फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chandauli News ›   Problems facing for water in summer

गर्मी में पानी के लिए उठानी पड़ रही परेशानी

Sun, 03 Apr 2022 12:57 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 12:57 AM IST
विज्ञापन
Problems facing for water in summer
पीडीडीयू नगर। इस वर्ष मार्च के आखिरी सप्ताह में ही गर्मी ने भीषण रूप ले लिया है। पारा 40 के पार जा चुका है। ऐसे में जिले के कई गांवों में हैंडपंप सूखने लगे हैं। नौगढ़ और चकिया के कई गांवों के लोग पेयजल के लिए लंबी दूर तय कर रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्र में पानी के प्राकृतिक स्रोत सूखने लगे हैं। कई क्षेत्र में ट्यूबवेल भी दगा दे चुके हैं। जलनिगम की ओर से पानी की व्यवस्था किए जाने के प्रयास जारी हैं।
विज्ञापन

जिले में लोगों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जलनिगम की ओर से 42 व ग्राम पंचायत की ओर से 17 पेयजल योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। वहीं ग्रामीण व शहरी इलाकों में करीब 30 हजार हैंडपंप लगाए गए हैं। जिले के करीब 16 लाख लोगों के लिए प्रति 150 की आबादी पर इंडिया मार्का हैंडपंप लगाया गया है। इनमें कई हैंडपंपों ने गर्मी की शुरुआत में ही जवाब देना शुरू कर दिया है। कई हैंडपंप खराब पड़े हैं तो कई रिबोर की बाट जोह रहे हैं। हैंडपंपों की मरम्मत व उन्हें रिबोर कराने का जिम्मा ग्राम पंचायत पर है। ग्राम पंचायत की लापरवाही के कारण लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
विज्ञापन

पडा़व। क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव में पेयजल की किल्लत शुरू हो गई है। वाराणसी जिले के सूजाबाद गांव में जलनिगम की ओर से पानी की टंकी का निर्माण किया गया था। इसी टंकी से 10 गांवों में पानी की सप्लाई होती थी। वहीं क्षेत्र के जलीलपुर, मढिया, चौरहट, रतनपुर, भोजपुर व सेमरा गांव में कुछ वर्ष पूर्व स्वजलधारा योजना के तहत छोटी-छोटी बोरिंग कराकर पानी की सप्लाई गांव में की जा रही है। बोरिंग पुरानी होने के कारण अब पानी पीने लायक नहीं रह गया है। पड़ाव। वाराणसी और चंदौली को जोड़ने वाले प्रमुख पड़ाव चौराहे पर कहीं भी पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई है। पीडीडीयू नगर, रामनगर, वाराणसी, रेनूकूट, बिहार के यात्री इसी चौराहे से वाहन पकड़ते हैं। चौराहे पर 24 घंटे लोगों का आवागमन रहता है पर कहीं भी पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है। जिससे लोग भटकने पर मजबूर रहते हैं और बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत गरीबों को होती है जो पानी के परेशान रहते हैं। चौराहे के आसपास कुछ सरकारी हैंडपंप लगाए गए हैं जिनका कुछ लोग अपना सबमर्सेबल पंप लगाकर उपयोग कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी भी इस ओर से आंखें मूंदे पड़े हैं।संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

नियामताबाद। क्षेत्र के पटनवा ग्राम पंचायत में तालाब की खोदाई व सुंदरणीकण का कार्य आधा-अधूरा छोड़ दिया गया है। इसकी मांग गांव के सचिदानंद झा व अन्य वे वर्ष 2017 में तहसील दिवस पर की थी। राजस्व विभाग के सीमांकन के बाद तालाब की खोदाई आरंभ कराई गई। ग्राम पंचायत ने मनरेगा के तहत वर्ष 2018 में तत्कालीन खंड विकास अधिकारी रक्षिता सिंह के निर्देश पर तालाब की खोदाई आरंभ कराई थी पर कुछ ही दिनों बाद बिना कोई कारण बताए कार्य बंद कर दिया गया। वहीं शासन का स्पष्ट निर्देश है कि भूमिगत पानी का लेबल बनाए रखने के लिए तालाबों की खोदाई व जलभराव आवश्यक है। इसके बावजूद अधिकारी तालाब की खोदाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं।संवाद
इलिया। एक ओर गर्मी ने सितम ढाना शुरू कर दिया है दूसरी ओर कस्बा के दलित बस्ती में लगे तीन हैंडपंप पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। इनकी मरम्मत या रिबोर कराने की जरूरत है। हैंडपंप खराब होने से लोग पानी के लिए भटकने पर विवश हैं। दलित बस्ती के अर्जुन राम, महगू राम, निहोर, चिरकुट राम, अशोक राम, राम अवध, कपिल देव गुप्ता, सुरेश गुप्ता, अरविंद कुमार, गुड्डू ने बताया कि कई बार जनप्रतिनिधि और विभाग से शिकायत की गई पर कोई नहीं सुन रहा है। संवाद

खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक कराने की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों की है। जलनिगम की ओर से चल रही पेयजल योजनाओं से लोगों को पानी मिल रहा है। कहीं गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर उसे तत्काल ठीक करा दिया जा रहा है।
हेमंत कुमार सिंह, एक्सईएन, जलनिगम (ग्रामीण)।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed