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Chandauli News: वित्तीय वर्ष पूरा, अमृत सरोवर के कार्य अभी अधूरे

Mon, 01 Apr 2024 06:29 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2024 06:29 AM IST
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Financial year completed, work of Amrit Sarovar still incomplete
पीडीडीयू नगर। वित्तीय वर्ष 2023-24 पूरा हो चुका है। जिले में चयनित 90 अमृत सरोवर से जुड़े सभी कार्य 31 मार्च तक पूरे हो जाने थे लेकिन अभी भी कई अमृत सरोवरों के कार्य अधूरे हैं। कहीं रैंप नहीं बने हैं तो कहीं घाट का पक्कीकरण व बिजली का कार्य नहीं हो सका है। इससे जिले में सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को पंख नहीं लग सके हैं। जिले के अधिकारियों का दावा है कि जिले में 259 तालाबों को अमृत सरोवर में तब्दील कर दिया गया है।
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जिले में वर्ष 2022 में अमृत सरोवर का निर्माण आरंभ कराया गया था। योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में तालाबों के सुंदरीकरण का कार्य कराया गया पर उसके बाद जस का तस छोड़ दिया गया। निर्माण की रफ्तार सुस्त होने के कारण कुछ गांवों को छोड़कर किसी भी गांव में निर्माण कार्य अभी पूरा नहीं हो सका है। जिस तालाब का सुंदरीकरण कराया गया है, वह भी देखरेख के अभाव में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। अधिकतर गांवों में सिर्फ मिट्टी का कार्य कराकर छोड़ दिया गया है। योजना की जब शुरुआत हुई तो काफी तेजी के साथ कार्य शुरू कराया गया, लेकिन धीरे-धीरे निर्माण सुस्त होता गया। अब आलम यह है कि तालाबों के किनारे रैंप न बनाए जाने के कारण पशुओं के हलक गर्मी में सूखते रहेंगे। लोगों के बैठने के लिए बेंच भी नहीं बनाए गए हैं और न ही प्रकाश की व्यवस्था की गई है। तस्वीरों में सरकार की ओर से अमृत सरोवर का जैसा मॉडल पेश किया गया था, जिले में उससे मिलता एक भी सरोवर देखने को नहीं मिल रहा है। इससे लोगों में मायूसी है।
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धन के अभाव में रुका पड़ा है सुंदरीकरण का कार्य

ताराजीवनपुर। शासन की ओर से भले ही अमृत सरोवर के रूप में तालाबों को चयनित कर सुंदरीकरण करने का फरमान जारी हुआ हो लेकिन हकीकत यह है कि धन के अभाव में सुंदरीकरण का कार्य अधर में लटका हुआ है। सकलडीहा विकासखंड के सराय पकवान गांव में बन रहे महाराणा प्रताप अमृत सरोवर की सिर्फ खोदाई ही हुई है। बसनी गांव में भी अमृत सरोवर की यही स्थिति है। विकास खंड चहनिया रूपरेखा गांव में चयनित अमृत सरोवर का भी कार्य अधर में लटका हुआ है। इस संबंध में सकलडीहा के खंड विकास अधिकारी केके सिंह ने बताया कि बजट के अभाव में कार्य अधर में लटके हुए हैं। बजट मिलते ही सभी कार्यों को पूर्ण कर लिया जाएगा।
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टांडाकला। क्षेत्र के मझीलेपुर ग्राम सभा में बनाया गया अमृत सरोवर गंदगी से पटा पड़ा है। सरोवर के किनारे ग्रामीणों ने उपले थाप रखे हैं। तालाब के चारों तरफ गंदगी फैली हुई है। पाथवे भी नहीं बनाया गया है। तालाब के किनारे केवल कुर्सियां व सोलर लाइटे लगाई गई हैं। तालाब में उतरने के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं लेकिन अन्य कार्य धन के अभाव में अधूरे हैं। ग्राम प्रधान नरेंद्र प्रसाद ने कहा कि जितना बजट मिला था उतना कार्य कराया गया है। केवल कुर्सियां लगाने व सीढ़ियां बनाने के लिए भुगतान किया गया था। धन मिलने पर अन्य विकास कार्य कराए जाएंगे।

कोट........

जिले में 259 तालाबों को अमृत सरोवर में तब्दील कर दिया गया है। इन तालाबों के किनारे सभी निर्माण पूरे कर लिए गए हैं। अन्य तालाबों को चिह्नित कर लिया गया है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद कार्य आरंभ करा दिए जाएंगे।


- एसएन श्रीवास्तव, मुख्य विकास अधिकारी।

चंदौली में वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन विभाग में भागदौड़ और आपाधापी की स्थिति रही। मात्र एक दिन में रविवार को वित्त विभाग में 29 करोड़ साल लाख रुपये का भुगतान किया गया। वित्तीय वर्ष के आखिरी दिन कार्यालयों में अधिकारी मौजूद रहे और कार्य निपटाते हुए देखे गए। खासकर बजट को लेकर ज्यादा आपाधापी रही। संवाद
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