इलिया। भगवान बुद्ध के बताए गए मार्ग का सनातन धर्म का गहरा लगाव है। इस देश की धरती ने महात्मा बुद्ध जैसे संत को पैदा किया। जिन्होंने पूरे विश्व को शांति का संदेश दिया। हमें उनके विचारों को अपनाने की जरूरत है। यह बातें घुुरहूपुर में बुधवार को आयोजित बौद्ध महोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने कही। उन्होंने कहा कि मानव जीवन में सोहबत और संगति का बड़ा प्रभाव होता है। सोहबत और संगति अच्छे हो तो विचार अच्छे होंगे। विश्व के 34 देशों ने भगवान बुद्ध के विचारों को अपनाया है। हम सबको भी उनके विचारों को अपनाकर जीवन को सार्थक बनाने की जरूरत है। कैबिनेट मंत्री ने बुद्ध स्थल घुुरहूपुर की खोज करने वाले सुशील त्रिपाठी को श्रद्धा सुमन अर्पित की। इसके साथ ही इस स्थल को पर्यटन के रूप में विकसित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 65 करोड़ के लंबित प्रोजेक्ट से विकास करने का लोगों को भरोसा दिलाया। विधायक कैलाश खरवार ने कहा कि भगवान बुद्ध ने हिंसा का रास्ता छोड़कर सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने का सिद्धांत बताया है। सारनाथ से आए भंते बुद्ध ज्योति ने बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि के उद्घोष और बुद्ध वंदना किया। उन्होंने कहा कि मानव को जीवन जीने की कला भगवान बुद्ध ने सिखायी। जिला पंचायत सदस्य दशरथ सोनकर ने जिला पंचायत निधि से बौद्ध स्थल घुुरहूपुर में 12 लाख देकर टीन की शीट और लाइट की व्यवस्था कराने की घोषणा की। इस दौरान पूर्व सांसद छोटे लाल खरवार, दशरथ सोनकर, श्यामजी सिंह, सुरेंद्र द्विवेदी, भंते धम्म प्रकाश, भंते आनंद, डॉ. बुद्ध प्रताप मौर्य आदि ने भी विचार व्यक्त किए।