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बदहाली व घाटे में चल रहे चावल उद्योग को सहारे की जरूरत

Wed, 13 Oct 2021 12:48 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 13 Oct 2021 12:48 AM IST
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Loss-making rice industry needs support
सैयदराजा। प्रदेश में चावल उद्योग कृषि पर आधारित सबसे बड़ा उद्योग है। यह प्रदेश में रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभाता है किंतु वर्तमान में चावल उद्योग बदहाली की अवस्था व जबरदस्त घाटे में है। यदि शीघ्र चावल उद्योग की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो यह उद्योग समाप्त हो जाएगा। यह बातें पूर्वांचल राइस मिलर्स एसोसिएशन के जिला इकाई के राईस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव सिंह ने मंगलवार को क्षेत्र के एक स्कूल में आयोजित राइस मिल के मालिकों के साथ हुई बैठक में कहीं। उन्होंने चावल उद्योग में की रिकवरी प्रक्रिया की समस्या, धान कुटाई में प्रोत्साहन राशि बढ़ाना जाना, होल्डिंग चार्ज में अवधि बढ़ाने, विगत कई वर्षों का मिलर्स का विभिन्न एजेंसियों पर बकाए भुगतान की समस्या का समाधान किए जाने की मांग की। इस मौके पर विनोद पांडेय, नंदलाल मौर्य, राकेश कुमार, संतोष त्रिपाठी, ओम प्रकाश सिंह, नंदू गुप्ता, अशोक अग्रवाल, आनंद सिंह, मदन जायसवाल, महेंद्र गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, पप्पू गुप्ता, अनूप सिंह मौजूद रहे।
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