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गंगा का दिखा रौद्र रूप, पहुंची खतरे के निशान के करीब
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पड़ाव के रतनपुर में गंगा के पानी में डूबा मकान। संवाद
- फोटो : CHANDAULI
पीडीडीयू नगर। गंगा का रौद्र रूप अब दिखने लगा है। प्रतिघंटे तीन सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर शुक्रवार की शाम आठ बजे तक 71.17 मीटर तक पहुंच गया। जो खतरे के निशान 71.26 मीटर से महज नौ सेंटीमीटर ही नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार की देर रात गंगा खतरे के निशान को पार कर जाएंगी और यही रफ्तार रही तो शनिवार को शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 71.83 मीटर तक पहुंच सकता है।
पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार की शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 70.50 मीटर था। जिसके बाद से ही प्रशासन की ओर से गंगा के तटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया था। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया था। उम्मीद थी कि गंगा का जलस्तर शुक्रवार को कम होगा। लेकिन शुक्रवार को भी जलस्तर बढ़ने की गति वही रही। शुक्रवार की शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 71.17 मीटर तक पहुंच गया जो खतरे के निशान 71.26 मीटर से महज नौ सेंटीमीटर ही नीचे है। बलुआ घाट और गंगा आरती स्थल के साथ श्मशान घाट को भी गंगा ने अपने आगोश में ले लिया। वहीं पड़ाव क्षेत्र के कई गांवों में गंगा का पानी पहुंच चुका है। कुुंडा खुर्द में गंगा कटान तेज हो गया है। गंगा के लगतार बढ़ते जलस्तर से प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अधिकारी समय समय पर गांवों में जाकर पड़ताल कर रहे हैं।
चंदौली। जिले में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए जिलाधिकारी संजीव सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिले की समस्त बाढ़ चौकियों का तत्काल निरीक्षण कर लिया जाए। वहां साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, खाद्य सामग्रीयों की पर्याप्त व्यवस्था की पड़ताल करें। पशुओं के लिए भी सुरक्षित स्थान, चारा पानी की पर्याप्त प्रबंध होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ के संभावना को देखते हुए बाढ़ क्षेत्र के गांवों में मुनादी कराने का निर्देश दिया। साथ ही बाढ़ क्षेत्र के अस्पतालों, बाढ़ चौकियों में आवश्यक दवाओं की व्यवस्था और स्वास्थ्य टीम की तैनाती का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को पहले से ही अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी उमेश मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी अजीतेंद्र नारायण उपस्थित रहे।
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पड़ाव।लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर ने शुक्रवार की सुबह क्षेत्र के रतनपुर गांव के कई घरों को अपनी जद में ले लिया। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव का सीवान डूब गया। रतनपुर के प्रकाश पटेल ने बताया कि उनके गांव की सड़क के दूसरी ओर तक गंगा का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से धान और चरी की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं क्षेत्र में चार बाढ़ चौकियां जलीलपुर पंचायत भवन, बहादुरपुर प्रथमिक विद्यालय, दुलहीपुर प्राथमिक विद्यालय, सहजौर प्राथमिक विद्यालय को बनाया गया है। वहीं पड़ाव क्षेत्र में नावों कि व्यवस्था भी कर दी गई है। यह जानकारी कानूनगो मनीष सिंह ने दी हैसंवाद
पीडीडीयू नगर। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने शुक्रवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि धान के कटोरा कहे जाने वाले चंदौली के किसानों पर बाढ़ के रूप में दोहरी आफत आन पड़ी है। किसान पहले से ही सिंचाई की समस्या से जूझ रहे थे। वहीं जिन्होंने किसी तरह अपनी फसल लगाई और खुद के पैसे से सिंचाई किया उनकी भी फसल बाढ़ में डूब गई है। ऐेसे में फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। सरकार से अनुरोध है कि जिले को सूखा घोषित करें जिससे किसानोंश को राहत मिले। पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि चंदौली को सूखे से बचाया जा सकता था, यहां पर दो बड़े लिफ्ट कैनाल नारायणपुर और भूपौली और दो दर्जन छोटे-छोटे लिफ्ट कैनाल बड़े-बड़े दो, तीन, बांध तथा कई छोटी बड़ी बंधिया अन्य कई सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं। चंदौली को दो तरफ से गंगा नदी और पुरब दक्षिण से कर्मनाशा नदी और बीच में चंद्रप्रभा नदी घेरे हुए है। इसके बाद भी प्रशासन की घोर लापरवाही से किसान सिंचाई से वंचित हैं।संवाद
