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ुद्ध में हवाई हमलों से बचाव का किया अभ्यास
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पीडीडीयू नगर। नागरिक सुरक्षा और फायर स्टेशन की ओर से युद्ध के दौरान हवाई हमलों में बचाव और आपदा प्रबंधन का अभ्यास किया गया। इस दौरान हवाई हमले के दौरान बचाव और आग लगने की दशा में भवनों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार का सजीव प्रदर्शन किया गया।
इसके पूर्व नागरिक सुरक्षा विभाग के उप नियंत्रक नीरज मिश्रा ने प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं नागरिक सुरक्षा की भूमिका के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कहा कि जब कभी हवाई हमला होगा अथवा किसी भी आपदा के पूर्व स्थानीय व्यक्ति ही फर्स्ट रिस्पांडर होते हैं। किसी भी माध्यम से खतरे की सूचना मिलने पर प्रशिक्षित व्यक्ति ही किसी की मदद कर सकता है। कहा कि भारत चीन युद्ध के बाद नागरिक सुरक्षा विभाग की स्थापना आंतरिक सुरक्षा के लिए की गई थी। इसके पूर्व मॉक ड्रिल के दौरान शाम साढ़े पांच बजे एयर फोर्स स्टेशन से क्षेत्रीय नागरिक सुरक्षा केंद्र को खतरे का लाल संकेत दिया। इस पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने अपने को विशेष मुद्रा में जमीन पर लेट कर सुरक्षित कर लिया। हवाई हमले में बम वर्षा के बाद वायुयान लौट गए तब लोगों को सायरन से माध्यम से खतरा समाप्ति की सूचना दी गई। प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने बचाव की आपातकालीन विधियों से घायलों को सुरक्षित स्थान तक ले जाने का प्रदर्शन किया। घायलों को फर्स्ट एड किया गया वहीं तेल की आग को ढककर स्मादरिंग मेथड से बुझाया गया। प्रथम मंजिल पर घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा गया तथा चेयर नाट से रस्से के द्वारा घायल को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके पूर्व अग्निशमन विभाग की ओर से लोगों को आपदा प्रबंधन की सीख दी गई। इस मौके पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष सिंह, नरेन्द्र सिंह, इरफान उल हुदा, विवेक कुमार, नरेंद्र सिंह, रंजीत भट्टाचार्य, मनोज गुप्ता, सरफराज, राजेश तिवारी, विजय दुबे, लल्लन प्रसाद, राजीव कुमार रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किया।
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इसके पूर्व नागरिक सुरक्षा विभाग के उप नियंत्रक नीरज मिश्रा ने प्रशिक्षण के उद्देश्य एवं नागरिक सुरक्षा की भूमिका के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। कहा कि जब कभी हवाई हमला होगा अथवा किसी भी आपदा के पूर्व स्थानीय व्यक्ति ही फर्स्ट रिस्पांडर होते हैं। किसी भी माध्यम से खतरे की सूचना मिलने पर प्रशिक्षित व्यक्ति ही किसी की मदद कर सकता है। कहा कि भारत चीन युद्ध के बाद नागरिक सुरक्षा विभाग की स्थापना आंतरिक सुरक्षा के लिए की गई थी। इसके पूर्व मॉक ड्रिल के दौरान शाम साढ़े पांच बजे एयर फोर्स स्टेशन से क्षेत्रीय नागरिक सुरक्षा केंद्र को खतरे का लाल संकेत दिया। इस पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने अपने को विशेष मुद्रा में जमीन पर लेट कर सुरक्षित कर लिया। हवाई हमले में बम वर्षा के बाद वायुयान लौट गए तब लोगों को सायरन से माध्यम से खतरा समाप्ति की सूचना दी गई। प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने बचाव की आपातकालीन विधियों से घायलों को सुरक्षित स्थान तक ले जाने का प्रदर्शन किया। घायलों को फर्स्ट एड किया गया वहीं तेल की आग को ढककर स्मादरिंग मेथड से बुझाया गया। प्रथम मंजिल पर घायलों को सुरक्षित नीचे उतारा गया तथा चेयर नाट से रस्से के द्वारा घायल को सुरक्षित बचा लिया गया। इसके पूर्व अग्निशमन विभाग की ओर से लोगों को आपदा प्रबंधन की सीख दी गई। इस मौके पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष सिंह, नरेन्द्र सिंह, इरफान उल हुदा, विवेक कुमार, नरेंद्र सिंह, रंजीत भट्टाचार्य, मनोज गुप्ता, सरफराज, राजेश तिवारी, विजय दुबे, लल्लन प्रसाद, राजीव कुमार रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनिल कुमार सिंह ने किया।
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