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वन विभाग ने 170 बीघा जमीन कराई कब्जामुक्त
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नौगढ़। चकरघटृटा थाना क्षेत्र के सुखदेवपुर गांव में वनविभाग की 170 बीघा जमीन को वनकर्मियों ने मंगलवार को अतिक्रमणमुक्त कराया। गांव के रहने वाले 41 अतिक्रमणकारी तीन दशकों से कब्जा कर जमीन पर खेती-बारी कर रहे थे। वन विभाग की माने तो मुक्त कराई गई जमीन की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये है।
17 और 28 की तारीख को अतिक्रमण हटाओ अभियान के मद्देनजर डीएम संजीव सिंह के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार लालता प्रसाद के नेतृत्व में उड़ाका दल की टीम के साथ वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जमीन से अतिक्रमण हटाने के बाद टीम के सदस्यों ने सीमांकन की कारवाई कर पिलर लगा दिया। डीएफओ रामनगर ने बताया कि अब मुक्त कराई गई जमीन पर सामाजिक वानिकी योजना से पौधरोपण कर जंगल विकसित किया जाएगा। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के नौगढ़ रेंज के तहत गहिला दक्षिणी कंपार्टमेंट नंबर 18 में तीन दशक से गांव के ही 41 लोगों का कब्जा था। काफी दिनों से वन विभाग की जमीन पर वे खेती करते चले आ रहे थे। खेती करने के लिए उन्होंने पेड़-पौधों को काटकर खेतीयोग्य जमीन बना ली थी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रभागीय उड़नदस्ता के प्रभारी तारा शंकर यादव, वन क्षेत्राधिकारी मझगांई इमरान खान, वन क्षेत्राधिकारी जयमोंहनी रवि शंकर शर्मा के अलावा वन दरोगा गुरदेव सिंह, वीरेंद्र पांडेय, ओंकारनाथ शुक्ला सहित पुलिस, कई रेंजो के वनरक्षक व वाचर शामिल थे।
अभिलेखों में वन विभाग के 71 व 73 गाटा संख्या में जंगल है। करीब 30 वर्ष से इस जंगल की जमीन के कुछ हिस्से पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा किया हुआ था। इसके बाद करीब सात वर्ष पूर्व वन विभाग ने प्रशासन के समक्ष मामला उठाते हुए जमीन को कब्जा मुक्त करवाने की मांग की तो कुछ लोगों ने इस पर अपना मालिकाना हक बताया। विरोध होने पर जांच पड़ताल के बाद जमीन का रिकॉर्ड खंगाला गया तो आरक्षित वन क्षेत्र पाया गया।
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वन भूमि कब्जा करने वालों के विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 88 एकड़ कब्जे में ली गई जमीन पर अब पौध-रोपण कर जंगल विकसित किया जाएगा। दिनेश सिंह, डीएफओ, रामनगर
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17 और 28 की तारीख को अतिक्रमण हटाओ अभियान के मद्देनजर डीएम संजीव सिंह के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार लालता प्रसाद के नेतृत्व में उड़ाका दल की टीम के साथ वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जमीन से अतिक्रमण हटाने के बाद टीम के सदस्यों ने सीमांकन की कारवाई कर पिलर लगा दिया। डीएफओ रामनगर ने बताया कि अब मुक्त कराई गई जमीन पर सामाजिक वानिकी योजना से पौधरोपण कर जंगल विकसित किया जाएगा। काशी वन्य जीव प्रभाग रामनगर के नौगढ़ रेंज के तहत गहिला दक्षिणी कंपार्टमेंट नंबर 18 में तीन दशक से गांव के ही 41 लोगों का कब्जा था। काफी दिनों से वन विभाग की जमीन पर वे खेती करते चले आ रहे थे। खेती करने के लिए उन्होंने पेड़-पौधों को काटकर खेतीयोग्य जमीन बना ली थी। अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान प्रभागीय उड़नदस्ता के प्रभारी तारा शंकर यादव, वन क्षेत्राधिकारी मझगांई इमरान खान, वन क्षेत्राधिकारी जयमोंहनी रवि शंकर शर्मा के अलावा वन दरोगा गुरदेव सिंह, वीरेंद्र पांडेय, ओंकारनाथ शुक्ला सहित पुलिस, कई रेंजो के वनरक्षक व वाचर शामिल थे।
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अभिलेखों में वन विभाग के 71 व 73 गाटा संख्या में जंगल है। करीब 30 वर्ष से इस जंगल की जमीन के कुछ हिस्से पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा किया हुआ था। इसके बाद करीब सात वर्ष पूर्व वन विभाग ने प्रशासन के समक्ष मामला उठाते हुए जमीन को कब्जा मुक्त करवाने की मांग की तो कुछ लोगों ने इस पर अपना मालिकाना हक बताया। विरोध होने पर जांच पड़ताल के बाद जमीन का रिकॉर्ड खंगाला गया तो आरक्षित वन क्षेत्र पाया गया।
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वन भूमि कब्जा करने वालों के विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। 88 एकड़ कब्जे में ली गई जमीन पर अब पौध-रोपण कर जंगल विकसित किया जाएगा। दिनेश सिंह, डीएफओ, रामनगर