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स्वास्थ्य विभाग का खेल, वैक्सीन लगी नहीं, मिल गया प्रमाण पत्र
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पीडीडीयू नगर। कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्लॉट बुक करने के बाद बिना वैक्सीन लगे ही लोगों को वैक्सीन लग जाने का प्रमाण पत्र मिल जा रहा है। जिले में ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने वैक्सीन के लिए स्लॉट बुक किया। नियत तिथि और समय पर वैक्सीन लगवाने जा ही रहे थे कि उससे पहले उनके मोबाइल पर वैक्सीन लगने का प्रमाण पत्र आ गया। भारत सरकार के हेल्थ एंड वेलफेयर मंत्रालय की ओर से जारी इस प्रमाण पत्र में वैक्सीन लगवाने वाले का नाम, पता और आधार नंबर के साथ वैक्सीन लगाने का स्थान, तिथि, यूनिक हेल्थ आईडी, बेनिफिशियली रिफरेंश आइडी, लगाने वाले का नाम और सेंटर का नाम भी दिया गया है। लोग उक्त सेंटर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत करके थक चुके हैं पर उनकी कोई सुनने वाला नहीं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि अब उन्हें कैसे वैक्सीन लगेगी।
चहनियां ब्लॉक के कुरहना गांव के निवासी विरेंद्र राम(40) ने शुक्रवार को वैक्सीन लगवाने के लिए स्लॉट बुक कराया। उनको मैसेज आया कि सकलडीहा ब्लॉक स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, कुचमन पर बने टीकाकरण सेंटर पर शाम तीन बजे से छह बजे के बीच उनको वैक्सीन लगेगी। वे शाम चार बजे कुचमन के लिए रवाना हुए। अभी रास्ते में ही थे कि करीब 4:15 बजे के करीब उनके मोबाइल पर प्रमाण पत्र आ गया। जिसमें लिखा था कि आपको 23 जुलाई को वैक्सीन लग गई। लिखा था कि कोविशील्ड की पहली डोज आपको सेंटर पर सफलता देवी नाम की स्टॉप ने लगाया है। यह देखकर वे भौचक्के रह गए। समझ नहीं आया कि क्या करें। हालांकि वे उक्त सेंटर पर गए तो वहां की स्थिति सुनकर पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां मौजूद एएनएम ने बताया कि यहां तो पिछले एक महीने से वैक्सीन नहीं लग रही है। वहां से उनको स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के नंबर दिए गए। सबने आश्वासन दिया पर वैक्सीन आज तक नहीं लग पाई। वीरेंद्र ने बताया कि सरकार कह रही है कि लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं पर यह तो भारी धांधली चल रही है। पहले वैक्सीन लगवाने का मन बनाया था पर अब वो भी टूट गया है। सबसे बड़ी बात कि अब समझ नहीं आ रहा कि कैसे वैक्सीन लगेगी।
सकलडीहा ब्लॉक के रेवसा गांव के निवासी धमेंद्र यादव(32) वैक्सीन लगवाने के लिए शुक्रवार की सुबह ऑनलाइन सकलडीहा के कुचमन स्थित हेल्थ एंड वेलनेंट सेंटर स्थित टीकाकरण केंद्र का स्लॉट बुक किया। उनको भी वैक्सीन लगने का समय शाम तीन बजे से छह बजे तक बताया गया। धमेंद्र अभी टीकाकरण केंद्र जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उनके मोबाइल पर मैसेज आ गया कि सीट फुल हो गई है और आपको वैक्सीन लग गई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर लिखा था कि वैक्सीन कुचमन सेंटर पर 23 जुलाई को स्टॉप सफलता देवी ने लगाया है।प्रमाण पत्र में पहली खुराक की तारिख बैच नंबर, यूनिक हेल्थ आईडी, बेनिफिसियली रिफरेंस आईडी सब लिखा हुआ है। धमेंद्र को समझ नहीं आया कि क्या करें। लोगों के कहने पर सेंटर पर गए तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यहां तो 30-35 दिनों से वैक्सीन ही नहीं लग रही है। वहां के कर्मचारियों के कहने पर उन्होंने 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पर आश्वासन मिला अभी तक वैक्सीन नहीं लग पाई।
