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बदलती जीवनशैली से बढ़ रही स्लीप एप्निया की बीमारी

Thu, 24 Feb 2022 12:35 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 12:35 AM IST
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If you snore while sleeping, then be careful
चंदौली। खर्राटा भरने की समस्या को चिकित्सकीय भाषा में स्लीप एप्निया कहते हैं। पहले यह बीमारी 50 साल से अधिक उम्र वालों में देखने को मिलती थी, लेकिन अब लगभग हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आते जा रहे हैं। चिकित्सकों की माने तो इसमें आने वाले मरीजों में 18 से 40 साल के उम्र के लोग भी हैं। चिकित्सकों के अनुसार बदलती जीवन शैली इसकी मुख्य वजह है। समय से इसका इलाज शुरू कर दिया जाए तो इससे बीमारी से राहत मिल सकती है।
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स्लीप एपनिया एक ऐसी बीमारी है जो काफी गंभीर है। लंबे समय तक इस बीमारी का बने रहना और इलाज नहीं करवाना आपकी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता हैं। इस बीमारी में ब्रीदिंग डिसऑर्डर की समस्या होती है।
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स्लीप एप्निया में सोते वक्त बार-बार सांस रुकती और चलती है। खतरनाक बात ये है कि इसमें नींद में ही सांस रुक जाती है और व्यक्ति को पता भी नहीं चलता है।कई बार झटके से सांस आती है और नींद टूट जाती है। इस बीमारी के शिकार लोगों के दिमाग में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जिससे कई और समस्याएं पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है। जानते हैं स्लीप एपनिया की वजह से कौन सी समस्याएं हो सकती हैं। फिजीशियन डॉ आर के वर्मा ने बताया कि स्लीप एपनिया भले ही एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका इलाज संभव हैं। इस बीमारी में पीठ के बल सोने पर तेज खर्राटे आते हैं। ऐसे में आपको करवट से सोना चाहिए।इसके इलाज में कई बार एक ऐसा माउथपीस लगाया जाता है। जिससे जबड़े पर दबाव पड़ता है।कई मामलों में सर्जरी की जाती है। कुछ इलाज के तरीके में एक ऐसे डिवाइस का यूज किया जाता है जिससे सोते समय आपके वायुमार्ग खुला रह सकते हैं।अगर आपको नींद में सांस रुकने के जैसा या फिर दिनभर थकान और चिड़चिड़ापन रहता है, तो आपको तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
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जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ संजय कुमार ने बताया कि ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया गंभीर बीमारी है। पीड़ित व्यक्ति को दिनभर थकान, आलस और नींद आने की समस्या रहती है। स्लीप एपनिया के पीड़ित व्यक्ति की सर्जरी में भी परेशानी होती है। एनेस्थीसिया देने के बाद इन्हें सांस लेने में दिक्कतें बढ़ सकती हैं।ऐसे लोगों को कई बार काम करते वक्त, ड्राइविंग करते वक्त या टीवी देखते-देखते अचानक से नींद आ सकती है। जिन लोगों को ये बीमारी होती है उन्हें ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल आती है. खासतौर से बच्चों को इससे पढ़ाई में दिक्कत होती है। इस बीमारी में आपके खून में ऑक्सीजन लेवल में कमी आने लगती है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।ब्लड प्रेशर बढ़ने से कार्डियो सिस्टम पर जोर पड़ता है। स्लीप एपनिया से पीड़ित ज्यादातर लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या होती है।ब्लड प्रेशर की समस्या से ऐसे लोगों में हार्ट से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया के मरीज हैं तो आपको हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। इस बीमारी में हार्ट बीट असामान्य हो जाती है, जिससे कई बार ब्लड प्रेशर लो होने लगता है। स्लीप एपनिया के साथ-साथ अगर आपको हार्ट से जुड़ी बीमारी है, तो इसमें अचानक मौत का खतरा काफी बढ़ जाता है।
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