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मुगलसराय में प्लेटफार्म छोटा, परेशानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sun, 06 Dec 2015 01:49 AM IST
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मुगलसराय रेलवे स्टेशन पर यात्री जान जोखिम में डालकर ट्रेनों पर चढ़ व
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उतर रहे हैं। ऐसा प्लेटफार्म संख्या पांच व छह छोटा होने की वजह से हो रहा
है।
हालांकि प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने की मंजूरी मिल चुकी है और काम शुरू भी हो चुका है लेकिन काम अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। इससे हमेशा यात्रियों की जान खतरे में रहती है।
मुगलसराय रेलवे स्टेशन ए प्लस की श्रेणी वाला है। दिल्ली हावड़ा रूट पर सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन में शुमार स्टेशन पर प्लेटफार्म पांच और छह की संख्या आज तक नहीं बढ़ सकी है। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन तीन से चार सौ ट्रेनों का ठहराव होता है। अधिकतर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाई जा चुकी है। मुगलसराय से होकर गुजरने वाली अस्सी फीसदी ट्रेन चौबीस कोच वाली हैं। आठ प्लेटफार्म में छह प्लेटफार्म की लंबाई तो बढ़ाकर चौबीस कोच के ठहराव लायक बना दी गई लेकिन प्लेटफार्म संख्या पांच और छह पुरानी स्थिति में है।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों के अलावा गुजरात सहित अन्य बड़े व्यवसायिक स्थानों को जाने वाली ट्रेनों को चार, पांच, छह, सात नंबर प्लेटफार्म पर ही रोका जाता है।
महत्वपूर्ण प्लेटफार्म होने की वजह से नगर ही नहीं जनपद सहित आस पास के विभिन्न जिलों के दूसरे शहरों में कमाने जाते हैं और वे मुगलसराय से ही ट्रेन पकड़ते हैं।
प्लेटफार्म की लंबाई कम होने से मेल, एक्सप्रेस सहित अन्य वीआईपी ट्रेन के आधे कोच रेलवे लाइन पर ही रह जाते हैं। विशेष कर ये जनरल कोच होते हैं। इसमें सैनिक, पार्सल, विकलांग, और महिला बोगी होती है। ऐसे में वे ट्रेन पर सवार होने के लिए रेलवे लाइन से होकर पहुंचते हैं।
विशेष कर महिलाओं और विकलांगों को ट्रेन पर चढ़ने में परेशानी होती है। पिछले दिनों अप यार्ड में ट्रेन से उतर कर रेलवे स्टेशन आ रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई थी।
इसके बाद आरपीएफ रेलवे लाइन पार करने वालों के लगातार पकड़ कर चालान कर रही है लेकिन स्टेशन पर किसी का ध्यान नहीं है।
पिछले दिनों प्लेटफार्म को बढ़ाने की कवायद शुरू हुई है लेकिन यह कब तक पूरा होगा इसका भी पता नहीं है। इस संबंध में डीआरएम विद्याभूषण ने बताया कि यात्रियों की परेशानी की जानकारी है।
प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जा रही है। इसका काम चल रहा है। शीघ्र ही यात्रियों की समस्या दूर हो जाएगी।
हालांकि प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाने की मंजूरी मिल चुकी है और काम शुरू भी हो चुका है लेकिन काम अत्यंत धीमी गति से चल रहा है। इससे हमेशा यात्रियों की जान खतरे में रहती है।
मुगलसराय रेलवे स्टेशन ए प्लस की श्रेणी वाला है। दिल्ली हावड़ा रूट पर सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन में शुमार स्टेशन पर प्लेटफार्म पांच और छह की संख्या आज तक नहीं बढ़ सकी है। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन तीन से चार सौ ट्रेनों का ठहराव होता है। अधिकतर ट्रेनों की लंबाई बढ़ाई जा चुकी है। मुगलसराय से होकर गुजरने वाली अस्सी फीसदी ट्रेन चौबीस कोच वाली हैं। आठ प्लेटफार्म में छह प्लेटफार्म की लंबाई तो बढ़ाकर चौबीस कोच के ठहराव लायक बना दी गई लेकिन प्लेटफार्म संख्या पांच और छह पुरानी स्थिति में है।
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों के अलावा गुजरात सहित अन्य बड़े व्यवसायिक स्थानों को जाने वाली ट्रेनों को चार, पांच, छह, सात नंबर प्लेटफार्म पर ही रोका जाता है।
महत्वपूर्ण प्लेटफार्म होने की वजह से नगर ही नहीं जनपद सहित आस पास के विभिन्न जिलों के दूसरे शहरों में कमाने जाते हैं और वे मुगलसराय से ही ट्रेन पकड़ते हैं।
प्लेटफार्म की लंबाई कम होने से मेल, एक्सप्रेस सहित अन्य वीआईपी ट्रेन के आधे कोच रेलवे लाइन पर ही रह जाते हैं। विशेष कर ये जनरल कोच होते हैं। इसमें सैनिक, पार्सल, विकलांग, और महिला बोगी होती है। ऐसे में वे ट्रेन पर सवार होने के लिए रेलवे लाइन से होकर पहुंचते हैं।
विशेष कर महिलाओं और विकलांगों को ट्रेन पर चढ़ने में परेशानी होती है। पिछले दिनों अप यार्ड में ट्रेन से उतर कर रेलवे स्टेशन आ रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई थी।
इसके बाद आरपीएफ रेलवे लाइन पार करने वालों के लगातार पकड़ कर चालान कर रही है लेकिन स्टेशन पर किसी का ध्यान नहीं है।
पिछले दिनों प्लेटफार्म को बढ़ाने की कवायद शुरू हुई है लेकिन यह कब तक पूरा होगा इसका भी पता नहीं है। इस संबंध में डीआरएम विद्याभूषण ने बताया कि यात्रियों की परेशानी की जानकारी है।
प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जा रही है। इसका काम चल रहा है। शीघ्र ही यात्रियों की समस्या दूर हो जाएगी।