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पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार की शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 70.50 मीटर था। जिसके बाद से ही प्रशासन की ओर से गंगा के तटवर्ती गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया था। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया था। उम्मीद थी कि गंगा का जलस्तर शुक्रवार को कम होगा। लेकिन शुक्रवार को भी जलस्तर बढ़ने की गति वही रही। शुक्रवार की शाम आठ बजे तक गंगा का जलस्तर 71.17 मीटर तक पहुंच गया जो खतरे के निशान 71.26 मीटर से महज नौ सेंटीमीटर ही नीचे है। बलुआ घाट और गंगा आरती स्थल के साथ श्मशान घाट को भी गंगा ने अपने आगोश में ले लिया। वहीं पड़ाव क्षेत्र के कई गांवों में गंगा का पानी पहुंच चुका है। कुुंडा खुर्द में गंगा कटान तेज हो गया है। गंगा के लगतार बढ़ते जलस्तर से प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। अधिकारी समय समय पर गांवों में जाकर पड़ताल कर रहे हैं।
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चंदौली। जिले में बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए जिलाधिकारी संजीव सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिले की समस्त बाढ़ चौकियों का तत्काल निरीक्षण कर लिया जाए। वहां साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, खाद्य सामग्रीयों की पर्याप्त व्यवस्था की पड़ताल करें। पशुओं के लिए भी सुरक्षित स्थान, चारा पानी की पर्याप्त प्रबंध होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से बाढ़ के संभावना को देखते हुए बाढ़ क्षेत्र के गांवों में मुनादी कराने का निर्देश दिया। साथ ही बाढ़ क्षेत्र के अस्पतालों, बाढ़ चौकियों में आवश्यक दवाओं की व्यवस्था और स्वास्थ्य टीम की तैनाती का निर्देश दिया। डीएम ने कहा कि बाढ़ क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को पहले से ही अन्य सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया जाए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी उमेश मिश्र, मुख्य विकास अधिकारी अजीतेंद्र नारायण उपस्थित रहे।
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पड़ाव।लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर ने शुक्रवार की सुबह क्षेत्र के रतनपुर गांव के कई घरों को अपनी जद में ले लिया। क्षेत्र के बहादुरपुर गांव का सीवान डूब गया। रतनपुर के प्रकाश पटेल ने बताया कि उनके गांव की सड़क के दूसरी ओर तक गंगा का पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से धान और चरी की फसल को नुकसान हुआ है। वहीं क्षेत्र में चार बाढ़ चौकियां जलीलपुर पंचायत भवन, बहादुरपुर प्रथमिक विद्यालय, दुलहीपुर प्राथमिक विद्यालय, सहजौर प्राथमिक विद्यालय को बनाया गया है। वहीं पड़ाव क्षेत्र में नावों कि व्यवस्था भी कर दी गई है। यह जानकारी कानूनगो मनीष सिंह ने दी हैसंवाद
पीडीडीयू नगर। पूर्व सांसद रामकिशुन यादव ने शुक्रवार को विज्ञप्ति जारी कर कहा कि धान के कटोरा कहे जाने वाले चंदौली के किसानों पर बाढ़ के रूप में दोहरी आफत आन पड़ी है। किसान पहले से ही सिंचाई की समस्या से जूझ रहे थे। वहीं जिन्होंने किसी तरह अपनी फसल लगाई और खुद के पैसे से सिंचाई किया उनकी भी फसल बाढ़ में डूब गई है। ऐेसे में फसल पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। सरकार से अनुरोध है कि जिले को सूखा घोषित करें जिससे किसानोंश को राहत मिले। पूर्व सांसद ने यह भी कहा कि चंदौली को सूखे से बचाया जा सकता था, यहां पर दो बड़े लिफ्ट कैनाल नारायणपुर और भूपौली और दो दर्जन छोटे-छोटे लिफ्ट कैनाल बड़े-बड़े दो, तीन, बांध तथा कई छोटी बड़ी बंधिया अन्य कई सिंचाई के साधन उपलब्ध हैं। चंदौली को दो तरफ से गंगा नदी और पुरब दक्षिण से कर्मनाशा नदी और बीच में चंद्रप्रभा नदी घेरे हुए है। इसके बाद भी प्रशासन की घोर लापरवाही से किसान सिंचाई से वंचित हैं।संवाद