आग ने मचाया तांडवः घंटे भर बाद भी नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड, लाखों का सामान खाक; चार बकरियां मरीं
Chandauli News: आग लगने के बाद किसी तरह ग्रामीणों की मदद से तीनों परिवारों के घरों में कुएं से पानी खींचकर आग बुझाई गई। वहीं, उनके घरों में रखा कुछ सामान लोगों ने बाहर निकलवाया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आज की लपटें उठता देखकर घरों में रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया लोग किसी तरह जान बचाकर घर से बाहर निकले और अपने घरों में बंधे कुछ मवेशियों को बाहर निकाल लिया, लेकिन कुछ मवेशी आग की चपेट में आने से जलकर उनकी मौत हो गई।
लोगों ने तत्काल इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी, लेकिन सूचना के घंटे भर बाद भी मौके पर टीम नहीं पहुंची। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक गृहस्थी का सामान जलकर राख हो चुका था। महिलाओं और बच्चियों का रो-रोकर पूरी तरह से बुरा हाल था।
ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील व जिला प्रशासन से मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। बनरसिया गांव स्थित हरिजन बस्ती में गुरुवार की दोपहर अज्ञात कारणों से आग लग गई, जिसमें गांव के रामदुलार राम की दो मोटरसाइकिल दो साइकिल चलकर राख हो गई। मड़ई में बंधी एक गए झुलस गई।
वृद्धा झुलसी
रामदुलारे की पत्नी जीआछी (60) आग बुझाने में झुलस गई। वहीं, इसके अलावा पड़ोसी हेमराज की मई में बंधी चार बकरियों की आग की चपेट में आने से जलकर मौत हो गई। वहीं, 12 मन गेहूं सहित अन्य खाद्य सामग्री और साइकिल इत्यादि सामान जलकर खाक हो गए।
वहीं पड़ोसी राधे राम के घर में रखा टिल्लू इंजन पाइप बाइक साइकिल के साथ-साथ गृहस्थी का सामान भी पूरी तरीके से जलकर राख हो गया। इसके अलावा राधे राम की भी एक भैंस आग की चपेट में आकर झुलस गई।
हालांकि, आग लगने के बाद अब तीनों परिवार के लोग खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों को तहसील और जिला प्रशासन से उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है जिससे कि उनका जीविकोपार्जन हो सके।