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Chandauli News: 100 इंजनों को संभाल कर सर्वश्रेष्ठ बना पीडीडीयू मंडल का डीजल शेड
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पीडीडीयू रेलवे के डीजल शेड में इंजन की मरम्मत करते कर्मचारी। स्रोत:-रेलवे
- फोटो : 1
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल का डीजल शेड सौ रेल इंजनों को संभाल कर पूर्व मध्य रेलवे का सर्वश्रेष्ठ शेड बन गया है। इन इंजनों के सहारे रोजाना 400 मालगाड़ियों का परिचालन किया जा रहा है। यहां 100 इंजनों की देखरेख और मरम्मत की जा रही है। इनमें 83 इलेक्ट्रिक और 17 डीजल इंजन शामिल हैं। इंजनों की नियमित जांच, समय पर मरम्मत और आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से उनकी कार्यक्षमता और उपलब्धता बेहतर बनाई जा रही है।
पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल रोजाना 400 से अधिक मालगाड़ियों का दूसरे मंडलों के साथ आदान-प्रदान करता है। ऐसे में इंजनों की पर्याप्त उपलब्धता माल ढुलाई को सुचारु बनाए रखने में अहम है।
इंजनों की देख भाल के लिए यहां शेड बना हुआ है। यहां रोजाना सौ इंजनों की देख रेख की जा रही है। शेड में इंजनों के जरूरी सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जाती है। ब्रेक, नियंत्रण और अन्य सुरक्षा प्रणालियों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए तय मानकों के अनुसार परीक्षण किए जाते हैं।
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इसके साथ ही स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘’कवच’’ लगाने का काम भी प्राथमिकता से हो रहा है।
यह प्रणाली लोको पायलट को सहायता देने और ट्रेन परिचालन की सुरक्षा बढ़ाने में मदद करती है। चालू वित्त वर्ष में पीडीडीयू डीजल शेड को गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा और ऊर्जा बचत के लिए चार आईएसओ प्रमाणपत्र मिले। इनमें आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन, आईएसओ 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन, आईएसओ 45001:2018 कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा और आईएसओ 50001:2018 ऊर्जा प्रबंधन से संबंधित हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए शेड में अपशिष्ट जल को साफ करने का संयंत्र भी कार्यरत है। इसके जरिए इस्तेमाल के बाद निकलने वाले गंदे पानी का उपचार किया जाता है। साथ ही बिजली और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल रोजाना 400 से अधिक मालगाड़ियों का दूसरे मंडलों के साथ आदान-प्रदान करता है। ऐसे में इंजनों की पर्याप्त उपलब्धता माल ढुलाई को सुचारु बनाए रखने में अहम है।
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इंजनों की देख भाल के लिए यहां शेड बना हुआ है। यहां रोजाना सौ इंजनों की देख रेख की जा रही है। शेड में इंजनों के जरूरी सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच की जाती है। ब्रेक, नियंत्रण और अन्य सुरक्षा प्रणालियों की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने के लिए तय मानकों के अनुसार परीक्षण किए जाते हैं।
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इसके साथ ही स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘’कवच’’ लगाने का काम भी प्राथमिकता से हो रहा है।
यह प्रणाली लोको पायलट को सहायता देने और ट्रेन परिचालन की सुरक्षा बढ़ाने में मदद करती है। चालू वित्त वर्ष में पीडीडीयू डीजल शेड को गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा और ऊर्जा बचत के लिए चार आईएसओ प्रमाणपत्र मिले। इनमें आईएसओ 9001:2015 गुणवत्ता प्रबंधन, आईएसओ 14001:2015 पर्यावरण प्रबंधन, आईएसओ 45001:2018 कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा और आईएसओ 50001:2018 ऊर्जा प्रबंधन से संबंधित हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए शेड में अपशिष्ट जल को साफ करने का संयंत्र भी कार्यरत है। इसके जरिए इस्तेमाल के बाद निकलने वाले गंदे पानी का उपचार किया जाता है। साथ ही बिजली और अन्य संसाधनों का बेहतर उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है।