{"_id":"5e59573f8ebc3ef3b625d13c","slug":"one-thousand-rupees-ointment-to-distressed-farmers-chandauli-news-vns5133678108","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदाग्रस्त किसानों को एक हजार रुपये का ‘मरहम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदाग्रस्त किसानों को एक हजार रुपये का ‘मरहम’
विज्ञापन
चंदौली। बारिश के दौरान किसानों की बर्बाद हुई धान की फसल का मुआवजा जल्द ही प्रभावित किसानों के खाते में पहुंच जाएगा। लेकिन मुआवजा पाने के बाद किसानों के चेहरे की खुशी नहीं लौट पाएगी। कारण कि जिला प्रशासन ने जिन 35 हजार आपदाग्रस्त किसानों को चिह्नित किया है उनके लिए शासन से सिर्फ 3.59 करोड़ रुपये जिला प्रशासन को भेजा गया है। ऐसे में प्रत्येक किसान के खाते में लगभग एक हजार रुपये पहुंचेगा। किसानों को इससे नाराजगी और उनका कहना है कि ऐसे में इतनी धनराशि तो पेपर दिखाने और कार्यालयों का चक्कर काटने में लग जाएंगे।
दिसंबर 2019 में हुई अचानक बारिश के चलते जिले में धान की फसल बर्बादी के कगार पहुंच गई। ज्यादातर किसानों की फसल खेत में सड़ गई तथा कुछ किसानों का धान का बोझ खलिहान में भींगने के चलते बर्बाद हो गए। इसके बाद किसानों ने आपदा राशि देने के लिए जिला प्रशासन से गुहार भी लगाई। लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन के लोग किसानों की समस्या को अनजान बने रहे। बाद में किसान संगठनों ने मोर्चा संभाला तब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की निद्रा टूटी। आनन-फानन में केवल दो तहसील क्षेत्र सकलडीहा और सदर के प्रभावित 35970 किसानों को मुआवजा देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने मंजूरी देते हुए 3.59 करोड़ 70 हजार रुपये का बजट उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन अब यह धनराशि प्रभावित किसानों के खाते में भेजने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे है। क्योकि उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष प्रत्येक किसान के खाते में केवल एक हजार रुपये ही भेजा जा सकता है।
तीन तहसीलों के किसान होगे वंचिंत
चंदौली। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार शासन ने केवल सकलडीहा और सदर तहसील क्षेत्र के प्रभावित किसानों को देने के लिए धनराशि दी है। लेकिन मुगलसराय, चकिया और नौगढ़ तहसील क्षेत्र के प्रभावित किसानों के लिए अभी तक कोई धनराशि मंजूर नहीं हुई है। ऐसे में तीन तहसील क्षेत्रों के किसानों को फिलहाल कोई भी आपदा राशि नहीं नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
अतिवृष्टि से धान की फसल बर्बाद होने के कारण किसानों के लिए शासन से 3.59 लाख से अधिक धनराशि प्राप्त हो गया है। जिसे तहसील प्रशासन के माध्यम से प्रभावित किसानों के खाते में भेजने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही प्रभावित किसानों के खाते में धनराशि उपलब्ध हो जाएगी। बच्चालाल, एडीएम।
क्या कहते हैं किसान
जले पर नमक छिड़क रही है सरकार
चंदौली। सदर तहसील के असना गांव निवासी फौजदार सिंह ने बताया कि पांच एकड़ रकबे में बोई गई धान की फसल बारिश के चलते बर्बाद हो गई। वहीं पेशगी पर छह एकड़ में धान की फसल लगाया था। वह भी असमय बारिश के भेंट चढ़ गई। सरकार आपदाग्रस्त किसानों को एक हजार रुपये देकर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। इमिलिया गांव निवासी हरीश सिंह बताया कि बेमौसम बारिश के चलते करीब 20 एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई तथा गेंहूं की बुआई भी नहीं हो सकी। ऐसे में किसानों को एक हजार रुपये देकर अन्नदाताओं का अपमान किया जा रहा है।
