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Chandauli News: पीडीडीयू जंक्शन के मुख्य भवन में लगी आग
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पीडीडीयू नगर। पं दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के मुख्य भवन में स्थित सिग्नल एंड टेलिकाम (एसएंडटी) कार्यालय में बुधवार की सुबह शार्टसर्किट से आग लग गई। इससे स्टेशन के यात्री हाल में धुआं भर गया और अफरातफरी मच गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आधा घंटा की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बैटरी, केबल, यूपीएस और मशीनें जल गई हैं। डीआरएम ने भी स्थिति का जायजा लिया।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के मुख्य भवन में यात्री हाल के ऊपर स्टेशन अधीक्षक का कार्यालय है। इससे सटे ही सिग्नल एंड टेलीकाम ऑफिस है। बुधवार की सुबह आठ बजे के करीब सिग्नल ऑफिस रूम से धुआं निकलने लगा। पीछे ऑटो स्टैंड की तरफ खिड़की से और यात्री हाल की तरफ काला धुआं भरने लगा। इस पर यात्रियों में शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। काला धुआं पूरे यात्री हाल में भर गया।
आरपीएफ और जीआरपी ने यात्रियों को यात्री हाल बाहर निकाला। मुख्य अग्निशमन अधिकारी कुमार रमाशंकर तिवारी फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर आधे घंटे के प्रयास से आग बुझाई गई। एग्जास्ट फैन की मदद से यात्री हाल से काला धुआं बाहर निकाला गया।
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मंडल रेल प्रबंधक राजेश गुप्ता सहित मंडल स्तरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आग से मशीनें और केबल जले हैं। कितने का नुकसान हुआ है। इसका आकलन नहीं हो पाया है।
साल भर में चौथी बार लगी आग
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन सहित रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में शार्टसर्किट से अक्सर आग लगती रहती है। एक साल में अगलगी की यह चौथी घटना है। इसके बावजूद स्टेशन की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के पीछे सहायक सुरक्षा आयुक्त कार्यालय के समीप गलियारे में कबाड़ में आग लगी थी। आग बुझाने में आरपीएफ के दो जवान झुलस गए थे। चौबीस जून कती दोपहर स्टेशन के फुटओवर ब्रिज के नीचे केबल में शार्टसर्किट से आग लग थी। इससे एक घंटे तक पूरे स्टेशन की बिजली गुल रही और अफरातफरी मच गई थी। छह फरवरी को प्लेटफार्म संख्या तीन पर कोयला लदी मालगाड़ी के एक वैगन में आग लग गई। कर्मचारियों ने ओएचई की बिजली काटकर आग बुझाई थी। छह जून को प्लेटफार्म संख्या सात पर खड़ी कोयला लदी मालगाड़ी के वैगन में शाम साढ़े छह बजे आग लगने गई थी।
स्टेशन पर आग से बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं
तीन माह पहले सर्वे कर दी थी अधिकारियों को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। रेलवे स्टेशन पर आग से सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। डीआरएम ऑफिस में भी आग पर नियंत्रण पाने की व्यवस्था नहीं है। तीन माह पहले अग्निशमन विभाग ने रेलवे स्टेशन और कार्यालयों का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को नोटिस दिया था लेकिन अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर प्रतिदिन 110 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। रोजना 20 हजार यात्रियी आते-जाते हैं। डीआरएम ऑफिस में एक हजार से अधिक अधिकारी, कर्मचारी हैं। इसके अलावा कैरेज एंड वैगन केयर सेंटर, रेलवे यार्ड आदि हैं। अग्निशमन विभाग स्टेशन और डीआरएम ऑफिस को व्यवयायिक भवन मानता है। विभाग के अनुसार यहां फायर एलार्म, पर्याप्त मात्रा में अग्नि शमन यंत्र, हौज पाइप, पानी के लिए फ्लेंच आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। पर्याप्त फायर बॉल भी चाहिए। पीडीडीयू जंक्शन और डीआरएम आफिस में आग से बचाव के पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मुख्य अग्नि शमन अधिकारी कुमार रमाशंकर तिवारी ने कहा कि तीन माह पहले ही सर्वे किया गया था। रेलवे के अधिकारियों को नोटिस भी दिया गया। उन्होंने अग्निशमन के उपाय करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। मंडल जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन और डीआरएम ऑफिस में आग से बचाव के पर्याप्त उपाय किए गए हैं। फायर एलार्म और हौज पाइप आदि की व्यवस्था नई बिल्डिंग में होगी।
