UP: युद्ध की मार...खाड़ी देशों में नहीं भेज पा रहे पूर्वांचल की सब्जियां, छह लाख से ज्यादा का नुकसान; परेशानी
Iran Israel War: संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह, कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में निर्यात होता है। खाड़ी देशों का सब्जी निर्यात ठप होने से परेशानियां बढ़ गई हैं। एक महीने से बंद निर्यात के कारण कारोबार टूटा हुआ है। वाराणसी एयरपोर्ट से भी उड़ानें बाधित हैं।
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Chandauli News: ईरान-इस्राइल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के चलते पूर्वांचल का सब्जी कारोबार गहरे संकट में आ गया है। खाड़ी देशों को भेजी जाने वाली सब्जियों का निर्यात पिछले एक महीने से ठप पड़ गया है। 28 फरवरी से शुरू हुई इस बाधा से चंदौली, बनारस, आजमगढ़, मिर्जापुर और सोनभद्र समेत पूर्वांचल के नौ जिलों के 20-25 व्यापारियों को अब तक छह लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
व्यापारियों के अनुसार, वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से नियमित रूप से सब्जियों का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात के शारजाह, कतर और बहरीन जैसे खाड़ी देशों में किया जाता था लेकिन युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और कार्गो व्यवस्था पर असर पड़ा है। इससे निर्यात पूरी तरह बंद हो गया है। चंदौली, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों से हरी मिर्च, परवल, बोड़ा, बैंगन सहित अन्य मौसमी सब्जियां खरीदकर विदेश भेजी जाती थीं।
एक दिन में दो से तीन टन तक सब्जियां कार्गो के जरिये खाड़ी देशों में भेजीं जाती थीं जबकि सप्ताह में तीन दिन मिलाकर करीब छह टन निर्यात होता था। बबुरी के व्यापारी आशीष कुमार बताते हैं कि सामान्य दिनों में उन्हें सप्ताह में करीब 30 हजार रुपये और महीने में एक लाख रुपये तक का लाभ होता था लेकिन वर्तमान हालात में कारोबार पूरी तरह ठप है और लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पैसेंजर उड़ानों को प्राथमिकता मिलने से कार्गो स्पेस कम
व्यापारियों का कहना है कि ईरान, इस्रराइल और अमेरिका के बीच जारी तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पैसेंजर उड़ानों को प्राथमिकता मिलने से कार्गो स्पेस कम हो गया है। इससे सब्जियों का निर्यात बंद हो गया।
किसानों पर भी पड़ा असर
निर्यात बंद होने का असर केवल व्यापारियों तक सीमित नहीं है बल्कि उन किसानों पर भी पड़ा है जो अपनी उपज इन व्यापारियों को बेचते थे। मांग घटने से किसानों को सब्जियों का उचित दाम नहीं मिल पा रहा है। इससे उनकी आय प्रभावित हो रही है।
ईरान-इस्रराइल और अमेरिका के युद्ध की वजह से व्यापारी खाड़ी देशों में सब्जियां नहीं भेज पा रहे हैं। इस वजह से हमारे साथ-साथ उन किसानों का भी नुकसान है जो हमे सब्जी बेचते हैं। पांच वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है जब निर्यात ठप हो गया है। - आशीष कुमार, सब्जी व्यवसायी, चंदौली
वाराणसी एयरपोर्ट से पूर्वांचल के 20-25 व्यापारी सब्जियां खाड़ी देशों में भेजते हैं। युद्ध की वजह से 28 फरवरी से ही सब्जियों का निर्यात ठप है। अभी तक एयरलाइंस से यह सूचना भी नहीं मिली है कि दोबारा निर्यात कब शुरू हो सकेगा। - अमित चिकारा, कस्टम हाउस एजेंट