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स्वास्थ्य विभाग को जिले में 13 लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। जून से शुरू हुए टीकाकरण में अभी तक मात्र दो लाख 86 हजार लोगों को ही वैक्सीन लग पाई है। रोजाना एक सेंटर पर 2000 हजार लोगों को टीकाकरण का लक्ष्य है पर वैक्सीन के अभाव मात्र 100-150 लोगों को ही वैक्सीन लग पा रही है। पहले जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों पर वैक्सीन न लगवाने का आरोप लगाती थी वहीं अब आलम यह हो गया है कि रोजाना सैकड़ों लोग बिना वैक्सीन के ही सेंटर से वापस लौट रहे हैं। ऐेसे में सवाल यह है कि टीकाकरण का लक्ष्य पूरा हो पाएगा भी या नहीं।
गंगा महासभा, उत्तर प्रदेश के संयुक्त महामंत्री और पीडीडीयू नगर निवासी अजय उपाध्याय ने शुक्रवार की शाम छह बजे के करीब ट्वीटर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पीएमओ और चंदौली के जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए लिखा कि-‘माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, जनपद चंदौली में वैक्सीन लगी नहीं और प्रमाण पत्र जारी किया गया कि आपको वैक्सीन लग गयी। ये फर्जीवाड़ा चल रहा है। कृपया इस विषय पर ध्यान दें।’ ट्विटर के पोस्ट पर भले किसी मंत्री का रिप्लाई न आया हो पर विवेक राज पाल नाम के युवक ने रिप्लाई करते हुए लिखा-‘टारगेट पूरा करने के लिए कुछ भी कर सकती है सरकार, चुनाव जो है। झूठ भी बोलना है, इतने डोज लगे हैं’।
बात करने पर डिप्टी सीएमओ चंदौली डा. आरबी शरण ने बताया कि वैक्सीन के लिए सीट फुल होना कोई गंभीर मामला नहीं है। लेकिन वैक्सीन लगने से पहले वैक्सीन लगने का प्रमाण पत्र पोर्टल की गड़बड़ी की वजह से हुई है। जिनको ऐसी दिक्कत हुई है उनकी जांच कराकर उनके समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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चहनियां ब्लॉक के कुरहना गांव के निवासी विरेंद्र राम(40) ने शुक्रवार को वैक्सीन लगवाने के लिए स्लॉट बुक कराया। उनको मैसेज आया कि सकलडीहा ब्लॉक स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, कुचमन पर बने टीकाकरण सेंटर पर शाम तीन बजे से छह बजे के बीच उनको वैक्सीन लगेगी। वे शाम चार बजे कुचमन के लिए रवाना हुए। अभी रास्ते में ही थे कि करीब 4:15 बजे के करीब उनके मोबाइल पर प्रमाण पत्र आ गया। जिसमें लिखा था कि आपको 23 जुलाई को वैक्सीन लग गई। लिखा था कि कोविशील्ड की पहली डोज आपको सेंटर पर सफलता देवी नाम की स्टॉप ने लगाया है। यह देखकर वे भौचक्के रह गए। समझ नहीं आया कि क्या करें। हालांकि वे उक्त सेंटर पर गए तो वहां की स्थिति सुनकर पैरों तले जमीन खिसक गई। वहां मौजूद एएनएम ने बताया कि यहां तो पिछले एक महीने से वैक्सीन नहीं लग रही है। वहां से उनको स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के नंबर दिए गए। सबने आश्वासन दिया पर वैक्सीन आज तक नहीं लग पाई। वीरेंद्र ने बताया कि सरकार कह रही है कि लोग वैक्सीन नहीं लगवा रहे हैं पर यह तो भारी धांधली चल रही है। पहले वैक्सीन लगवाने का मन बनाया था पर अब वो भी टूट गया है। सबसे बड़ी बात कि अब समझ नहीं आ रहा कि कैसे वैक्सीन लगेगी।