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पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के मुख्य भवन में यात्री हाल के ऊपर स्टेशन अधीक्षक का कार्यालय है। इससे सटे ही सिग्नल एंड टेलीकाम ऑफिस है। बुधवार की सुबह आठ बजे के करीब सिग्नल ऑफिस रूम से धुआं निकलने लगा। पीछे ऑटो स्टैंड की तरफ खिड़की से और यात्री हाल की तरफ काला धुआं भरने लगा। इस पर यात्रियों में शोर मचाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। काला धुआं पूरे यात्री हाल में भर गया।
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आरपीएफ और जीआरपी ने यात्रियों को यात्री हाल बाहर निकाला। मुख्य अग्निशमन अधिकारी कुमार रमाशंकर तिवारी फायर ब्रिगेड की टीम के साथ मौके पर आधे घंटे के प्रयास से आग बुझाई गई। एग्जास्ट फैन की मदद से यात्री हाल से काला धुआं बाहर निकाला गया।
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मंडल रेल प्रबंधक राजेश गुप्ता सहित मंडल स्तरीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आग से मशीनें और केबल जले हैं। कितने का नुकसान हुआ है। इसका आकलन नहीं हो पाया है।
साल भर में चौथी बार लगी आग
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन सहित रेलवे के विभिन्न कार्यालयों में शार्टसर्किट से अक्सर आग लगती रहती है। एक साल में अगलगी की यह चौथी घटना है। इसके बावजूद स्टेशन की बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय के पीछे सहायक सुरक्षा आयुक्त कार्यालय के समीप गलियारे में कबाड़ में आग लगी थी। आग बुझाने में आरपीएफ के दो जवान झुलस गए थे। चौबीस जून कती दोपहर स्टेशन के फुटओवर ब्रिज के नीचे केबल में शार्टसर्किट से आग लग थी। इससे एक घंटे तक पूरे स्टेशन की बिजली गुल रही और अफरातफरी मच गई थी। छह फरवरी को प्लेटफार्म संख्या तीन पर कोयला लदी मालगाड़ी के एक वैगन में आग लग गई। कर्मचारियों ने ओएचई की बिजली काटकर आग बुझाई थी। छह जून को प्लेटफार्म संख्या सात पर खड़ी कोयला लदी मालगाड़ी के वैगन में शाम साढ़े छह बजे आग लगने गई थी।
स्टेशन पर आग से बचाव के पर्याप्त संसाधन नहीं
तीन माह पहले सर्वे कर दी थी अधिकारियों को नोटिस
संवाद न्यूज एजेंसी
पीडीडीयू नगर। रेलवे स्टेशन पर आग से सुरक्षा के पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। डीआरएम ऑफिस में भी आग पर नियंत्रण पाने की व्यवस्था नहीं है। तीन माह पहले अग्निशमन विभाग ने रेलवे स्टेशन और कार्यालयों का निरीक्षण करने के बाद अधिकारियों को नोटिस दिया था लेकिन अग्नि सुरक्षा की व्यवस्था नहीं की गई।
पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर प्रतिदिन 110 से अधिक ट्रेनों का आवागमन होता है। रोजना 20 हजार यात्रियी आते-जाते हैं। डीआरएम ऑफिस में एक हजार से अधिक अधिकारी, कर्मचारी हैं। इसके अलावा कैरेज एंड वैगन केयर सेंटर, रेलवे यार्ड आदि हैं। अग्निशमन विभाग स्टेशन और डीआरएम ऑफिस को व्यवयायिक भवन मानता है। विभाग के अनुसार यहां फायर एलार्म, पर्याप्त मात्रा में अग्नि शमन यंत्र, हौज पाइप, पानी के लिए फ्लेंच आदि की व्यवस्था होनी चाहिए। पर्याप्त फायर बॉल भी चाहिए। पीडीडीयू जंक्शन और डीआरएम आफिस में आग से बचाव के पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
मुख्य अग्नि शमन अधिकारी कुमार रमाशंकर तिवारी ने कहा कि तीन माह पहले ही सर्वे किया गया था। रेलवे के अधिकारियों को नोटिस भी दिया गया। उन्होंने अग्निशमन के उपाय करने का अधिकारियों ने आश्वासन दिया है। मंडल जनसंपर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि रेलवे स्टेशन और डीआरएम ऑफिस में आग से बचाव के पर्याप्त उपाय किए गए हैं। फायर एलार्म और हौज पाइप आदि की व्यवस्था नई बिल्डिंग में होगी।