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'सोच में बदलाव से होगी गरीबी दूर'
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Wed, 06 Jan 2016 01:27 AM IST
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पंडित कमलापति त्रिपाठी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के
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तत्वावधान में मंगलवार को भारत : वर्तमान सामाजिक और आर्थिक समस्याएं
विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
इसमें बतौर मुख्य वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय वाराणसी के प्राचार्य डा. शिवनारायण गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को अर्थशास्त्र की बारीकियों से अवगत कराने के साथ ही नैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन के बारे में बताया। गरीबी और बेरोजगारी का निराकरण सोच में बदलाव लाकर ही किया जा सकता है।
डाॅ. गुप्त ने कहा कि लक्ष्य निर्धारण, परिश्रम, अनुशासन और निष्ठापूर्ण कार्यों द्वारा ही देश की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का निराकरण संभव है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को स्वयं सहायता समूह बनाने छोटी-छोटी बचत करने, पार्ट टाइम रोजगार करने जैसे सुझाव भी दिए। सापेक्ष और निरपेक्ष, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, व्यभिचार, जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
प्राचार्य डा. विजयलक्ष्मी शर्मा ने वर्तमान समय में नैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन और भ्रष्टाचार को सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का कारण बताते हुए युवाओं से जागरूक होने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष सुकृति मिश्रा ने छात्रों से विद्वानों द्वारा दिए गए सुझावों का अनुसरण करने की बात कही। इस अवसर पर डा. गायत्री, डा. राजनाथ, डा. रीतू खरवार आदि रहे।
इसमें बतौर मुख्य वक्ता पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय महाविद्यालय वाराणसी के प्राचार्य डा. शिवनारायण गुप्ता ने छात्र-छात्राओं को अर्थशास्त्र की बारीकियों से अवगत कराने के साथ ही नैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन के बारे में बताया। गरीबी और बेरोजगारी का निराकरण सोच में बदलाव लाकर ही किया जा सकता है।
डाॅ. गुप्त ने कहा कि लक्ष्य निर्धारण, परिश्रम, अनुशासन और निष्ठापूर्ण कार्यों द्वारा ही देश की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का निराकरण संभव है।
उन्होंने छात्र-छात्राओं को स्वयं सहायता समूह बनाने छोटी-छोटी बचत करने, पार्ट टाइम रोजगार करने जैसे सुझाव भी दिए। सापेक्ष और निरपेक्ष, गरीबी, बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, व्यभिचार, जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
प्राचार्य डा. विजयलक्ष्मी शर्मा ने वर्तमान समय में नैतिक और सामाजिक मूल्यों के पतन और भ्रष्टाचार को सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का कारण बताते हुए युवाओं से जागरूक होने का आह्वान किया। विभागाध्यक्ष सुकृति मिश्रा ने छात्रों से विद्वानों द्वारा दिए गए सुझावों का अनुसरण करने की बात कही। इस अवसर पर डा. गायत्री, डा. राजनाथ, डा. रीतू खरवार आदि रहे।