{"_id":"662846573cbbd756aa0cf567","slug":"namo-drone-didi-yojna-chandrakala-devi-of-the-district-will-become-drone-didi-will-also-train-other-women-chandauli-news-c-189-1-svns1011-113706-2024-04-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Namo Drone didi Yojna:जिले की चंद्रकला देवी बनेंगी ड्रोन दीदी, अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित करेंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Namo Drone didi Yojna:जिले की चंद्रकला देवी बनेंगी ड्रोन दीदी, अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षित करेंगी
विज्ञापन
जनपद की महिलाएं भी अब ड्रोन उड़ाएंगी। नमो दीदी ड्रोन योजना के तहत महिलाओं को ड्रोन से खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें ड्रोन का ऋण भी किस्तों में देना होगा। यह जानकारी आजीविका मिशन की उपायुक्त श्वेता सिंह ने मंगलवार को दी।
बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चकिया की महिला स्वयं सहायता समूह की चंद्रकला देवी का चयन किया गया है। उन्हें ड्रोन भी उपलब्ध कराया गया है। चंद्रकला की मौजूदगी में समूह की अन्य महिलाओं को ड्रोन चलाने और आंशिक मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन की मदद से समूह की महिलाएं खेतों में कीटनाशक और दवाओं का छिड़काव कर सकेंगी। इसके अलावा फसल पर नजर भी रखेंगी।
एक लाख से अधिक आमदनी कर सकेंगी
आजीविका मिशन की उपायुक्त ने बताया कि ड्रोन से स्वयं सहायता समूह को हर महीने एक लाख रुपये से अधिक आमदनी होगी। जिले में 10 हजार के करीब स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनमें 12 हजार 290 महिलाएं हैं। चंद्रकला ने बताया कि ड्रोन से फसलों पर दवा, तरल यूरिया का छिड़काव करने के साथ फसलों की निगरानी की जाएगी। साथ ही मजदूरों की कमी की भरपाई में भी ड्रोन उपयोगी साबित होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चकिया की महिला स्वयं सहायता समूह की चंद्रकला देवी का चयन किया गया है। उन्हें ड्रोन भी उपलब्ध कराया गया है। चंद्रकला की मौजूदगी में समूह की अन्य महिलाओं को ड्रोन चलाने और आंशिक मरम्मत का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ड्रोन की मदद से समूह की महिलाएं खेतों में कीटनाशक और दवाओं का छिड़काव कर सकेंगी। इसके अलावा फसल पर नजर भी रखेंगी।
विज्ञापन
एक लाख से अधिक आमदनी कर सकेंगी
आजीविका मिशन की उपायुक्त ने बताया कि ड्रोन से स्वयं सहायता समूह को हर महीने एक लाख रुपये से अधिक आमदनी होगी। जिले में 10 हजार के करीब स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनमें 12 हजार 290 महिलाएं हैं। चंद्रकला ने बताया कि ड्रोन से फसलों पर दवा, तरल यूरिया का छिड़काव करने के साथ फसलों की निगरानी की जाएगी। साथ ही मजदूरों की कमी की भरपाई में भी ड्रोन उपयोगी साबित होगा।
विज्ञापन