बरहनी गांव निवासी विकास त्रिपाठी ने बताया कि बारिश से करीब दस एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई और खेत में पानी लगने से गेंहू की बुआई नहीं हुई। किसानों को उचित मुआवजे की आवश्यकता है। एक हजार रुपये देकर किसानों की उपेक्षा की जा रही है। जलालपुर गांव निवासी रामसागर सिंह ने बताया कि करीब चार एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। एक हजार रुपये से किसान एक बोरी डीएपी भी नहीं खरीद सकता। अच्छा होगा कि सरकार किसानों को उनके हाल पर छोड़ दे।
विज्ञापन
दिसंबर 2019 में हुई अचानक बारिश के चलते जिले में धान की फसल बर्बादी के कगार पहुंच गई। ज्यादातर किसानों की फसल खेत में सड़ गई तथा कुछ किसानों का धान का बोझ खलिहान में भींगने के चलते बर्बाद हो गए। इसके बाद किसानों ने आपदा राशि देने के लिए जिला प्रशासन से गुहार भी लगाई। लेकिन इसके बाद भी जिला प्रशासन के लोग किसानों की समस्या को अनजान बने रहे। बाद में किसान संगठनों ने मोर्चा संभाला तब अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की निद्रा टूटी। आनन-फानन में केवल दो तहसील क्षेत्र सकलडीहा और सदर के प्रभावित 35970 किसानों को मुआवजा देने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर शासन ने मंजूरी देते हुए 3.59 करोड़ 70 हजार रुपये का बजट उपलब्ध करा दिया गया है। लेकिन अब यह धनराशि प्रभावित किसानों के खाते में भेजने में अधिकारियों के पसीने छूट रहे है। क्योकि उपलब्ध धनराशि के सापेक्ष प्रत्येक किसान के खाते में केवल एक हजार रुपये ही भेजा जा सकता है।
विज्ञापन
तीन तहसीलों के किसान होगे वंचिंत
चंदौली। जिला प्रशासन की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार शासन ने केवल सकलडीहा और सदर तहसील क्षेत्र के प्रभावित किसानों को देने के लिए धनराशि दी है। लेकिन मुगलसराय, चकिया और नौगढ़ तहसील क्षेत्र के प्रभावित किसानों के लिए अभी तक कोई धनराशि मंजूर नहीं हुई है। ऐसे में तीन तहसील क्षेत्रों के किसानों को फिलहाल कोई भी आपदा राशि नहीं नहीं मिलेगी।
विज्ञापन
अतिवृष्टि से धान की फसल बर्बाद होने के कारण किसानों के लिए शासन से 3.59 लाख से अधिक धनराशि प्राप्त हो गया है। जिसे तहसील प्रशासन के माध्यम से प्रभावित किसानों के खाते में भेजने का निर्देश दिया गया है। जल्द ही प्रभावित किसानों के खाते में धनराशि उपलब्ध हो जाएगी। बच्चालाल, एडीएम।
क्या कहते हैं किसान
जले पर नमक छिड़क रही है सरकार
चंदौली। सदर तहसील के असना गांव निवासी फौजदार सिंह ने बताया कि पांच एकड़ रकबे में बोई गई धान की फसल बारिश के चलते बर्बाद हो गई। वहीं पेशगी पर छह एकड़ में धान की फसल लगाया था। वह भी असमय बारिश के भेंट चढ़ गई। सरकार आपदाग्रस्त किसानों को एक हजार रुपये देकर जले पर नमक छिड़कने का काम कर रही है। इमिलिया गांव निवासी हरीश सिंह बताया कि बेमौसम बारिश के चलते करीब 20 एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई तथा गेंहूं की बुआई भी नहीं हो सकी। ऐसे में किसानों को एक हजार रुपये देकर अन्नदाताओं का अपमान किया जा रहा है।
बरहनी गांव निवासी विकास त्रिपाठी ने बताया कि बारिश से करीब दस एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई और खेत में पानी लगने से गेंहू की बुआई नहीं हुई। किसानों को उचित मुआवजे की आवश्यकता है। एक हजार रुपये देकर किसानों की उपेक्षा की जा रही है। जलालपुर गांव निवासी रामसागर सिंह ने बताया कि करीब चार एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। एक हजार रुपये से किसान एक बोरी डीएपी भी नहीं खरीद सकता। अच्छा होगा कि सरकार किसानों को उनके हाल पर छोड़ दे।