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Chandauli News: जिला अस्पताल में त्वचा और आंख के ज्यादा मरीज
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चकिया जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीज की जांच करते चिकित्साकर्मी। संवाद
चकिया।
होली के बाद बृहस्पतिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। कई लोग रंगों की वजह से स्कीन और आंख से संबंधित दिक्कतों की शिकायत लेकर पहुंचे। फिजिशियन और नेत्र विशेषज्ञ ने उन्हें जांच कर आवश्यक परामर्श और दवाइयां दी।
सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही ओपीडी में चंदौली जनपद, बिहार के कुछ गांवों और आसपास के क्षेत्र से मरीजों का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर तक पंजीकरण, दवा और अन्य काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। फिजिशियन कक्ष और नेत्र विशेषज्ञ कक्ष के बाहर भी मरीज इंतजार करते नजर आए। फिजिशियन डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हाल के दिनों में प्रतिदिन 50–60 मरीज मौसम में बदलाव के कारण होने वाली बीमारियों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि रंगों से आंखों में हुई जलन और परेशानी वाले मरीजों का उपचार किया गया और बचाव संबंधी सलाह दी गई।सीएमएस डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है। होली के बाद अस्पताल में औसतन 516 मरीज पहुंचे, जिनमें 317 मरीज आभा एप के माध्यम से पंजीकृत हुए।
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होली के बाद बृहस्पतिवार को जिला संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई। कई लोग रंगों की वजह से स्कीन और आंख से संबंधित दिक्कतों की शिकायत लेकर पहुंचे। फिजिशियन और नेत्र विशेषज्ञ ने उन्हें जांच कर आवश्यक परामर्श और दवाइयां दी।
सुबह आठ बजे अस्पताल खुलते ही ओपीडी में चंदौली जनपद, बिहार के कुछ गांवों और आसपास के क्षेत्र से मरीजों का सैलाब उमड़ पड़ा। दोपहर तक पंजीकरण, दवा और अन्य काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं। फिजिशियन कक्ष और नेत्र विशेषज्ञ कक्ष के बाहर भी मरीज इंतजार करते नजर आए। फिजिशियन डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हाल के दिनों में प्रतिदिन 50–60 मरीज मौसम में बदलाव के कारण होने वाली बीमारियों की शिकायत लेकर आ रहे हैं।
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नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक विश्वकर्मा ने कहा कि रंगों से आंखों में हुई जलन और परेशानी वाले मरीजों का उपचार किया गया और बचाव संबंधी सलाह दी गई।सीएमएस डॉ. आरबी सिंह ने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों और दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था है। होली के बाद अस्पताल में औसतन 516 मरीज पहुंचे, जिनमें 317 मरीज आभा एप के माध्यम से पंजीकृत हुए।
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