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Lock down 2.0 की वजह से दादा की मौत पर नहीं आ सके पोते, पट्टीदार ने किया अंतिम संस्कार

Tue, 21 Apr 2020 11:23 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Tue, 21 Apr 2020 11:23 PM IST
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Grandson could not come to the death of grandfather due to Lock down 2.0, Pattidar Performed funeral
अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

कोरोना संक्रमण की वजह से लागू लॉक डाउन में लोगों को अपनों का अंतिम दर्शन करना भी मुनासिब नही हो रहा है। चंदौली जिले के नौली (सरस्वतीपुर) गांव में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। बुजुर्ग की मौत के बाद लॉकडाउन में फंसे पोते नहीं पहुंच सके और पट्टीदारों ने शव का अंतिम संस्कार किया।

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क्षेत्र के सरस्वतीपुर (नौली) गांव निवासी किसान केशव तिवारी (75) पत्नी शारदा देवी के साथ रहते थे। केशव तिवारी का बड़ा बेटा श्याम शंकर नासिक में प्राइवेट कंपनी में काम करता है। छोटा बेटा चंदन उर्फ भैरव नोएडा में निजी कंपनी में है। पोता कृष्णकांत उर्फ भुआल कोलकाता में ट्रांसपोर्ट और दूसरा पोता धनंजय तिवारी पानीपत में निजी कंपनी में काम करते हैं।
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किडनी रोग से लंबे समय से बीमार चल रहे केशव तिवारी का शनिवार की रात निधन हो गया। बेटे और पोतों को सूचना दी गई।  देश में लागू लॉकडाउन की वजह बेटे और पोते नहीं पहुंच सके । रविवार की सुबह केशव के चचेरे भाई रामाश्रय के पुत्र पट्टीदार कृष्ण कुमार उर्फ गुड्डू तिवारी ने नौली गंगा घाट पर केशव के शव को मुखाग्नि दी। इस घटना के दो दिन बाद भी बेटे और पोते नहीं पहुंच सके।  

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