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पुलिया बनवाने के लिए किया विरोध प्रदर्शन
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क्षेत्र के नूरी गांव के सामने धीना रजवाहा पर पुल न बनाए जाने से लोगों को खेतों तक जाने में परेशानी हो रही है। गांव के सामने स्थित खेतों तक ट्रैक्टर ले जाने के लिए आठ किलोमीटर लंबा चक्कर काटना पड़ता है। चौड़ा करने के लिए पुलिया को तोड़ दिया गया था लेकिन इसे बनाया गया। इससे नाराज होकर बुधवार को गांव के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और शीघ्र बनवाने की मांग की।
धीना रजवाहा पर नूरी गांव के सामने पुलिया बनी हुई थी। वर्ष 2007 में पुलिया को चौड़ा बनवाने के लिए तोड़वा दिया गया। पुलिया तो टूट गई लेकिन उसे दुबारा बनाया नहीं गया। पुलिया न बनने से किसानों के सामने खेती के लिए अपने ट्रैक्टर आदि को ले जाने में तम्मागढ़ गांव से होकर आठ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता है। इससे नूरी एवं पिपरदहां आदि गांव के 30 से अधिक किसानों को विशेष परेशानी होती है। स्थिति यह है कि हार्वेस्टिंग के समय हार्वेस्टर खेत तक नहीं पहुंच पाता है। खेतों तक ट्रैक्टर न पहुंचने से किसानों को अपनी उपज को खेत में ही भगवान भरोसे छोड़ना पड़ता है। धीना राजवाहा पर नूरी गांव से आगे पानी जाने के लिए दो पाइप डाल दिए गए हैं लेकिन बरसात में आवागमन रूक जाता है। इससे नाराज होकर किसानों ने नूरी गांव की पुलिया पर खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुलिया नहीं बनाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में अरविंद सिंह, राम सूरत सिंह, राजेश कुमार, मनीष सिंह, रजत सिंह, गोरख सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज सिंह, विनीत सिंह, कृष्णकत सिंह रहे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई अंशुमान तिवारी ने बताया कि पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। संस्तुति मिलने के बाद पुलिया बना दी जाएगी।
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धीना रजवाहा पर नूरी गांव के सामने पुलिया बनी हुई थी। वर्ष 2007 में पुलिया को चौड़ा बनवाने के लिए तोड़वा दिया गया। पुलिया तो टूट गई लेकिन उसे दुबारा बनाया नहीं गया। पुलिया न बनने से किसानों के सामने खेती के लिए अपने ट्रैक्टर आदि को ले जाने में तम्मागढ़ गांव से होकर आठ किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटना पड़ता है। इससे नूरी एवं पिपरदहां आदि गांव के 30 से अधिक किसानों को विशेष परेशानी होती है। स्थिति यह है कि हार्वेस्टिंग के समय हार्वेस्टर खेत तक नहीं पहुंच पाता है। खेतों तक ट्रैक्टर न पहुंचने से किसानों को अपनी उपज को खेत में ही भगवान भरोसे छोड़ना पड़ता है। धीना राजवाहा पर नूरी गांव से आगे पानी जाने के लिए दो पाइप डाल दिए गए हैं लेकिन बरसात में आवागमन रूक जाता है। इससे नाराज होकर किसानों ने नूरी गांव की पुलिया पर खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुलिया नहीं बनाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में अरविंद सिंह, राम सूरत सिंह, राजेश कुमार, मनीष सिंह, रजत सिंह, गोरख सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज सिंह, विनीत सिंह, कृष्णकत सिंह रहे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के जेई अंशुमान तिवारी ने बताया कि पुलिया निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। संस्तुति मिलने के बाद पुलिया बना दी जाएगी।
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