{"_id":"c1ed002b55f2fd68a7e568063eee714e","slug":"known-about-the-workings-of-the-military-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेना की कार्यप्रणाली के बारे में जाना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेना की कार्यप्रणाली के बारे में जाना
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Sat, 05 Sep 2015 02:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुलहीपुर स्थित सनबीम स्कूल के छात्र शुक्रवार को भी शैक्षणिक भ्रमण पर वाराणसी में रहे।
दूसरे दिन छात्र बीएचयू स्थित सेवन यूपी बटालियन में पहुंचे और सेना में भर्ती की अर्हताओं के साथ विभिन्न अस्त्र शस्त्र के बारे में जानकारी ली।
बीएचयू एनसीसी बटालियन में एअर स्क्वाड्रन एनसीसी के कमांडिंग आफिसर सौरभ टंडन ने बताया कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले जोशीले नौजवानों को न केवल सेवा का अवसर देती है अपितु उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य भी प्रदान करती है।
उन्होंने छात्रों को एयर फोर्स में तरह-तरह की सेवाओं के बारे में बताया। कहा कि एअर क्राफ्ट और उसके पायलटों को युद्ध में लड़ाई के अलावा कार्मिशयल ट्रांसपोर्ट, सामान्य उड़ान, समुद्री सीमाओं में तैनाती एवं प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव आदि कार्यों को भी करना पड़ता है।
चेकोस्लोवाकिया में निर्मित एयर क्राफ्ट के बारे में जानकारी देते हुए कमांडिंग आफीसर ने छात्रों को उसकी तकनीकी विशेषताओं के साथ लेन को कंट्रोल करने, विमान के उड़ान भरने एवं नीचे उतरने तथा विमान को नियंत्रित करने में उसके पंखों का महत्व समझाया।
दूसरी तरफ एक अन्य कार्यक्रम में दुलहीपुर स्थित विद्यालय प्रांगण में बीएचयू के वाणिज्य संकाय प्रमुख प्रो. वीके सिंह ने वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को विषय का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे सही संभावनाओं का तलाश कर उनको पूरा करने की चुनौती लेते हुए आगे बढ़ें। अपनी क्षमता को पहचान कर मौजूद अवसरों में से अपने लिए सही का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिए और हममें आगे बढ़ने की ललक होनी चाहिए।
हमारी सोच का हमारे वर्तमान और भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने वाणिज्य संकाय के बच्चों को इस क्षेत्र में मौजूद अवसरों जैसे चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, वित्तीय विश्लेषक एवं सलाहकार आदि के बारे में जानकारी दी ।
विज्ञापन
दूसरे दिन छात्र बीएचयू स्थित सेवन यूपी बटालियन में पहुंचे और सेना में भर्ती की अर्हताओं के साथ विभिन्न अस्त्र शस्त्र के बारे में जानकारी ली।
बीएचयू एनसीसी बटालियन में एअर स्क्वाड्रन एनसीसी के कमांडिंग आफिसर सौरभ टंडन ने बताया कि राष्ट्रीय रक्षा अकादमी देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले जोशीले नौजवानों को न केवल सेवा का अवसर देती है अपितु उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य भी प्रदान करती है।
उन्होंने छात्रों को एयर फोर्स में तरह-तरह की सेवाओं के बारे में बताया। कहा कि एअर क्राफ्ट और उसके पायलटों को युद्ध में लड़ाई के अलावा कार्मिशयल ट्रांसपोर्ट, सामान्य उड़ान, समुद्री सीमाओं में तैनाती एवं प्राकृतिक आपदाओं के समय राहत एवं बचाव आदि कार्यों को भी करना पड़ता है।
चेकोस्लोवाकिया में निर्मित एयर क्राफ्ट के बारे में जानकारी देते हुए कमांडिंग आफीसर ने छात्रों को उसकी तकनीकी विशेषताओं के साथ लेन को कंट्रोल करने, विमान के उड़ान भरने एवं नीचे उतरने तथा विमान को नियंत्रित करने में उसके पंखों का महत्व समझाया।
दूसरी तरफ एक अन्य कार्यक्रम में दुलहीपुर स्थित विद्यालय प्रांगण में बीएचयू के वाणिज्य संकाय प्रमुख प्रो. वीके सिंह ने वाणिज्य संकाय के विद्यार्थियों को विषय का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि युवाओं को चाहिए कि वे सही संभावनाओं का तलाश कर उनको पूरा करने की चुनौती लेते हुए आगे बढ़ें। अपनी क्षमता को पहचान कर मौजूद अवसरों में से अपने लिए सही का चयन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी सोच सकारात्मक होनी चाहिए और हममें आगे बढ़ने की ललक होनी चाहिए।
हमारी सोच का हमारे वर्तमान और भविष्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने वाणिज्य संकाय के बच्चों को इस क्षेत्र में मौजूद अवसरों जैसे चार्टर्ड एकाउंटेंट, कंपनी सेक्रेटरी, वित्तीय विश्लेषक एवं सलाहकार आदि के बारे में जानकारी दी ।