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Chandauli News: पांच साल में तीन विभागों को 10 बार भेजे पत्र लेकिन एक बार भी नहीं पकड़े गए बंदर

Sat, 31 Jan 2026 01:38 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 31 Jan 2026 01:38 AM IST
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Letters were sent to three departments 10 times in five years, but the monkeys were not caught even once.
पीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर में घुसने का प्रयास करता बंदर। संवाद - फोटो : जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे।
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर बंदरों का उत्पाद बढ़ता जा रहा है। पिछले दो महीने में 10 से ज्यादा यात्रियों पर हमला कर चुके हैं। रेलवे ने पांच साल में वन विभाग, नगर पालिका और जिला प्रशासन को पत्र 10 बार पत्र भेज चुका है लेकिन एक बार भी बंदर नहीं पकड़े गए। रेलवे प्रशासन भी अपने स्तर से कोई कदम नहीं उठा रहा। विभागों की खींचतान में यात्री और रेल कर्मचारी परेशान हो रहे हैं।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से रोजाना 275 यात्री ट्रेनें गुजरती हैं और 25 से 30 हजार यात्री आते-जाते हैं। स्टेशन पर बंदरों के कारण यात्रियों के साथ रेलकर्मी भी असुरक्षित महसूस करते हैं। बंदरों का कुनबा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस समय तीन से चार सौ बंदर पूरे स्टेशन परिसर में उत्पात मचाते रहते हैं। यात्रियों का सामान छीनने के साथ हमला भी कर देते हैं। दो महीने में 10 से ज्यादा यात्रियों पर हमला कर चुके हैं। वहीं, एक वर्ष में 50 से ज्यादा यात्री बंदरों के हमले के शिकार हो चुके हैं।
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रेल प्रशासन ने कई बार बंदरों को भगाने की योजना बनाई गई लेकिन सफलता नहीं मिली। रेलवे के अधिकारी पांच साल में 10 बार नगर पालिका, जिला प्रशासन और वन विभाग को पत्र भेज चुके हैं लेकिन एक भी कार्रवाई नहीं हुई। स्टेशन अधीक्षक एसके सिंह ने बताया कि 10 दिन पहले वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया तो बताया गया कि बंदर पकड़ने का काम नगर पालिका करेगी। इसके बाद नगर पालिका के ईओ से फोन पर वार्ता की और उन्होंने आश्वासन दिया है लेकिन अभी तक कोई टीम नहीं आई।
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कोट-
रेलवे स्टेशन से बंदरों को हटाने के लिए वन विभाग, जिला प्रशासन और नगर पालिका को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। बंदरों को पकड़ कर जंगलों में छोड़ने का प्रयास किया जाएगा। - विश्वनाथ, जनसंपर्क अधिकारी, पीडीडीयू मंडल

कोट-
रेलवे स्टेशन की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की है। फिर भी वन विभाग से समन्वय बनाकर जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। - राजीव मोहन सक्सेना, ईओ, पीडीडीयू नगर


केस: 1 - 19 जनवरी को पीडीडीयू नगर के ओड़वार निवासी विनीत कुमार (15) अपने बड़े भाई को ट्रेन पर बैठाने के लिए आया था। वह टिकट लेने के लिए काउंटर लाइन में लग गया। इस बीच एक बंदर ने विनीत पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया।

केस: 2 - 17 जनवरी को पीडीडीयू जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में नगर निवासी युवक सुनील केसरी पहुंचे थे। बंदर ने दौड़ा कर सुनील पर हमला कर दिया, जिससे वह घालय हो गए। राजकीय महिला अस्पताल में उनका इलाज कराया गया।

केस: 3 - 16 जनवरी को बिहार निवासी पति-पत्नी ट्रेन से उतरकर सर्कुलेटिंग एरिया में पहुंचे थे। इसी बीच एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। महिला गिरने से चोटिल हो गई। वहीं, उसके पति को बंदर ने गंभीर रूप से घायल कर दिया।



इनसेट-
स्टेशन परिसर में फैलाते हैं गंदगी
एक तरफ रेल प्रशासन स्टेशन को साफ-सुथरा बनाने पर जोर दे रहा है। दूसरी तरफ बंदर स्वच्छता की कवायद पर पानी फेर देते हैं। वे कूड़ेदान से कचरा बिखेर देते हैं तो तोड़-फोड़ भी करते हैं। इससे अधिकारी परेशान रहते हैं।

पीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर में घुसने का प्रयास करता बंदर। संवाद

पीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटर में घुसने का प्रयास करता बंदर। संवाद- फोटो : जिले में निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस-वे।

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