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गंगा का पानी खेतों में पहुंचा
चंदौली ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Thu, 11 Aug 2016 01:15 AM IST
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गंगा में पानी बढ़ने से डूब रहा बलुआ श्मशान घाट।
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गंगा के जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से पानी बलुआ शमशान घाट तक पहुंच गया है। इसी तरह अन्य तटवर्ती गांवों के खेतों तक पानी पहुंचने लगा है। साथ ही कटान भी तेज गति से जारी है। उधर बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बुधवार की सुबह आठ बजे तक चौबीस घंटे में गंगा का जल स्तर 35 सेमी बढ़ा है।
पिछले दो तीन दिनों से हो रही बारिश का असर गंगा के जल स्तर में में दिख रहा है। बुधवार की सुबह गंगा का जल स्तर घाटों के ऊपर तक पहुंच गया है। चहनियां क्षेत्र में बलुआ गंगा घाट, तीरगांवां गंगा घाट पर पानी बढ़ने से तटों पर फूल माला व पूजन सामग्री की दूकानें सजाने वालों ने अपनी दूकानें हटानी शुरू कर दी है। यही नहीं गंगा का पानी बलुआ शमशान घाट तक पहुंचने से शव दाह करने वालों को दिक्कत शुरू हो गई है। इसी तरह नियामताबाद विकास खंड के कुंडाकला, कुंडा खुर्द, मवई कला, छेमिया, चहनियां विकास खंड के महरौड़ा, बलुआ, महुआरी, पूरा गनेश, पूरा विजयी, हसनपुर, मिश्रपुर सहित अन्य गांवों के खेतों में पानी दिख रहा है। मवई कला में ब्रह्मबाबा का मंदिर तट से पचास मीटर दूर रह गया है।
इसी तरह धानापुर इलाके के प्रसहटा, दीया, बुद्धपुर, नौघरा के सिवान तक पानी पहुंचने लगा है। इससे सबसे अधिक दिक्क्त पशुओं के चारे की हो गई है। किसानों ने गंगा के तटों पर पशु चारे की रोपाई की थी लेकिन पानी भर जाने की वजह से चारे की कटाई मुश्किल हो गई है। ऐसे में पशुओं का चारा न मिलने से किसान अपने मवेशियों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। ग्रामीणों की माने तो दो माह में गांव का जल स्तर तीस फीट तक बढ़ा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार गंगा में खतरे का निशान 71.26 मीटर है। बुधवार की सुबह पानी का स्तर 68. 52 मीटर रहा है। इस संबंध में एडीएम बीबी पांडेय ने बताया कि गंगा के बढ़ाव पर नजर रखी जा रही है।
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पिछले दो तीन दिनों से हो रही बारिश का असर गंगा के जल स्तर में में दिख रहा है। बुधवार की सुबह गंगा का जल स्तर घाटों के ऊपर तक पहुंच गया है। चहनियां क्षेत्र में बलुआ गंगा घाट, तीरगांवां गंगा घाट पर पानी बढ़ने से तटों पर फूल माला व पूजन सामग्री की दूकानें सजाने वालों ने अपनी दूकानें हटानी शुरू कर दी है। यही नहीं गंगा का पानी बलुआ शमशान घाट तक पहुंचने से शव दाह करने वालों को दिक्कत शुरू हो गई है। इसी तरह नियामताबाद विकास खंड के कुंडाकला, कुंडा खुर्द, मवई कला, छेमिया, चहनियां विकास खंड के महरौड़ा, बलुआ, महुआरी, पूरा गनेश, पूरा विजयी, हसनपुर, मिश्रपुर सहित अन्य गांवों के खेतों में पानी दिख रहा है। मवई कला में ब्रह्मबाबा का मंदिर तट से पचास मीटर दूर रह गया है।
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इसी तरह धानापुर इलाके के प्रसहटा, दीया, बुद्धपुर, नौघरा के सिवान तक पानी पहुंचने लगा है। इससे सबसे अधिक दिक्क्त पशुओं के चारे की हो गई है। किसानों ने गंगा के तटों पर पशु चारे की रोपाई की थी लेकिन पानी भर जाने की वजह से चारे की कटाई मुश्किल हो गई है। ऐसे में पशुओं का चारा न मिलने से किसान अपने मवेशियों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। ग्रामीणों की माने तो दो माह में गांव का जल स्तर तीस फीट तक बढ़ा है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार गंगा में खतरे का निशान 71.26 मीटर है। बुधवार की सुबह पानी का स्तर 68. 52 मीटर रहा है। इस संबंध में एडीएम बीबी पांडेय ने बताया कि गंगा के बढ़ाव पर नजर रखी जा रही है।
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