{"_id":"68bf2e144ac0dac48e0172e1","slug":"ganga-rises-towards-danger-mark-water-reaches-siwan-of-45-villages-chandauli-news-c-189-1-svns1012-136172-2025-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandauli News: खतरे के निशान ओर बढ़ी गंगा, 45 गांवों के सिवान तक पहुंचा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandauli News: खतरे के निशान ओर बढ़ी गंगा, 45 गांवों के सिवान तक पहुंचा पानी
विज्ञापन
जिले में गंगा फिर से रौद्र रूप में पहुंच गई हैं। तेजी से गंगा का जल स्तर बढ़ रहा है। सोमवार को गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया और खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है। वहीं उफनाई गंगा तटवर्ती इलाके के 45 गांवों के सिवान तक पहुंच गई है। श्मशान घाट, चेजिंग रूम डूब गए हैं।
तीसरी बार खेतों तक पानी पहुंचा तो खड़ी फसल बर्बाद होने की किसानों को चिंता सताने लगी है। बाढ़ के कारण टांडाकला मे घटवारी माता मंदिर तक पानी पहुंच गया है। वहीं पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा तट पर श्मसान घाट, चेंजिंग रूप आदि डूब चुके हैं।
इस वर्ष 2 अगस्त को ही गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु पार कर गई और इससे बाढ़ आ गई थी। 7 अगस्त से जलस्तर घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन 26 अगस्त से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा और 29 अगस्त को चेतावनी बिंदु को पार करते हुए खतरे के निशान तक पहुंच गया।
विज्ञापन
30 अगस्त से गंगा का जलस्तर कम होने लगा था, पर 5 सितंबर से फिर से पानी बढ़ने लगा। शनिवार रात 8 बजे तक जल स्तर 69.21 मीटर था, जो रविवार दोपहर तक 69.75 मीटर और शाम चार बजे तक 69.81 मीटर पर पहुंच गया।
सोमवार की दोपहर दो बजे तक गंगा का जल स्तर 70.40 मीटर पर पहुंच गया। वहीं शाम पांच बजे तक 70.46 मीटर तक पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदू से 20 सेमी उपर है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा 3 सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसे में मंगलवार को गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
इनसेट-
45 गांवों के खेतों पर मंडरा रहा फसल नष्ट होने का खतरा
चहनिया/ टांडाकला। गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण तटवर्ती 45 गांवों के खेतों की फसल के बर्बाद होने का खतरा मडरा रहा है। 3 अगस्त को आई बाढ़ के कारण महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुरा विजयी , पुरागणेन, चकरा, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर ,सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर आदि गांवों के खेतों में बाेई गई सब्जियां, ज्वार,बाजरा, अरहर, मूग एवं धान की रोपी गई फसलें और पशुओं का हरा चारा पानी में डूब जाने से किसानों व पशु पालकों को पशुओं के भोजन व चारे के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। अब धान की फसल तैयार होने लगी है। ऐसे में अब खेत में पानी पहुंची और फसल डूबी तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। संवाद
-- -- -- -- -- -- -- -
एक नजर
-- -- -- -- -- -- --
-चेतावनी बिंदु-- -70.26 मीटर
-- खतरे का निशान-- 71.26 मीटर
-अधिकतम बाढ़ बिंदु-- 73.90
-सोमवार को जलस्तर-- 70.46 मीटर
-- -- -- -- -- --
कोट--
चंदौली प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अगर कहीं भी बाढ़ आदि की स्थिति बनती है तो लोगों को डरने की जरूरत नहीं। प्रशासन उनके साथ है। कहीं कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लोगों को सभी प्रकार की मदद दी जाएगी।-चंद्रमोहन गर्ग, डीएम, चंदौली
विज्ञापन
तीसरी बार खेतों तक पानी पहुंचा तो खड़ी फसल बर्बाद होने की किसानों को चिंता सताने लगी है। बाढ़ के कारण टांडाकला मे घटवारी माता मंदिर तक पानी पहुंच गया है। वहीं पश्चिम वाहिनी बलुआ गंगा तट पर श्मसान घाट, चेंजिंग रूप आदि डूब चुके हैं।
विज्ञापन
इस वर्ष 2 अगस्त को ही गंगा का जल स्तर चेतावनी बिंदु पार कर गई और इससे बाढ़ आ गई थी। 7 अगस्त से जलस्तर घटने पर लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन 26 अगस्त से एक बार फिर जलस्तर बढ़ने लगा और 29 अगस्त को चेतावनी बिंदु को पार करते हुए खतरे के निशान तक पहुंच गया।
विज्ञापन
30 अगस्त से गंगा का जलस्तर कम होने लगा था, पर 5 सितंबर से फिर से पानी बढ़ने लगा। शनिवार रात 8 बजे तक जल स्तर 69.21 मीटर था, जो रविवार दोपहर तक 69.75 मीटर और शाम चार बजे तक 69.81 मीटर पर पहुंच गया।
सोमवार की दोपहर दो बजे तक गंगा का जल स्तर 70.40 मीटर पर पहुंच गया। वहीं शाम पांच बजे तक 70.46 मीटर तक पहुंच गया। यह चेतावनी बिंदू से 20 सेमी उपर है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंगा 3 सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसे में मंगलवार को गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएगी।
इनसेट-
45 गांवों के खेतों पर मंडरा रहा फसल नष्ट होने का खतरा
चहनिया/ टांडाकला। गंगा के बढ़ते जल स्तर के कारण तटवर्ती 45 गांवों के खेतों की फसल के बर्बाद होने का खतरा मडरा रहा है। 3 अगस्त को आई बाढ़ के कारण महुअर कला, हरधन जुड़ा, गंगापुर, पुरा विजयी , पुरागणेन, चकरा, हरधन जुड़ा, सोनबरसा, टांडाकला, महमदपुर ,सरौली, तीरगावां, हसनपुर, बड़गांवा, नादी निधौरा, सहेपुर, मुकुंदपुर आदि गांवों के खेतों में बाेई गई सब्जियां, ज्वार,बाजरा, अरहर, मूग एवं धान की रोपी गई फसलें और पशुओं का हरा चारा पानी में डूब जाने से किसानों व पशु पालकों को पशुओं के भोजन व चारे के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। अब धान की फसल तैयार होने लगी है। ऐसे में अब खेत में पानी पहुंची और फसल डूबी तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी। संवाद
एक नजर
-चेतावनी बिंदु
-अधिकतम बाढ़ बिंदु
-सोमवार को जलस्तर
कोट
चंदौली प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अगर कहीं भी बाढ़ आदि की स्थिति बनती है तो लोगों को डरने की जरूरत नहीं। प्रशासन उनके साथ है। कहीं कोई दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। लोगों को सभी प्रकार की मदद दी जाएगी।-चंद्रमोहन गर्ग, डीएम, चंदौली