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Chandauli News: पानी के अभाव में नहीं चल रहे हैं कर्मनाशा नदी में लगे लिफ्ट कैनाल
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कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों के किसानों के सिंचाई का एकमात्र साधन कर्मनाशा नदी में लगे लिफ्ट कैनाल पानी के अभाव में नहीं चल पा रहे हैं। इससे अब तक बड़ी संख्या में किसानों की धान की नर्सरी नहीं पड़ पायी है तो वहीं जिन किसानों ने नर्सरी डाल दिया था।उनकी नर्सरी बर्बाद होने के कगार पर पहुंच गई है।
नर्सरी को बचाने के लिए अरंगी गांव के किसानों ने नदी में बेड़ा लगा कर लिफ्ट कैनाल को चलाने का प्रयास किया लेकिन उसके बाद भी लिफ्ट कैनाल नहीं चल पाया। इससे किसानों की समस्या और बढ़ गई है। कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों नौबतपुर, चारी, चिरईगांव, मुड्डा, धनाइतपुर,अरंगी,अदसड़, ककरैत और करौती गांव के किसानों की खेती कर्मनाशा नदी में लगे लिफ्ट कैनालों के भरोसे होती है, लेकिन वर्तमान समय में बारिश न होने के चलते नदी में पानी नहीं है। इससे लिफ्ट कैनाल नहीं चल पा रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में किसानों की धान की नर्सरी नहीं पड़ पाई है।वहीं जिन किसानों ने नर्सरी डाल भी दिया है। वे लिफ्ट कैनाल न चलने से अपनी नर्सरी भी नहीं बचा पा रहे हैं। इससे परेशान अरंगी गांव के किसानों ने बालू की बोरियों व मिट्टी की मेढ़ बना कर पानी को रोकने का प्रयास किया लेकिन उसके बाद भी लिफ्ट कैनाल नहीं चल पाया। किसानों का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में बढ़ाव नहीं हुआ तो धान की नर्सरी डालना व बचाना तो दूर की बात है पशु पक्षी भी पानी के लिए तरस जाएंगे।
नहीं हुई है टड़िया माइनर की सफाई
पानी के अभाव में किसान नहीं डाल पा रहे हैं बेहन
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र- 14 पीडीडीयू नगर। आषाढ़ मास में भीषण गर्मी से किसानों के खेतों में पानी अभाव में धान की नर्सरी नहीं डाली जा सकी। वहीं विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण माइनारो की खुदाई नहीं होने से खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है। कमोवेश यही हालात सरोई टाडिया माइनर का बना हुआ है। यहां चार दशक से माइनर की खुदाई नहीं होने से झाड़ झंखाड से पूरी तरह पट चुकी है।
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कृषि प्रधान जनपद में अषाढ मास में भी किसानों के खेतों में धूल उड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण अभी तक माइनरो की खुदाई नहीं होने से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कमोवेश यही हालत सहरोई टडिया माइनर का बना हुआ है। जहां लगतग डेढ़ सौ मीटर माइनर की खुदाई सरोई गांव के समीप चार दशक पूर्व से नहीं होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया है। खेतों में धूल उड़ रही है। किसानों के सामने पानी की समस्या सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी है। इस स्थिति में दर्जनों किसान पानी के अभाव में हाथ पैर हाथ धरे बैठे हैं और विभागीय अधिकारियों को कोष रहे हैं। इसको लेकर किसान रामनिवास मिश्रा, मिट्ठू लाल, ठाकुर मिश्रा, कमलाकर मिश्रा, अमित मिश्रा, केदार मिश्रा,दशरथ यादव,अनिल यादव,पारो मौर्य आदि किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए चेताया कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम लोग सड़क पर उतरने को बढ़ाते होंगे।
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नर्सरी को बचाने के लिए अरंगी गांव के किसानों ने नदी में बेड़ा लगा कर लिफ्ट कैनाल को चलाने का प्रयास किया लेकिन उसके बाद भी लिफ्ट कैनाल नहीं चल पाया। इससे किसानों की समस्या और बढ़ गई है। कर्मनाशा नदी के तटवर्ती गांवों नौबतपुर, चारी, चिरईगांव, मुड्डा, धनाइतपुर,अरंगी,अदसड़, ककरैत और करौती गांव के किसानों की खेती कर्मनाशा नदी में लगे लिफ्ट कैनालों के भरोसे होती है, लेकिन वर्तमान समय में बारिश न होने के चलते नदी में पानी नहीं है। इससे लिफ्ट कैनाल नहीं चल पा रहे हैं। इससे बड़ी संख्या में किसानों की धान की नर्सरी नहीं पड़ पाई है।वहीं जिन किसानों ने नर्सरी डाल भी दिया है। वे लिफ्ट कैनाल न चलने से अपनी नर्सरी भी नहीं बचा पा रहे हैं। इससे परेशान अरंगी गांव के किसानों ने बालू की बोरियों व मिट्टी की मेढ़ बना कर पानी को रोकने का प्रयास किया लेकिन उसके बाद भी लिफ्ट कैनाल नहीं चल पाया। किसानों का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में बढ़ाव नहीं हुआ तो धान की नर्सरी डालना व बचाना तो दूर की बात है पशु पक्षी भी पानी के लिए तरस जाएंगे।
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नहीं हुई है टड़िया माइनर की सफाई
पानी के अभाव में किसान नहीं डाल पा रहे हैं बेहन
संवाद न्यूज एजेंसी
सचित्र- 14 पीडीडीयू नगर। आषाढ़ मास में भीषण गर्मी से किसानों के खेतों में पानी अभाव में धान की नर्सरी नहीं डाली जा सकी। वहीं विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण माइनारो की खुदाई नहीं होने से खेतों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है। कमोवेश यही हालात सरोई टाडिया माइनर का बना हुआ है। यहां चार दशक से माइनर की खुदाई नहीं होने से झाड़ झंखाड से पूरी तरह पट चुकी है।
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कृषि प्रधान जनपद में अषाढ मास में भी किसानों के खेतों में धूल उड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों की मनमानी के कारण अभी तक माइनरो की खुदाई नहीं होने से किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कमोवेश यही हालत सहरोई टडिया माइनर का बना हुआ है। जहां लगतग डेढ़ सौ मीटर माइनर की खुदाई सरोई गांव के समीप चार दशक पूर्व से नहीं होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाना मुश्किल हो गया है। खेतों में धूल उड़ रही है। किसानों के सामने पानी की समस्या सुरसा की तरह मुंह बाए खड़ी है। इस स्थिति में दर्जनों किसान पानी के अभाव में हाथ पैर हाथ धरे बैठे हैं और विभागीय अधिकारियों को कोष रहे हैं। इसको लेकर किसान रामनिवास मिश्रा, मिट्ठू लाल, ठाकुर मिश्रा, कमलाकर मिश्रा, अमित मिश्रा, केदार मिश्रा,दशरथ यादव,अनिल यादव,पारो मौर्य आदि किसानों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए चेताया कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो हम लोग सड़क पर उतरने को बढ़ाते होंगे।