होते और बड़ा हादसा हो जाता।
नगर में भी नगर पालिका द्वारा लगभग दो सौ मकानों को रहने के लिए अनुपयुक्त घोषितकर उनमें रहने वालों को चेतावनी दे दी गई है।
लेकिन आर्थिक तंगी के कारण लोग मकानों की मरम्मत करा पाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा कई भूकंपरोधी सरकारी भवनों की दीवरों में भी भूकंप के झटकों के बाद दरार पड़ गई।
जिसकी वजह से उन कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को झटके महसूस होने के बाद जान बचाने के लिए बाहर भागना पड़ा। कंदवा संवाददाता के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बाकड़पुर महारानी, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर, प्राथमिक विद्यालय गौवाचावर को भी जर्जर घोषित कर दिया गया है।
गत शनिवार और रविवार को आए भूकंप के कारण देश में कई भवन और मकान धराशाई हो गए। लेकिन प्रशासन अभी तक नहीं चेता। नगर संवाददाता के अनुसार रेलवे कालोनियों में लगभग पांच सौ क्वाटरों को रेल प्रशासन द्वारा जर्जर घोषित कर दिया गया है।
लेकिन रेल आवासों की कमी के चलते कर्मचारी इन आवासों में रहने को विवश हैं।
पिछले दिनों आए भूकंप की तीव्रता यदि और ज्यादा होती तो निश्चित ही कई आवास जमींदोज हो गए होते और बड़ा हादसा हो जाता।
नगर में भी नगर पालिका द्वारा लगभग दो सौ मकानों को रहने के लिए अनुपयुक्त घोषितकर उनमें रहने वालों को चेतावनी दे दी गई है।
लेकिन आर्थिक तंगी के कारण लोग मकानों की मरम्मत करा पाने में असमर्थ हैं। इसके अलावा कई भूकंपरोधी सरकारी भवनों की दीवरों में भी भूकंप के झटकों के बाद दरार पड़ गई।
जिसकी वजह से उन कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों को झटके महसूस होने के बाद जान बचाने के लिए बाहर भागना पड़ा। कंदवा संवाददाता के अनुसार प्राथमिक विद्यालय बाकड़पुर महारानी, प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणपुर, प्राथमिक विद्यालय गौवाचावर को भी जर्जर घोषित कर दिया गया है।