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सकलडीहा ब्लॉक के रेवसा गांव के निवासी धमेंद्र यादव(32) वैक्सीन लगवाने के लिए शुक्रवार की सुबह ऑनलाइन सकलडीहा के कुचमन स्थित हेल्थ एंड वेलनेंट सेंटर स्थित टीकाकरण केंद्र का स्लॉट बुक किया। उनको भी वैक्सीन लगने का समय शाम तीन बजे से छह बजे तक बताया गया। धमेंद्र अभी टीकाकरण केंद्र जाने की तैयारी ही कर रहे थे कि उनके मोबाइल पर मैसेज आ गया कि सीट फुल हो गई है और आपको वैक्सीन लग गई है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर लिखा था कि वैक्सीन कुचमन सेंटर पर 23 जुलाई को स्टॉप सफलता देवी ने लगाया है।प्रमाण पत्र में पहली खुराक की तारिख बैच नंबर, यूनिक हेल्थ आईडी, बेनिफिसियली रिफरेंस आईडी सब लिखा हुआ है। धमेंद्र को समझ नहीं आया कि क्या करें। लोगों के कहने पर सेंटर पर गए तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यहां तो 30-35 दिनों से वैक्सीन ही नहीं लग रही है। वहां के कर्मचारियों के कहने पर उन्होंने 1076 पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। पर आश्वासन मिला अभी तक वैक्सीन नहीं लग पाई।
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स्वास्थ्य विभाग को जिले में 13 लाख लोगों के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है। जून से शुरू हुए टीकाकरण में अभी तक मात्र दो लाख 86 हजार लोगों को ही वैक्सीन लग पाई है। रोजाना एक सेंटर पर 2000 हजार लोगों को टीकाकरण का लक्ष्य है पर वैक्सीन के अभाव मात्र 100-150 लोगों को ही वैक्सीन लग पा रही है। पहले जहां स्वास्थ्य विभाग लोगों पर वैक्सीन न लगवाने का आरोप लगाती थी वहीं अब आलम यह हो गया है कि रोजाना सैकड़ों लोग बिना वैक्सीन के ही सेंटर से वापस लौट रहे हैं। ऐेसे में सवाल यह है कि टीकाकरण का लक्ष्य पूरा हो पाएगा भी या नहीं।
गंगा महासभा, उत्तर प्रदेश के संयुक्त महामंत्री और पीडीडीयू नगर निवासी अजय उपाध्याय ने शुक्रवार की शाम छह बजे के करीब ट्वीटर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पीएमओ और चंदौली के जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए लिखा कि-‘माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, जनपद चंदौली में वैक्सीन लगी नहीं और प्रमाण पत्र जारी किया गया कि आपको वैक्सीन लग गयी। ये फर्जीवाड़ा चल रहा है। कृपया इस विषय पर ध्यान दें।’ ट्विटर के पोस्ट पर भले किसी मंत्री का रिप्लाई न आया हो पर विवेक राज पाल नाम के युवक ने रिप्लाई करते हुए लिखा-‘टारगेट पूरा करने के लिए कुछ भी कर सकती है सरकार, चुनाव जो है। झूठ भी बोलना है, इतने डोज लगे हैं’।
बात करने पर डिप्टी सीएमओ चंदौली डा. आरबी शरण ने बताया कि वैक्सीन के लिए सीट फुल होना कोई गंभीर मामला नहीं है। लेकिन वैक्सीन लगने से पहले वैक्सीन लगने का प्रमाण पत्र पोर्टल की गड़बड़ी की वजह से हुई है। जिनको ऐसी दिक्कत हुई है उनकी जांच कराकर उनके समस्या का समाधान कराया जाएगा।