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नोटबंदी ः किसानों ने कोसा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Sat, 31 Dec 2016 01:05 AM IST
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जनसुनवाई में उपस्थित किसान।
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अखिल भारतीय किसान महासभा की ओर से शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और किसानों ने नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने पर गरीबों को हो रही समस्या के लिए पीएम को दोषी ठहराते हुए जमकर कोसा। किसानों ने कहा कि नोटबंदी की घोषणा हुए 50 दिन हो चुके हैं। बावजूद इसके जनता दुश्वारियों का सामना कर रही है।
इस मौके पर भाकपा माले नेता सुधाकर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालाधन व भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने का हवाला देते हुए 500 व 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए। यह फरमान जारी करते समय मोदी ने देशवासियों को यह भरोसा दिलाया था कि नोटबंदी के 50 दिन के बाद देश में खुशहाली आएगी और सबकुछ सामान्य हो जाएगा। कहा कि 50 दिन तो पूरे हो गए, लेकिन न तो खुशहाली आई और ना ही देश में हालात सामान्य हो सका है। अनिल पासवान ने कहा कि मजदूरी नहीं मिलने से गरीब तबका भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। इस मौके पर शशिकांत कुशवाहा, सरिता देवी, माधुरी देवी, सुचित राम, बचानू प्रसाद, चन्द्र कुमार, श्याम सुंदर, विजय विश्वकर्मा, मुंशी राम, मिठाई लाल आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता किस्मत यादव व संचालन शशिकांत सिंह ने किया।
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इस मौके पर भाकपा माले नेता सुधाकर यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कालाधन व भ्रष्टाचार पर नियंत्रण करने का हवाला देते हुए 500 व 1000 रुपये के नोट बंद कर दिए। यह फरमान जारी करते समय मोदी ने देशवासियों को यह भरोसा दिलाया था कि नोटबंदी के 50 दिन के बाद देश में खुशहाली आएगी और सबकुछ सामान्य हो जाएगा। कहा कि 50 दिन तो पूरे हो गए, लेकिन न तो खुशहाली आई और ना ही देश में हालात सामान्य हो सका है। अनिल पासवान ने कहा कि मजदूरी नहीं मिलने से गरीब तबका भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। इस मौके पर शशिकांत कुशवाहा, सरिता देवी, माधुरी देवी, सुचित राम, बचानू प्रसाद, चन्द्र कुमार, श्याम सुंदर, विजय विश्वकर्मा, मुंशी राम, मिठाई लाल आदि उपस्थित रहे। अध्यक्षता किस्मत यादव व संचालन शशिकांत सिंह ने किया।
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