कमालपुर। मुस्लिम समुदाय के युवाओं एक हाथ में कुरुआन और दूसरे हाथ में कंप्यूटर की जरूरत है। मदरसों में पुरातन के साथ आधुनिक शिक्षा की जरूरत है। इससे समाज का भला हो सकेगा। ये बातें उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. इफ्तेखार अहमद जावेद ने रविवार को नौरंगाबाद स्थित जामिया हिदायतुल उलूम मदरसा में तालीम की अहमियत पर चर्चा करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि मदरसों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की जरूरत है। स्थिति यह होनी चाहिए कि हर जाति धर्म के लोग मदरसों में अपने बच्चों को तालीम के लिए भेजें। कहा कि सरकार की नीयत साफ है, एजुकेशन सिस्टम को सुधार करना है।कहा कि मदरसों को सरकार की गाइड लाइन के अनुसार चलना होगा। मदरसों के बच्चों को भी उर्दू के साथ कंप्यूटर अंग्रेजी की पढ़ाई कराई जाए।जिला अल्पसंख्यक अधिकारी सुधांशु मोहन शर्मा ने कहा कि मेरी पहली नियुक्ति इसी जनपद में हुई है। मदरसे भी सभ्य नागरिक बनाने में कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक नजमुदीन ने कहा कि समय के अनुसार मदरसों में भी परिवर्तन करने की जरूरत है। हाजी वसीम अहमद ने कहा आज जिस चीज की जरूरत है उस पर ध्यान देना चाहिए। इस अवसर पर वहीद उल्लाह खान, प्रधानाचार्य निसार अहमद, इमरान खान, सोनू, बबलू खान, इम्तियाज खान, शाहिद खान, विवेक, कैलाश यादव, %राजेश सिंह, महेंद्र राजभर, डॉ. अनिल कुशवाहा, अरशद अंसारी, देवेंद्र सिंह मुन्ना, रिजवान अहमद, अजीजुर रहमान रहे। संचालन मुफ्ती निजामुद्दीन ने किया।