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Chandauli News: बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आ रही है सोलर प्लेट से ग्रीन एनर्जी
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चंदौली। नगर पंचायत स्थित कंपोजिट विद्यालय में बृहस्पतिवार को शैक्षिक संस्था ज्ञानालय की पहल पर सोलर पैनल लोकार्पण किया गया। इसका शुभारंभ इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एनर्जी कंजर्वेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय दुबे, प्रज्ञालय के संस्थापक धनंजय कुमार व नरेंद्र मोदी विचार मंच के मुख्य राष्ट्रीय सलाहकार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। वही विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
आईआईईसी के सीईओ संजय दुबे ने कहा कि लगातार ईंधन की खपत बढ़ने और बिजली की मांग बढ़ने से सौर ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। यह एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आ रही है। सोलर प्लेट से ग्रीन एनर्जी प्राप्त होती है। इसका कोई दुष्परिणाम नहीं है। कहा कि विद्यालय में सोलर पैनल लग जाने से अब बच्चों को स्मार्ट क्लास से पढ़ाई करने में बिजली की समस्या नहीं आएगी। इससे उनकी शिक्षा अनवरत जारी रहेगी। वही प्रज्ञालय के संस्थापक धनंजय कुमार ने कहा कि बच्चे प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं। हमें हमेशा प्रकृति से शिक्षा मिलती रहती है। बच्चे भी अधिकांश समय में प्रकृति से सीखते हैं। इससे उन्हें सीखने में आसानी भी होती है। कहा कि गतिविधियां वास्तव में प्रकृति से ही प्राप्त होती है। जो जीवन के लिए चरित्र का निर्माण करने में सहायक होती है। प्रकृति के संपर्क में आने से दीर्घकालिक लाभ होते हैं।
प्रकृति सिर्फ बौद्धिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक, सामाजिक व शारीरिक विकास को भी बढ़ावा देती है। बच्चे जन्मजात वैज्ञानिक होते हैं। उन्हें बाहर के दृश्य, सुगंध, ध्वनियों व बनावट का अनुभव काफी पसंद होता है। वही निर्मल वैद्य ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय ने बच्चों व उनके माता-पिता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है।
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शिक्षा का मूल उद्देश्य पाठ्य पुस्तकों व कक्षाओं से कहीं अधिक है। बच्चों को आवश्यक जानकारी कौशल व अवसर प्रदान करती है। इससे वे असमानता के बंधनों से मुक्त हो पाते हैं। इस मौके पर डायट प्रवक्ता डॉॅ. बैजनाथ पांडेय, एआरपी संदीप दूबे, सत्येंद्र शर्मा, सभासद रोशन यादव, प्रधानाध्यापक विजय शंकर सिंह, प्रज्ञालय की संयोजक प्रिया रघुवंशी, माया कुशवाहा, प्रीति शर्मा, विभा सिंह, सत्या गुप्ता, रजनी गुप्ता, गीतांजलि सिंह, नम्रता सिंह, सरोज सिंह, चंद्रावती मौर्या, चन्द्रकला, चंचल राय, वंदना राय मौजूद रहे। संचालन सुनील गुप्ता ने किया।
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आईआईईसी के सीईओ संजय दुबे ने कहा कि लगातार ईंधन की खपत बढ़ने और बिजली की मांग बढ़ने से सौर ऊर्जा की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। यह एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आ रही है। सोलर प्लेट से ग्रीन एनर्जी प्राप्त होती है। इसका कोई दुष्परिणाम नहीं है। कहा कि विद्यालय में सोलर पैनल लग जाने से अब बच्चों को स्मार्ट क्लास से पढ़ाई करने में बिजली की समस्या नहीं आएगी। इससे उनकी शिक्षा अनवरत जारी रहेगी। वही प्रज्ञालय के संस्थापक धनंजय कुमार ने कहा कि बच्चे प्रकृति की अनमोल धरोहर हैं। हमें हमेशा प्रकृति से शिक्षा मिलती रहती है। बच्चे भी अधिकांश समय में प्रकृति से सीखते हैं। इससे उन्हें सीखने में आसानी भी होती है। कहा कि गतिविधियां वास्तव में प्रकृति से ही प्राप्त होती है। जो जीवन के लिए चरित्र का निर्माण करने में सहायक होती है। प्रकृति के संपर्क में आने से दीर्घकालिक लाभ होते हैं।
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प्रकृति सिर्फ बौद्धिक ही नहीं बल्कि भावनात्मक, सामाजिक व शारीरिक विकास को भी बढ़ावा देती है। बच्चे जन्मजात वैज्ञानिक होते हैं। उन्हें बाहर के दृश्य, सुगंध, ध्वनियों व बनावट का अनुभव काफी पसंद होता है। वही निर्मल वैद्य ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय ने बच्चों व उनके माता-पिता पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है।
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शिक्षा का मूल उद्देश्य पाठ्य पुस्तकों व कक्षाओं से कहीं अधिक है। बच्चों को आवश्यक जानकारी कौशल व अवसर प्रदान करती है। इससे वे असमानता के बंधनों से मुक्त हो पाते हैं। इस मौके पर डायट प्रवक्ता डॉॅ. बैजनाथ पांडेय, एआरपी संदीप दूबे, सत्येंद्र शर्मा, सभासद रोशन यादव, प्रधानाध्यापक विजय शंकर सिंह, प्रज्ञालय की संयोजक प्रिया रघुवंशी, माया कुशवाहा, प्रीति शर्मा, विभा सिंह, सत्या गुप्ता, रजनी गुप्ता, गीतांजलि सिंह, नम्रता सिंह, सरोज सिंह, चंद्रावती मौर्या, चन्द्रकला, चंचल राय, वंदना राय मौजूद रहे। संचालन सुनील गुप्ता ने किया।